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मसूड़ों से खून बहना गंभीर बीमारी के लक्षण भी हो सकतें हैं, जानिये समस्या को

मुख स्वच्छता की उचित देखभाल नहीं की जाती है, तो इससे मसूड़े की सूजन हो सकती है जिसके कारण पीरियोडोंटाइटिस हो सकता है। मसूड़ों से खून आना एक गंभीर चिकित्सा स्थिति का संकेत भी हो सकता है, जैसे कि मधुमेह, एचआईवी, इम्यूनोसप्रेसिव रोग आदि।

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June 20 2022 Updated: June 20 2022 14:14
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मसूड़ों से खून बहना गंभीर बीमारी के लक्षण भी हो सकतें हैं, जानिये समस्या को प्रतीकात्मक चित्र

ब्रश करते समय मसूड़ों से खून बह सकता है या कभी-कभी यह अपने आप स्वाभाविक रूप से हो जाता है। यदि आप दांतों को ब्रश करने के बाद तरल पदार्थ (थूक) में अक्सर गुलाबी रंग देखते हैं, तो इसका मतलब है कि आपके मसूड़ों से खून बह रहा है। यह मसूड़ों की सूजन का संकेत हो सकता है। ‘उत्तेजित मसूड़े’ (Irritated gums) लाल और सूजे हुए दिखाई देते हैं जबकि स्वस्थ मसूड़े (healthy gums) हल्के गुलाबी रंग के दिखाई देते हैं।

मसूड़ों से खून ( bleeding gum) आने का सबसे सामान्य कारण दांतों पर प्लाक (plaque) का जमा होना है। यदि नियमित रूप से ब्रश करने और दांतों के बीच फ्लॉसिंग (धागे से सफ़ाई करना) करने से इस प्लाक को हटाया नहीं जाता है, तो यह प्लाक सख्त हो जाते है तथा टार्टर या कैल्क्यूलस (calculus) में बदल जाते है जिसे नियमित ब्रश करने से साफ नहीं किया जा सकता है। कैल्क्यूलस को केवल दंत चिकित्सक (dentist) या दंत स्वास्थिक (dental hygienist) द्वारा पेशेवर दंत सफ़ाई के माध्यमस से ही हटाया जा सकता है। यदि समय के साथ इसे साफ़ नहीं किया जाता है, तो इससे मसूड़ों में सूजन हो जाती है और मसूड़ों से रक्त बहने लगता है, जो कि मसूड़े की सूजन (gingivitis) का मुख्य संकेत है।

यदि इसे नजरअंदाज किया जाता है और मुख स्वच्छता की उचित देखभाल नहीं की जाती है, तो इससे मसूड़े की सूजन (gingivitis) हो सकती है जिसके कारण पीरियोडोंटाइटिस (मसूड़ों के रोग और आसपास के ऊतक व हड्डी रोग) हो सकता है। मसूड़ों से खून आना एक गंभीर चिकित्सा स्थिति का संकेत भी हो सकता है, जैसे कि मधुमेह (diabetes), एचआईवी ( HIV), इम्यूनोसप्रेसिव (immunosuppressive) रोग आदि।

 

ब्लीडिंग गम के कारण - Causes of bleeding gum

मसूड़ों से खून आने के कई संभावित कारण हो सकते हैं जैसे कि:

  • बहुत जोर से ब्रश करना (बलपूर्वक)
  • सख्त टूथब्रश का उपयोग करना
  • दांतों के मध्य सफ़ाई का अभाव (फ्लॉसिंग), जिसके कारण भोजन जमा होता है और प्लाक बन जाता है
  • मसूड़े की सूजन (जिंजिवाइटिस)
  • पीरियोडोंटाइटिस
  • प्यूबर्टी (यौवनावस्था) और गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल परिवर्तन

अन्य कारण जो कि मसूड़े से रक्तस्राव को बढ़ा सकते हैं उनमें मधुमेह मेलिटस, कुपोषण, ब्लड थिनर (रक्त को पतला करने वाली दवाएं) (उदाहरण के लिए एस्पिरिन) तथा एंटीकोऐगुलेंट (anticoagulants) जैसे कि वार्फरिन और हेपरिन, अज्ञातहेतुक बिंबाणुअल्पताजन्य रक्तचित्तिता (idiopathic thrombocytopenia), हार्मोनल असंतुलन (hormonal imbalance), रक्त कैंसर ((leukemia), आयरन अधिभार (iron overload) शामिल हो सकते हैं।

कुछ बेहद सामान्य कारण निम्न प्रकार से हैं:

  • विटामिन सी की कमी (स्कर्वी)
  • विटामिन के की कमी
  • डेंगू बुखार

 

ब्लीडिंग गम के निदान - Diagnosis of bleeding gum

यदि आपके मसूड़ों से नियमित रूप से खून आता है, तो मुख स्वच्छता (oral hygiene) की स्थिति की जांच के लिए दंत चिकित्सा के पास जाए। कुपोषण (malnutrition), यौवनावस्था (puberty) और गर्भावस्था (pregnancy) जैसे स्थितियों का पता लगाने के लिए दंत चिकित्सक द्वारा जांच की जानी चाहिए।

कुछ संभावित रोगों के लिए अतिरिक्त नैदानिक परीक्षणों (diagnostic tests) की भी आवश्यकता हो सकती है। इसमें मधुमेह मेलिटस के लिए परीक्षण, दांतों और जबड़े की हड्डियों के लिए एक्स-रे, रक्त परीक्षण आदि शामिल हैं।

 

 ब्लीडिंग गम का प्रबंधन - Management of bleeding gum

यदि आप ठीक से और नियमित रूप से ब्रश व फ्लॉस (दांत साफ़ करने वाले धागे से सफ़ाई) नहीं करते हैं, तो ऐसा करें।

  • अपने दांतों को दिन में दो बार ब्रश करें और दिन में एक बार फ्लॉस (दांत साफ़ करने वाले धागे से सफ़ाई) करें।
  • अपने दांतों को ब्रश करने के लिए एक बेहद नरम या नरम-ब्रिसल वाले टूथब्रश का उपयोग करें।
  • अपने दंत चिकित्सक से ब्रश करने की सही तकनीक और अपने ‘दांतों के बीच की सफ़ाई कैसे करें’ के बारे में सीखें।
  • प्लाक बहुत जल्दी बन जाते है। यदि इसे हटाया नहीं जाता है, तो कुछ दिनों के भीतर मसूड़ों में सूजन शुरू हो जाती है, लेकिन अच्छी मुख स्वच्छता से इसे दूर करने में मदद करती है।

प्लाक सख्त होकर टार्टर या कैल्क्यूलस के रूप में गठित हो जाता है, जो आगे बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देती है। यदि टैटार उपस्थित है, तो इसे दंत चिकित्सक द्वारा हटाया जाता है। जितनी जल्दी इसका पता लगाया जाएगा, उतनी ही जल्दी इसे प्रबंधित किया जा सकता है।

मधुमेह जैसी स्वास्थ्य स्थितियां अक्सर मसूड़ों के रोग से भी जुड़ी होती हैं। कुछ दवाएं जैसे कि एंटीसीज़र ड्रग्स या रक्तचाप की दवाएं भी आपके मसूड़ों को प्रभावित करती हैं। मसूड़े हार्मोनल परिवर्तनों के प्रति भी अधिक संवेदनशील होते हैं, जो कि प्यूबर्टी (यौवनावस्था)  और गर्भावस्था के दौरान होते हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए अपने दंत चिकित्सक को दिखाना महत्वपूर्ण है।

रोकथाम का हिस्सा होने के अलावा, मसूड़े की सूजन और पीरियोडोंटाइटिस के उपचार में मुख स्वच्छता (मुंह की सफ़ाई) भी महत्वपूर्ण है।

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