












































लखनऊ। स्कूली बच्चों को मजबूत इम्युनिटी (immunity) के बारे में जागरुक बनाने के लिए एक विशाल जागरुकता अभियान का आयोजन किया गया जिसमे डॉ आर के गुप्ता, एमडी आयुर्वेद ने बच्चों को इम्युनिटी के बारे में जानकारी दी।
हेल्थ जागरण (health jagaran) ने डॉ गुप्ता (Dr RK Gupta) से इम्युनिटी के बारे में कुछ खास सवाल किए, आइए देखते हैं इम्युनिटी को लेकर डॉ आर के गुप्ता ने क्या बताया ?
हेल्थ जागरण - डॉ साहब इम्युनिटी क्या है ?
डॉ आर के गुप्ता - इम्युनिटी का हिन्दी में अर्थ है व्याधि से लड़ने की क्षमता। हमारा शरीर छोटी-छोटी कोशिकाओं से मिलकर बना हैं। इन कोशिकाओं में से कुछ खास कोशिकायें व्याधि से लड़ने (fight disease) का कार्य करती हैं। इम्युनिटी प्राकृतिक और सांसारिक रूप से मिलती है। प्राकृतिक इम्युनिटी (Natural immunity) जैसे - स्किन, स्लाइवा, आंसू, इंटेस्टाइन ग्लैंड्स से बनती रहती है। जो वातावरण से ग्रहण की जाती है उसे एक्वायर्ड इम्युनिटी (acquired immunity) कहते है। एक्वायर्ड इम्युनिटी दो प्रकार की होती है, एक्टिव और पैसिव।
इम्युनिटी हमारी बीमारी से लड़ने की क्षमता दर्शाती है। कोई व्यक्ति किसी भी वातावरण (environment) में स्वस्थ्य बना रहता है और कोई मौसम बदलते ही बीमार पड़ जाता है।
हेल्थ जागरण - डॉ साहब इम्युनिटी बूस्टिंग (immunity boosting) क्या है और इसे कैसे किया जा सकता है ?
डॉ आर के गुप्ता - इम्युनिटी व्यक्ति के वातावरण, खानपान, व्यवहार, आहार और विहार पर निर्भर करती है। इसके लिए इन सभी क्षेत्रों में बढ़ोत्तरी जरुरी है। ये सारे फैक्टर्स इम्युनिटी डेवलप करते हैं। आध्यात्मिक शक्ति भी इम्युनिटी बूस्टिंग करती है। कोरोना (corona) में भी जिसने मेंटल पॉवर (Mental powe) रखी उसकी जान बची रही। कोरोना में अच्छे खाने पीने वाले भी डर कर मर गए।
हेल्थ जागरण - डॉ साहब इम्युनिटी बढ़ाने में आवश्यक क्या है ?
डॉ आर के गुप्ता - इसमें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण प्रोटीन (protein) है। प्रोटीन हमारे शरीर में विभिन्न कोशिकाओं का निर्माण करती है जैसे एमिनोग्लोबीन। अच्छे खाने में प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट्स और आइरन के साथ अच्छा वातावरण भी जरूरी है। चीजे समय और अच्छे से खाने से सभी बीमारियां दूर रहती है। हेल्दी वातावरण इम्युनिटी को जल्दी बूस्टअप करता है।







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