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लखनऊ। केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर (trauma center) में भीड़ का प्रबंधन करने के लिए नई योजना लागू होने जा रही। इसके तहत ट्रॉमा सेंटर से अलग डायग्नोसिस ब्लॉक बनाया जाएगा। 13 सितंबर को इसके मानचित्र के लिए प्रेजेंटेशन होगा। इसके साथ ही ट्रॉमा में आने वाले मरीजों (patients) के लिए दो विंडो होंगी। पहली घायल मरीजों के लिए जबकि दूसरी इमरजेंसी के अन्य मरीजों के लिए होगी।
केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में रोजाना यहाँ 200 के करीब मरीज आते हैं। भूतल पर यहां पैथोलॉजी के साथ ही सीटी स्कैन, एक्सरे समेत अन्य रेडियो डायग्नोसिस (radio diagnosis) जांचें होती हैं। , वहां पर बेहद संकरी गैलरी है। मरीजों के लिए न तो कोई हॉल है और ना ही उनको बैठाने के लिए कोई व्यवस्था। इसके चलते मरीजों की हालत खराब रहती है। इसे देखते हुए केजीएमयू (KGMU) की नवनियुक्त कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने ट्रॉमा सेंटर में नया डायग्नोसिस ब्लॉक बनाने के लिए कहा है।
यह ब्लॉक ट्रॉमा सेंटर (trauma center) के बाहर स्थित होल्डिंग एरिया वाले स्थान पर बनाया जाना है। इसके लिए यहां 13 सितंबर को प्रेजेंटेशन होगा। केजीएमयू कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद के अनुसार ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्था दुरूस्त करना बेहद जरूरी करना है, क्योंकि पूरे प्रदेश में लेवल-1 का यह एकमात्र सेंटर है।







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