











































प्रतीकात्मक तस्वीर
जटामांसी एक औषधि है, जिसका इस्तेमाल आयुर्वेद में कई तरह की बीमारियों से दूर करने के लिए किया जाता है। पहाड़ों में पैदा होने वाली इस जड़ी-बूटी को बालछड़ और तपस्विनी के नाम से भी जाना जाता है। अंग्रेजी में इसे इंडियन स्पाइनॉर्ड भी कहते है। सिर के दर्द से जुड़ी समस्याओं सहित त्वचा और बालों की समस्या के इलाज के लिए इसका इस्तेमाल सालों से किया जा रहा है।
इसके जड़ का चूर्ण और तेल के रूप में इसके उपयोग किया जा सकता है। आइए जानते हैं इसके प्रयोग से सेहत को होने वाले फायदे के बारे में-
सिर दर्द- Headache
सिर से संबंधित किसी भी समस्या को इस जड़ी-बूटी के प्रयोग से दूर किया जा सकता है। इसकी जड़ी-बूटी के प्रयोग से दूर किया जा सकता है। इसकी जड़ी के चूर्ण को देसी घी में मिलाकर सिर पर लगाने से राहत मिल सकती है।
दांत का दर्द- teeth pain
इसकी जड़ का चूर्ण मंजन की तरह प्रयोग करने से दांतों में खून आने, मुंह की बदबू, मसूड़ों और दांतों में दर्द की समस्याएं दूर की जा सकती है।
बालों- Hairy
इसके तेल के प्रयोग से डैंड्रफ की समस्या दूर हो सकती है। साथ ही यह बालों रेशमी, मोटा और स्वस्थ बना सकता है। इसके तेल में एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं जिससे बालों की ग्रोथ होती है।
तनाव- Tension
इसमें एडाप्टोजेनिक गुण होते हैं, जो तनाव को कम करने में सहायक होते हैं। मन को शांत करने और ब्रेन के स्ट्रेस को कम करने में यह फायदेमंद होती है। इससे ब्रेन फंक्शन बेहतर होता है।
याददाश्त- memory
याददाश्त बढ़ाने के लिए इसका उपयोग फायदेमंद माना जाता है। यह ब्रेन सेल्स के बीच कॉम्यूनिकेशन संकेतों को भेजने में मदद कर सकती है।







हुज़ैफ़ा अबरार May 12 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार May 07 2026 0 350
हुज़ैफ़ा अबरार May 03 2026 0 259
हुज़ैफ़ा अबरार May 12 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3808
एस. के. राणा January 13 2026 0 3780
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3668
एस. के. राणा January 20 2026 0 3626
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3346
एस. के. राणा February 01 2026 0 3024
एस. के. राणा February 04 2026 0 2863
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86287
सौंदर्या राय April 08 2022 0 33888
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37131
सौंदर्या राय April 05 2022 0 34909
लेख विभाग March 19 2022 0 34314
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71573
इस श्रेणी में बुजुर्ग, साधु-संत, जेल में बंद कैदी, मानसिक अस्पतालों में भर्ती मरीज, वृद्धाश्रम के लो
पिछले हफ्ते ही गांव में बुखार फैलने की वजह से सीडीओ, डीपीआरओ और सीएमओ सहित कई अन्य अधिकारियों ने गां
स्वास्थ्य मंत्री जैन ने बताया कि ‘‘बेहद कम’’ संख्या में बच्चे कोरोना वायरस की चपेट में आ रहे हैं और
डॉ. गुलेरिया ने कहा कि दूसरा विकल्प उच्च जोखिम वाले समूह को अलग रखना है। जैसे कि बुजुर्ग और अन्य बी
पिछले चार दिन से बीकानेर के पीबीएम अस्पताल, सेटेलाइट अस्पताल गंगाशहर और जिला अस्पताल जस्सूसर गेट पर
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल के नेतृत्व में प्रदेश को टीबी मुक्त करने की दिशा में एक बड़ी पहल हो
डा. आरएन सिंह मानते हैं कि संपूर्ण स्तनपान का प्रतिशत 80% से ऊपर ले जाना होगा। जगह-जगह मदर्स मिल्क ब
ललिता देवी सदैव से संयमी रहीं। मन, वचन और कर्म में एकसमान रहीं। अति तक तो कभी गईं ही नहीं। 79 की उम्
सूत्रों के मुताबिक कमेटी ने आयु सीमा बढ़ाने पर आपत्ति लगाकर अपनी रिपोर्ट महानिदेशालय को भेजी है। कमे
ये लेप्रोस्कोपिक विधि का एडवांस वर्जन है। पहले लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में जो उपकरण डॉक्टर चलाते थे वो

COMMENTS