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नयी दिल्ली। कोरोना वायरस के साथ सुपरबग कैंडिडा ऑरिस भी खतरनाक हो सकता है। मेडिकल साइंस के लिए यह बैक्टीरिया सुपरबग पिछले कुछ साल में एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। ऐसे में कोविड-19 का संक्रमण इसे और ज्यादा खतरनाक बना रहा है। मेडिकल जर्नल लांसेट में प्रकाशित स्टडी बताती है कि अगर ये सुपरबग इसी रफ्तार से फैलता गया तो इसके कारण हर साल 1 करोड़ लोगों की मौत हो सकती है।
सुपरबग खतरनाक पैथोजन (Pathogen) है, जिस पर दवा भी बेअसर हो जाती है। अस्पतालों से इसके फैलने की संभावना अधिक है क्योंकि अस्पतालों (hospitals) में मरीजों की भीड़-भाड़ बढ़ने से साफ-सफाई पर असर हुआ है। बता दें कि सुपरबग 9superbug) के चलते दुनिया भर में हर साल 13 लाख लोगों की जान जा रही है।
ऐसे फैलता है सुपरबग- This is how superbug spreads
सुपरबग एक से दूसरे इंसान के त्वचा संपर्क, घाव होने, लार और यौन संबंध (sexual relations) बनाने से फैलता है। एक बार सुपरबग के इंसान के शरीर में होने पर मरीज पर दवाएं असर करना बंद कर देती हैं। फिलहाल सुपरबग की कोई दवाई मौजूद नहीं है लेकिन सही तरीके अपना कर इसकी रोकथाम की जा सकती है।







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