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लखनऊ। दांत का कीड़ा लगने के बाद लगने के बाद रूट कैनाल ट्रीटमेंट (canal treatment) करवाने, दांत के ऊपर कैप लगवाने तथा नए दांत लगवाने के लिए मरीजों को बार-बार केजीएमयू के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
नई तकनीक की मदद से इन काम के लिए डॉक्टर के पास सिर्फ एक ही बार जाना होगा। इससे मरीज और डॉक्टर दोनों का समय बचेगा। सरदार पटेल डेंटल कॉलेज (Dental College) के विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि नई तकनीक पर कई पेपर प्रकाशित हो चुके है। इसका प्रशिक्षण पाने वाले डॉक्टर (Doctor) एक ही दिन में रूट कैनाल कर सकते हैं।
इसी तरह डिजिटल स्कैनर (digital scanner) आने के बाद दांतों की कैंप तथा नया दांत लगवाने के लिए उनकीक माप लेने के लिए मुंह में ब्रेसेल नहीं रखने होते हैं। डिजिटल स्क्रैनर की मदद से दांतों की सटीक माप ली जा सकती है। चार घंटे में कैंप भी तैयार की जा सकती है।
केरल के डॉ. सुनील मुहम्मद ने बताया कि मरीजों का दर्द (patients pain) और स्ट्रेस दूर करने के लिए नाइट्रस ऑक्साइड थैरेपी दी जा रही है। इससे इंजेक्शन और प्रोसीजर में होने वाला दर्द भी मरीजों को नहीं होता।







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