












































महिला धावक दीना अशर-स्मिथ
लखनऊ। ब्रिटेन की महिला धावक दीना अशर-स्मिथ ने पीरियड के दौरान महिलाओं के प्रदर्शन को प्रभावित करने वाले कारकों और उसके समाधान पर फंडिंग और शोध की मांग की है। वे ब्रिटेन की सबसे तेज महिला धावक मानी जातीं हैं।
यूरोपीय प्रतियोगिता में 100 मीटर दौड़ की विजेता होने का दर्जा दीना अशर-स्मिथ (Dina Usher-Smith) के नाम पर था। इसी खिताब के लिए वो एक बार फिर एक प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही थीं लेकिन मासिक धर्म की दर्द (menstrual pain) की वजह से उन्हें दौड़ के बीच में ही रुकना पड़ा। दीना को प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ा।
महिला धावक (sprinter) दीना अशर-स्मिथ ने आगे कहा, "महिलाएं (Women) भी इसके बारे में बात नहीं करती हैं। हमने देखा है कैसे लगातार अच्छा प्रदर्शन देने वाली लड़कियों का प्रदर्शन अचानक से नीचे गिर जाता है। परदे के पीछे वो बहुत संघर्ष कर रही होती हैं और लोग सोच रहे होते हैं, 'ये क्या? ये एकाएक क्या हो गया? आखिर सवाल महिलाओं का है। इस विषय पर शोध और फंडिंग की जरूरत है।"
अमूमन कोई भी महिला खिलाड़ी (female player) पीरियड्स के दौरान कई समस्याओं का सामना करती है, लेकिन जब बात महिला खिलाड़ी की आती है तो उनके लिए मासिक धर्म का दर्द और तकलीफ एक बड़ी समस्या बन जाती है।

भारत में तो स्थितियाँ और भी जटिल हैं। यहाँ पीरियड्स (menstruation) के दौरान समस्याओं की चर्चा तो दीगर बात है, यहाँ पीरियड्स के दौरान अनेक सामाजिक बंदिशें (social restrictions) हैं। इस दकियानूसी सोच (orthodox thinking) के बावजूद मैरी कॉम, पीवी सिंधु, साइना नेहवाल, मानसी जोशी ने खेलों की दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है। इन महिलाओं के योगदान की चर्चा तो खेल की दुनिया में होती है लेकिन इनकी चुनौतियों पर शायद ही कोई चर्चा होती हो। ख़ासकर पीरियड्स जैसे शारीरिक चुनौतियों (physical challenges) पर तो कोई आवाज़ ही नहीं सुनाई पड़ती है। वैसे तो आज के दौर में महिलाएं इस विषय पर खुलकर बात करने लगी हैं लेकिन ऐसी महिलाओं की सँख्या बहुत सीमित है।
इसी तरह कई और महिला खिलाड़ियों ने भी इस मुद्दे को समय समय पर उठाया है और समाधान निकालने की बात कही है। इसी साल फ्रेंच ओपन (French Open) में विश्व टेनिस नंबर वन इगा स्वांतेक ने कहा था कि चिकित्सा और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रगति से महिला खिलाड़ियों के लिए समाधान निकल सकते हैं।







हुज़ैफ़ा अबरार November 01 2026 0 455
हुज़ैफ़ा अबरार November 01 2026 0 329
हुज़ैफ़ा अबरार November 01 2026 0 280
हुज़ैफ़ा अबरार November 01 2026 0 238
हुज़ैफ़ा अबरार November 02 2026 0 224
हुज़ैफ़ा अबरार November 02 2026 0 217
हुज़ैफ़ा अबरार November 01 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार November 02 2026 0 175
हुज़ैफ़ा अबरार November 01 2026 0 455
हुज़ैफ़ा अबरार November 01 2026 0 329
हुज़ैफ़ा अबरार November 01 2026 0 280
हुज़ैफ़ा अबरार November 01 2026 0 238
हुज़ैफ़ा अबरार November 02 2026 0 224
हुज़ैफ़ा अबरार November 02 2026 0 217
हुज़ैफ़ा अबरार November 01 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार November 02 2026 0 175
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 10584
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 7035
एस. के. राणा February 01 2026 0 6818
एस. के. राणा January 20 2026 0 6552
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 6160
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5943
एस. के. राणा January 13 2026 0 5495
सौंदर्य
सौंदर्या राय March 05 2022 0 34978
सौंदर्या राय February 26 2022 0 42859
सौंदर्या राय February 25 2022 0 78714
सौंदर्या राय February 08 2022 0 33963
admin January 15 2022 0 35820
सौंदर्या राय September 02 2021 0 61270
मेरठ मेडिकल कालेज के विषाणु वैज्ञानिक डॉक्टर अमित गर्ग ने कोरोना की चौथी लहर को लेकर स्थिति साफ़ की ह
पीरियड्स को लेट करने की दवाई खाना आखिर कितना सही है? इस आर्टिकल में बताएंगे दवाई को खाने से आपकी हेल
प्रदेश में शुक्रवार को 5 बच्चों समेत 42 लोग डेंगू से पीड़ित मिले। इससे जम्मू कश्मीर में अब तक 8013 ल
जब लिवर पर विषाक्त पदार्थों का बोझ बढ़ जाए तो तरह-तरह की व्याधियां उत्पन्न होने लगती हैं और इसका असर
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 24 जुलाई को स्टाफ नर्स (पुरुष) की मुख्य परीक्षा आयोजित की जानी थी
ग्वालियर के कमलाराजा अस्पताल में एक महिला ने 4 पैर की बच्ची को जन्म दिया है। सोशल मीडिया पर यह खबर फ
स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि अब सभी खांसी के मरीजों को बलगम का सैंपल दे
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन आठ से 10 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमे
रोडवेज बस के परिचालक एके गौतम ने बताया कि गुरुवार रात को वह लोग बदायूं डिपो की बस को दिल्ली से लेकर
आयुर्वेद में दस्त के इलाज के लिए इसका चूर्ण बनाकर गर्म पानी के साथ सेवन किया जाता है। इसके अलावा इसक

COMMENTS