देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

बढ़ती उम्र के साथ बढ़ रही हड्डियों की बीमारियाँ: डॉ जी पी गुप्ता

महिलाओं में मेनोपॉज के बाद हड्डियों की समस्याएं देखी जाती है। लगभग 45 साल की उम्र में जब मेनोपॉज होता है तब हार्मोनल बदलाव होता है जिसके कारण हड्डियां खोखली होने लगती है।

रंजीव ठाकुर
May 28 2022 Updated: May 29 2022 00:15
0 34712

लखनऊ। पुरुषों और महिलाओं में बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों को लेकर समस्या बढ़ती जाती है। महिलाओं को घुटनों में दर्द बना रहता है और अब अधिकांशतः हड्डियों का जाल कमजोर होने से आस्टियोपोरिसिस नामक बीमारी होने लगी है। पुरुषों में रीढ़ की हड्डी, कंधे और गर्दन में दर्द बना रहता है।

पुरुषों तथा महिलाओं में हड्डियों से सम्बन्धित होने वाले रोगों और उनके उपचार के लिए बलरामपुर अस्पताल (Balrampur Hospital) के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक आर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ जी पी गुप्ता ने हेल्थ जागरण को महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर दिए।

डॉ जी पी गुप्ता ने बताया कि महिलाओं में मेनोपॉज (menopause) के बाद हड्डियों की समस्याएं देखी जाती है। लगभग 45 साल की उम्र में जब मेनोपॉज होता है तब हार्मोनल बदलाव (hormonal changes) होता है जिसके कारण हड्डियां खोखली होने लगती है। लगभग हर महिला इस उम्र तक एक या दो बच्चों को जन्म दे चुकी होती है। बच्चों को हड्डियां मां से ही मिलती है और बच्चे को दूध पिलाने से मां के शरीर में कैल्शियम की कमी होती जाती है। कई बार महिलाएं कुपोषण (malnutrition) का शिकार भी होती है। पहले परिवार को खिलाने के बाद खुद खाती है और बच्चे को जन्म देना, उसे दूध पिलाना, इन सभी कारणों से महिलाओं में विटामिन (vitamins), मिनरल्स (minerals) इत्यादि की कमी होने लगती है और हड्डियों को लेकर समस्याएं देखने में आती हैं। इसके साथ ही महत्वपूर्ण बात है कि महिलाएं ज्यातातर जमीन पर बैठे हुए काम करती है जिससे घुटनों पर ज्यादा जोर पड़ता है। ये सब कारण है जिससे महिलाओं की हड्डियां (bones) कमजोर होने लगती है और दर्द शुरू हो जाता है। 

हेल्थ जागरण से बातचीत करते हुए डॉ जी पी गुप्ता ने महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां दी। उन्होंने बताया कि ज्यादातर महिलाएं घर में रहती है, सूरज की रोशनी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिलती है तो विटामिन डी (vitamin D) की कमी होने लगती है। इससे बचने के लिए धूप, दूध से बने पदार्थ और विटामिन डी, या कैल्शियम की गोलियां (calcium tablets) ली जा सकती है। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के लिए जागरूक होना होगा और परिवार के साथ खुद के स्वास्थ्य तथा पोषण का ध्यान रखना होगा। 

अक्सर देखा गया है कि महिलाएं व्यायाम (exercise) नहीं करती है तो मेनोपॉज के बाद उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि नियमित व्यायाम करें और अपने लिए भी पौष्टिक आहार ग्रहण करें। अगर फिर भी बीमारी बढ़ रही है तो इसके लिए दवाएं आती है जिनको लेने से शरीर में आवश्यक तत्वों की प्रतिपूर्ति हो जाती है। 

महिलाएं मेनोपॉज के बाद नियमित हड्डियों की जांच करवाती रहें और यदि आस्टियोपोरोसिस हो गया है तो जीवन भर सम्भाल कर चले, उठे बैठे, जिससे कि हड्डी टूटने का खतरा ना रहे, क्योंकि इस बीमारी के बाद हड्डियां जुड़ती नहीं है। दवाएं (Medicines) और इंजेक्शन दोनों आते हैं, लेकिन चिकित्सक के परामर्श से महीने या साल भर के लिए इलाज लिया जा सकता है।

पुरुषों की बात करें तो जीवनशैली तथा मोबाइल, कम्प्यूटर या कुर्सी पर बैठ कर काम करने से रीढ़ की हड्डी (spine), कंधे और गर्दन में दर्द बना रहता है। इसका प्रमुख कारण है कि जब आप ज्यादा समय तक अपने किसी भी ज्वाइंट या लिम्ब को अनयूजुअल रखतें हैं तो दर्द शुरू हो जाएगा। ऐसी पोजीशन से हड्डियों और मांसपेशियों पर प्रेशर बनता है। मोबाइल देखते समय शोल्डर, नेक और एल्बो अनयूजुअल पोजीशन में रहते हैं जो आगे चलकर बीमारी का कारण बनते हैं। इससे बचने के लिए मोबाइल इत्यादि का सीमित उपयोग करें। जितना जरूरी हो उतनी बात या काम करें और स्पीकर का इस्तेमाल करें। मांसपेशियों तथा कंधे, गर्दन और जोड़ों के लिए नियमित व्यायाम करें। इसके अलावा विटामिन डी, कैल्शियम की कमी होना, शुगर (sugar) बढ़ी होना, धूम्रपान (smoking) और शराब (smoking) का सेवन भी हड्डियों को कमजोर करता है। 

तो ये थे बलरामपुर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक (Medical Superintendent) डॉ जी पी गुप्ता जो आर्थोपेडिक विषय के विशेषज्ञ हैं। हेल्थ जागरण लगातार आपको स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दे रहा है। हेल्थ जागरण से नियमित रूप से जुड़े और लगातार नयी जानकारियां देखते रहें।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

धरती पर 99 फीसदी लोग बेहद प्रदूषित हवा में ले रहे साँस, हर साल लाखों लोगों की हो रही मौत: डब्ल्यूएचओ

धरती पर 99 फीसदी लोग बेहद प्रदूषित हवा में ले रहे साँस, हर साल लाखों लोगों की हो रही मौत: डब्ल्यूएचओ

हे.जा.स. April 06 2022 35320

दुनिया की लगभग पूरी आबादी ऐसी हवा में सांस ले रही है जो विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों की तुलना में

आयुर्वेद चिकित्सकों को ऑपरेशन की अनुमति देने पर आइएमए ने जताई कड़ी आपत्ति।

आयुर्वेद चिकित्सकों को ऑपरेशन की अनुमति देने पर आइएमए ने जताई कड़ी आपत्ति।

हे.जा.स. November 23 2020 22881

धिसूचना में 58 तरह के ऑपरेशन करने की आयुर्वेद चिकित्सकों को अनुमति दी गई है। इनमें आंख, कान, नाक, गल

बदलते मौसम में गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मरीज़ को बुखार और डिहाइड्रेशन कर सकता है परेशान, ऐसे रहें सावधान

बदलते मौसम में गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मरीज़ को बुखार और डिहाइड्रेशन कर सकता है परेशान, ऐसे रहें सावधान

लेख विभाग June 30 2022 30453

जब तापमान बढ़ रहा हो तो बुखार और डिहाइड्रेशन जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर ये स्थिति

एक बार फिर कोरोना संक्रमण की चपेट में दुनिया

एक बार फिर कोरोना संक्रमण की चपेट में दुनिया

एस. के. राणा April 14 2022 25803

दक्षिण कोरिया में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 148,443 नये मामले दर्ज किये गये हैं और इ

भारत में कोरोना महामारी कुछ दिनों की मेहमान

भारत में कोरोना महामारी कुछ दिनों की मेहमान

एस. के. राणा March 28 2022 32909

भारत में कोरोना संक्रमितों की घटती संख्या से लग रहा है कि कोरोना महामारी कुछ ही दिनों की मेहमान है।

डब्ल्यूएचओ ने मोटापे के इलाज में जीएलपी-1 दवाओं के उपयोग पर वैश्विक दिशानिर्देश जारी किए

डब्ल्यूएचओ ने मोटापे के इलाज में जीएलपी-1 दवाओं के उपयोग पर वैश्विक दिशानिर्देश जारी किए

हे.जा.स. December 05 2025 5369

हालांकि जीएलपी-1 थेरेपी मोटापे से ग्रस्त वयस्कों के लिए पहला प्रभावी उपचार विकल्प है, लेकिन विश्व स्

अगस्त तक कोरोना के तीसरी लहर की संभावना: एसबीआई

अगस्त तक कोरोना के तीसरी लहर की संभावना: एसबीआई

एस. के. राणा July 06 2021 27213

एसबीआई की "कोविड -19: रेस टू फिनिशिंग लाइन" रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है, "मौजूदा आंकड़ों के अनुसार

डेंगू के बढ़ते प्रकोप को लेकर प्रशासन अलर्ट, स्कूली बच्चों को मिली ये छूट

डेंगू के बढ़ते प्रकोप को लेकर प्रशासन अलर्ट, स्कूली बच्चों को मिली ये छूट

विशेष संवाददाता October 12 2022 28063

अपने आदेश में डीएम ने कहा है कि सरकारी, गैर सरकारी एवं निजी विद्यालय, शिक्षण संस्थान के सभी शिक्षक

डॉक्टरों का अमानवीय चेहरा आया सामने, पैसे ना देने पर महिला की डिलीवरी करने से किया मना

डॉक्टरों का अमानवीय चेहरा आया सामने, पैसे ना देने पर महिला की डिलीवरी करने से किया मना

विशेष संवाददाता May 19 2023 24369

समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को दलित परिवार की एक गर्भवती महिला को बाहर निकाल दिया गया। जि

बच्चे के लिए भगवान बनी डॉक्टर, मुंह से सांस देकर बचाई नवजात शिशु की जान

बच्चे के लिए भगवान बनी डॉक्टर, मुंह से सांस देकर बचाई नवजात शिशु की जान

आरती तिवारी September 23 2022 37501

बच्ची जन्म के बाद सांस नहीं ले पा रही थी, जिसके बाद डॉक्टर सुरेखा अपने मुंह से नवजात को तब-तक सांस द

Login Panel