











































प्रतीकात्मक
खान-पान में पौष्टिक और सेहतमंद खाद्य पदार्थों का चुनाव त्वचा की सेहत को शानदार बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। आल्मंड बोर्ड ऑफ कैलिफोर्निया की ओर से वित्त पोषित नए अध्ययन में पहला क्लिनिकल साक्ष्य पेश किया गया कि बादाम खाने से सूरज की अल्ट्रा वायलेट बी किरणों से बचाव के लिए त्वचा की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सकती है।
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजिल्स (यूसीएलए) के शोधकर्ताओं ने कहा कि क्या रोज बादाम खाने से यूवीबी किरणों से बचाव किया जा सकता है और स्किन को चमकदार बनाया जा सकता है।
|
|
|
लॉस एंजिल्स स्थित कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर ऑफ़ मेडिसिन, क्विनिकल न्यूट्रिशन डिविजन के चीफ और मुख्य जांचकर्ता डॉ. झाओपिंग ली, एमडी, पीएचडी, नेबताया कि इसी खास स्टडी में यह भी दिखाया गया कि 12 हफ्तों तक रोजाना कुछ बादाम खाने से एमईडी में सुधार आया, जो यूवीवी प्रतिरोध का मापक है। युवा एशियाई महिलाओं की एमईडी में सुधार देखा गया। इस अध्ययन के नतीजों से पता चला कि रोजाना अपने आहार में बादाम को शामिल कर हमें यूवीबी किरणों के खिलाफ स्किन के अंदरूनी सुरक्षा कवच को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।”
मेडिकल डायरेक्टरऔर कॉस्मेटोलॉजिसस्ट, डा. गीतिका मित्तल गुप्ता बताती हैं कि मैं सभी भारतीय महिलाओं को काफी दृढ़ता से यह सुझाव देती हूँ कि वह मुट्ठी भर बादाम को अपनी रोजाना की डाइट में शामिल करें। महिलाएँ अपनी स्किन को चमकदार बनाने के लिए जो भी उपाय अपना रही हैं, उसके अलावा उन्हें यह उपाय भी अपनाना चाहिए।”
दिल्ली के मैक्स हेल्थकेयर में डाइटेटिक्स विभाग की रीजनल हेड रितिका समद्दाके अनुसार “स्टडी के नतीजों से यह महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि रोजाना के भोजन में बादाम को शामिल करके पौष्टिक भोजन करने की आदत से यूवीबी एक्सपोजर के सामने अपनी त्वचा की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है।
न्यूट्रिशन और वेलनेस कंसलटेंट, शीला कृष्णस्वामी कहती हैं कि, “सेहत के अनगिनत लाभ हासिल करने के लिए रोजाना बादाम खाना सदियों से हमारी परंपरा का अंग रहा है। इससे दिल की सेहत तो अच्छी रहती ही है और स्किन भी चमकदार बनती है। भारत में महिलाओं को रोज के भोजन में बादाम की मात्रा बढ़ानी चाहिए और उन्हें अच्छी और चमकदार त्वचा के लिए रोजाना मुट्ठी भर बादाम खाना सुनिश्चित करना चाहिए।”
रोजाना बादाम खाने से युवा एशियाई महिलाओं के यूवीबी प्रतिरोध मे सुधार आया। इन महिलाओं ने करीब 12 हफ्ते तक रोजाना बादाम खाया था। इस नतीजे से यह संकेत मिलता है कि बादाम को अपने रोजाना के आहार में शामिल कर यूबीबी लाइट से त्वचा की अंदरूनी रूप से रक्षा करने में मदद मिल सकती है।







हुज़ैफ़ा अबरार June 07 2026 0 1526
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 1197
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 987
हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2026 0 826
हुज़ैफ़ा अबरार June 12 2026 0 784
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4431
एस. के. राणा January 20 2026 0 4305
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4277
एस. के. राणा January 13 2026 0 4193
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3955
एस. के. राणा February 01 2026 0 3605
एस. के. राणा February 04 2026 0 3514
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86623
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34441
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37642
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35217
लेख विभाग March 19 2022 0 34720
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72091
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने मुंबई में खसरे के मामलों में बढ़ोतरी का जायजा लेने क
सर्दियों के मौसम में बच्चों की सेहत का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। इस मौसम में सर्दी-जुखाम, खां
डॉ मंडाविया ने कहा कि टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट, यानी जांच, पहचान, उपचार, टीकाकरण और कोविड उपयुक्त व्यवहार
आज स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक फर्जी अस्पताल व दो पैथोलॉजी लैब को सील कर बड़ी कार्रवाई की है। वहीं
लखनऊ जोन सहित पूरे भारतवर्ष में विशाल रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया। सभी निरंकारी श्रृद्धालुओं न
बच्चों का गला और ऊपरी श्वसन तंत्र वयस्कों की तुलना में काफी छोटा होता है। ओमिक्रोन इसी हिस्से को सबस
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक, हाल में और इस साल राज्य में कोरोना से ये पहली दो मौतें हैं। न
जैसे हीं महिलाएं में मासिक धर्म आना बंद हो जाता है। वे मीनोपॉज की अवस्था में पहुँचती हैं। इसी के सा
भर्ती मरीज मीरा पांडेय उम्र लगभग 55 वर्ष के उपचार हेतु टी.बी. सप्रू हॉस्पिटल प्रयागराज के रक्तकोश द्
कोविड की उत्पत्ति महामारी की शुरुआत से ही विवाद का विषय बनी हुई है और इसके चलते चीन के पश्चिमी देशों

COMMENTS