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मरीज को इलाज संबंधी कागजात नहीं ले जाने होंगे हॉस्पिटल, देश में कहीं भी कराएं इलाज

अब इलाज संबंधी दस्तावेज रोगियों को अस्पताल लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। देश के अस्पतालों में प्रत्येक मरीजों के इलाज का ब्यौरा उपलब्ध होगा।

आरती तिवारी
March 11 2023 Updated: March 12 2023 03:47
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मरीज को इलाज संबंधी कागजात नहीं ले जाने होंगे हॉस्पिटल, देश में कहीं भी कराएं इलाज योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला

लखनऊ। योगी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। जहां अब इलाज संबंधी दस्तावेज (medical records) मरीजों को अस्पताल लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। देश के अस्पतालों में प्रत्येक रोगी के इलाज का ब्यौरा उपलब्ध होगा। एक क्लिक में रोगी द्वारा पूर्व में कराई गई जांच और उपचार की पूरी जानकारी कम्प्यूटर स्क्रीन पर होगी। यह संभव होगा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (abdm) योजना से। योजना के तहत अस्पताल और डॉक्टर का भी डाटाबेस तैयार किया जाएगा। यूपी में योजना को और रफ्तार दी जाएगी।

 

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) ने बताया कि भारत सरकार की एबीडीएम योजना को प्रभावी तरीके से लागू की जाएगी। योजना के माध्यम से भारत के सभी नागरिकों के स्वास्थ्य अभिलेखों (health records) का डाटाबेस तैयार किया जायेगा। इसमें व्यक्ति की बीमारी डॉक्टर की सलाह (doctor's advice), पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी (radiology) समेत दूसरी जांच रिपोर्ट संरक्षित की जाएंगी।

 

मरीजों को मेडिकल रिकॉर्ड भौतिक रूप से संरक्षित करने की जरूरत नहीं होगी। एबीडीएम में देश के प्रत्येक नागरिक को एक यूनिक हेल्थ आईडी मिलेगी। यह आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउन्ट (MBHA) पर बनेगा। मरीज का डाटा इलेक्ट्रानिक हेल्थ रिकॉर्ड (electronic health record) के रूप में सुरक्षित किया जायेगा। जो भारत हेल्थ एकाउन्ट से लिंक्ड होगा। यह डाटा पूरी तरह से सुरक्षित होगा।

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