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विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक भारत सहित दुनिया भर के 60 से अधिक देशों में खतरनाक वायरस मंकीपॉक्स ने अपने पांव पसार लिए हैं। कोरोना के बाद ये एक ऐसा खतरनाक वायरस है जिसने सभी को दहशत में डाल दिया है। यह वायरस इतना घातक है कि इसका संक्रमण बढ़ने पर यह जानलेवा भी हो सकता है। इस वायरस के बारे में सुनने में ऐसा प्रतीत होता है जैसे ये बंदरों (monkey) से इंसानों (human) में फैलता है लेकिन ऐसा नहीं है; यह संक्रमण (infection) बंदरों के अलावा बहुत से दूसरे जानवरों और इंसानों से भी आता है। इसके संक्रमण का पहला मामला 1970 में सामने आया था।
अब सवाल ये उठता है कि आखिर इसके लक्षण (symptoms) क्या है, कैसे फैलता है और कितना खतरनाक है? एम्स (AIMS) के डॉक्टर रंजन के अनुसार मंकीपॉक्स के लक्षण स्मॉलपॉक्स यानी चेचक के जैसे ही होते हैं। शुरु में मरीज को बुखार होगा, गिल्टियां उभरेंगी। 1 से 5 दिनों के बाद मरीज के चेहरे, हथेलियों और तलवों में चकत्ते उभर सकते हैं। यहां तक कि मंकीपॉक्स (monkeypox) से व्यक्ति अंधेपन (blindness) का शिकार भी हो सकता है।
कैसे फैलता है ये वायरस
मंकीपॉक्स वायरस (monkeypox virus) जानवर से इंसानों में फैलता है या फिर किसी संक्रमित व्यक्ति के पास काफी देर तक आमने-सामने रहने से भी ये फैलता है। इसके अलावा अफ्रीका के बाहर इसके 98 फीसदी मामले उन पुरुषों में सामने आए हैं जो पुरुषों के साथ सेक्स (sex) करते हैं। आम तौर पर यह तब फैलता है जब किसी संक्रमित व्यक्ति की त्वचा से किसी और की त्वचा या त्वचा से मुंह का संपर्क हो। इस वायरस के कुछ मामले गंभीर होते हैं जिनमें मरीज के मस्तिष्क में संक्रमण हो जाता है और उससे मौत भी हो सकती है।
जानें, कितना है खतरनाक
मंकीपॉक्स की जो किस्म यूरोप और उत्तरी अमेरिका में फैली है उससे जान जाने का खतरा बहुत कम है लेकिन अफ्रीका में जैसा वायरस फैला है वह कुछ ज्यादा ही जानलेवा साबित हो रहा है। यदि कोई व्यक्ति कैंसर (cancer), टीबी (TB) या एड्स (AIDS) जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित है तो उन्हें मंकीपॉक्स वायरस से ज्यादा नुकसान है। साथ ही बच्चों और गर्भवती महिलाओं (pragnent woman) को भी यह वायरस प्रभावित करता है। पूरे अफ्रीकी महाद्वीप में नए संक्रमणों के 40 फीसदी मामले महिलाओं में आये हैं।







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