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लखनऊ। बरसात के मौसम में सर्पों के बिलों में पानी भर जाने के कारण उनके बाहर निकलने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे समय में खेतों, बाग-बगीचों, जलभराव वाले क्षेत्रों तथा ग्रामीण इलाकों में कार्य करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। जिलाधिकारी वी शाख ने जनपदवासियों से अपील की है कि सर्पदंश की घटना होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर उपचार कराएं। समय पर उपचार मिलने से अधिकांश मामलों में मरीज का जीवन सुरक्षित बचाया जा सकता है। जिलाधिकारी ने कहा जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग सर्पदंश जैसी आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 3477 एंटी स्नेक वेनम (ASV) इंजेक्शन एवं 3569 एंटी रैबीज इंजेक्शन सहित अन्य आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा सर्पदंश की घटनाओं में अक्सर लोग झाड़-फूंक तंत्र-मंत्र अथवा अन्य अंधविश्वासों के चक्कर में बहुमूल्य समय गंवा देते हैं, जिससे मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए किसी भी प्रकार के अंधविश्वास पर विश्वास न करें और बिना विलंब के मरीज को निकटतम सरकारी अस्पताल पहुंचाएं। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि खेतों में कार्य करते समय लंबे जूते एवं मोटे कपड़े पहनें रात के समय बिना टॉर्च के बाहर न निकलें घरों एवं आस-पास झाड़ियों की नियमित सफाई रखें तथा लकड़ी भूसा अथवा अन्य सामान उठाते समय विशेष सावधानी बरतें। बच्चों को भी ऐसे स्थानों पर अकेले खेलने से बचाएं जहां सर्पों के छिपे होने की संभावना हो। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो उसे शांत रखें प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखें तथा मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाएं। काटे गए स्थान पर चीरा न लगाएं, जहर चूसने का प्रयास न करें, किसी प्रकार की जड़ी-बूटी या रसायन न लगाएं तथा अंग को रस्सी या कपड़े से अत्यधिक कसकर न बांधें। इससे नुकसान बढ़ सकता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सर्पदंश से बचाव एवं प्राथमिक उपचार के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि बरसात के मौसम में सावधानी बरतें, अफवाहों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन की सहायता प्राप्त करें। सावधानी ही सुरक्षा है सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं, समय पर सरकारी अस्पताल पहुंचें और सुरक्षित रहें।







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