देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

रीजेंसी हेल्थ  में पुराने हार्ट स्टेंट का दोबारा हुआ ब्लॉकेज का इलाज

जिन मरीजों का पहले कोरोनरी इंटरवेंशन हो चुका है, उनमें इन-स्टेंट रेस्टेनोसिस एक जटिल स्थिति हो सकती है। इस मामले में मरीज के लक्षणों और जांच से दो कोरोनरी आर्टरीज में गंभीर बीमारी का पता चला, जिसके लिए अलग-अलग उपचार रणनीति की आवश्यकता थी।  लेफ्ट एंटीरियर डिसेंडिंग  की रुकावट के लिए नया स्टेंट लगाया गया जबकि लेफ्ट सर्कमफ्लेक्स में पहले से मौजूद स्टेंट के भीतर विकसित रेस्टेनोसिस के उपचार के लिए ड्रग-एल्यूटिंग बैलून का इस्तेमाल किया गया।

हुज़ैफ़ा अबरार
October 01 2026 Updated: October 01 2026 00:34
0 140
रीजेंसी हेल्थ  में पुराने हार्ट स्टेंट का दोबारा हुआ ब्लॉकेज का इलाज Dr. Harshit Gupta Senior Interventional Cardiologist

लखनऊ। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर हृदय स्वास्थ्य और नियमित कार्डियक फॉलो-अप के महत्व के बीच रीजेंसी हेल्थ लखनऊ में 61 वर्षीय महिला के जटिल हृदय रोग का सफल उपचार किया गया मरीज के पहले से लगाए गए हार्ट स्टेंट के भीतर लगभग 95% दोबारा ब्लॉकेज विकसित हो गई थी। इस स्थिति को इन-स्टेंट रेस्टेनोसिस कहा जाता है। इसका उपचार ड्रग-एल्यूटिंग बैलून  तकनीक से किया गया। मरीज को सीने में दर्द मामूली शारीरिक गतिविधि पर सांस फूलने और पूरे शरीर में कमजोरी की शिकायत थी। वह पिछले करीब 10 वर्षों से टाइप-2 डायबिटीज और हाइपरटेंशन से पीड़ित थीं। वर्ष 2016 में उनकी परक्यूटेनियस कोरोनरी इंटरवेंशन  की जा चुकी थी।

इसके बाद जुलाई 2023 में उनकी लेफ्ट एंटीरियर डिसेंडिंग और लेफ्ट सर्कमफ्लेक्स कोरोनरीआर्टरीज से संबंधित उपचार किया गया था।  रीजेंसी हेल्थ लखनऊ के कार्डियोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. हर्षित गुप्ता ने कहा “जिन मरीजों का पहले कोरोनरी इंटरवेंशन हो चुका है, उनमें इन-स्टेंट रेस्टेनोसिस एक जटिल स्थिति हो सकती है। इस मामले में मरीज के लक्षणों और जांच से दो कोरोनरी आर्टरीज में गंभीर बीमारी का पता चला, जिसके लिए अलग-अलग उपचार रणनीति की आवश्यकता थी।  लेफ्ट एंटीरियर डिसेंडिंग  की रुकावट के लिए नया स्टेंट लगाया गया, जबकि लेफ्ट सर्कमफ्लेक्स  में पहले से मौजूद स्टेंट के भीतर विकसित रेस्टेनोसिस के उपचार के लिए ड्रग-एल्यूटिंग बैलून का इस्तेमाल किया गया।  

 रीजेंसी हेल्थ लखनऊ के कार्डियोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. हर्षित गुप्ता ने कहा जिन मरीजों का पहले कोरोनरी इंटरवेंशन हो चुका है, उनमें इन-स्टेंट रेस्टेनोसिस एक जटिल स्थिति हो सकती है। इस मामले में मरीज के लक्षणों और जांच से दो कोरोनरी आर्टरीज में गंभीर बीमारी का पता चला, जिसके लिए अलग-अलग उपचार रणनीति की आवश्यकता थी।  लेफ्ट एंटीरियर डिसेंडिंग  की रुकावट के लिए नया स्टेंट लगाया गया, जबकि लेफ्ट सर्कमफ्लेक्स  में पहले से मौजूद स्टेंट के भीतर विकसित रेस्टेनोसिस के उपचार के लिए ड्रग-एल्यूटिंग बैलून का इस्तेमाल किया गया। यह मामला इस बात को रेखांकित करता है कि ब्लॉकेज की स्थिति और प्रकृति को समझते हुए उपचार का चयन करने के साथ विस्तृत जांच और नियमित फॉलो-अप भी महत्वपूर्ण हैं।

मरीज की जांच में कोरोनरी आर्टरी डिजीज और नॉन-एसटी एलिवेशन मायोकार्डियल इन्फार्क्शन के साथ इन-स्टेंट रेस्टेनोसिस की पुष्टि हुई। 16 अप्रैल-26 को दाहिनी रेडियल आर्टरी के माध्यम से की गई कोरोनरी एंजियोग्राफी में  मिड- लेफ्ट एंटीरियर डिसेंडिंग  में 80% संकुचन और मिड- लेफ्ट सर्कमफ्लेक्स  में गंभीर फोकल इन-स्टेंट रेस्टेनोसिस पाया गया। जांच से दोनों प्रमुख कोरोनरी आर्टरीज में महत्वपूर्ण संकुचन का पता चला। इसके अलावा, पहले लगाए गए  लेफ्ट सर्कमफ्लेक्स  स्टेंट के भीतर भी दोबारा संकुचन हो गया था। स्थिति को देखते हुए कार्डियोलॉजी टीम ने दोनों प्रभावित आर्टरीज के लिए अलग-अलग इंटरवेंशनल उपचार रणनीति अपनाई। मिड- लेफ्ट एंटीरियर डिसेंडिंग  की रुकावट के उपचार के लिए 2.75 × 24 mm एवरमाइन  स्टेंट लगाया गया। वहीं, पहले से लगाए गए लेफ्ट सर्कमफ्लेक्स  स्टेंट के भीतर विकसित रेस्टेनोसिस के उपचार के लिए 3.0 × 30 mm ड्रग-एल्यूटिंग बैलून का इस्तेमाल किया गया।

ड्रग-एल्यूटिंग बैलून तकनीक में बैलून की मदद से संकरी हुई रक्त वाहिका को खोला जाता है और उसी दौरान दवा को प्रभावित हिस्से तक पहुंचाया जाता है। इस प्रक्रिया से प्रभावित हिस्से में दोबारा संकुचन के जोखिम को कम करने के उद्देश्य से स्थानीय स्तर पर दवा पहुंचाई जाती है। पूरी प्रक्रिया दाहिनी रेडियल आर्टरी के रास्ते सफलतापूर्वक पूरी की गई। प्रक्रिया के बाद मरीज को निगरानी के लिए आईसीयू में रखा गया। हीमोडायनामिक रूप से स्थिर होने के बाद उन्हें वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया। उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ और उन्हें 19 अप्रैल-26 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डिस्चार्ज के समय उन्हें सात दिनों के बाद कार्डियोलॉजी फॉलो-अप की सलाह दी गई।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

कोरोना वायरस की और वैक्सीन नहीं खरीदेगा स्वास्थ्य मंत्रालय

कोरोना वायरस की और वैक्सीन नहीं खरीदेगा स्वास्थ्य मंत्रालय

एस. के. राणा October 17 2022 27257

भारत में कोविड-19 के मामलों में गिरावट आ रही है, और वैक्सीनेशन भी लगातार की जा रही है। इस बीच, केंद्

गोरखपुर में डेंगू के मरीजों को इलाज के साथ मिल रहा नोटिस

गोरखपुर में डेंगू के मरीजों को इलाज के साथ मिल रहा नोटिस

श्वेता सिंह November 08 2022 27822

नगर निगम ने इसे 25 जोनों में बांटकर काम प्रारंभ किया है। आपको बता दें लार्वा मिलने पर आरआरटी टीम जाक

यूपी में 4 नए अस्पताल खुलेंगे, 2100 करोड़ से बेहतर होगी स्वास्थ्य की सेवाएं

यूपी में 4 नए अस्पताल खुलेंगे, 2100 करोड़ से बेहतर होगी स्वास्थ्य की सेवाएं

आरती तिवारी January 18 2023 32137

सीएमओ मनोज अग्रवाल ने कहा कि निवेश से संबंधित जानकारी अस्पतालों ने स्टेट पोर्टल पर अपडेट कर दी गई है

स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी ख़र्च के कारण 50 करोड़ से ज़्यादा लोग गम्भीर निर्धनता के हालत में पहुँचे।

स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी ख़र्च के कारण 50 करोड़ से ज़्यादा लोग गम्भीर निर्धनता के हालत में पहुँचे।

हे.जा.स. December 13 2021 34082

कोविड-19 महामारी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी ख़र्च के कारण 50 करोड़ से ज़्यादा लोग अत्यन्त गम्भ

एरा के डॉक्टरों ने हृदय की जटिल सर्जरी कर बचाई जान।

एरा के डॉक्टरों ने हृदय की जटिल सर्जरी कर बचाई जान।

हुज़ैफ़ा अबरार July 18 2021 32679

पांच जुलाई को मरीज का ऑपरेशन किया गया। पांच घंटे तक चले इस ऑपरेशन में मरीज का एक वाल्व बदला गया और ब

खाली पेट करते हैं एक्सरसाइज, तो रखें इन बातों का ध्यान

खाली पेट करते हैं एक्सरसाइज, तो रखें इन बातों का ध्यान

लेख विभाग May 01 2023 26068

हमें दिन की शुरुआत फिजिकल एक्सरसाइज के साथ करनी चाहिए जिससे हमारा पूरा दिन तनाव मुक्त और ऊर्जा से भर

तनाव प्रबंधन और नियंत्रण के कुछ उपाय: डॉ. एच.पी. सिन्हा

तनाव प्रबंधन और नियंत्रण के कुछ उपाय: डॉ. एच.पी. सिन्हा

लेख विभाग March 01 2022 40854

लंबे समय तक तनाव न केवल मानसिक स्वास्थ्य बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है। तनावों क

जानिये फाइलेरिया बीमारी के बारे में।

जानिये फाइलेरिया बीमारी के बारे में।

लेख विभाग December 04 2021 51067

फाइलेरिया के संक्रमण अज्ञात या मौन रहते हैं और लंबे समय बाद इनका पता चल पाता है । इस बीमारी का कारगर

दो हेल्थ सेंटर का सीएम मनोहर लाल ने किया उद्घाटन

दो हेल्थ सेंटर का सीएम मनोहर लाल ने किया उद्घाटन

हे.जा.स. May 12 2023 32625

विधायक राजेश नागर हरियाणा सरकार के तारिफ करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अंतिम छोर पर

पहचान पत्र नहीं होने पर भी लगेगा टीका- स्वास्थ्य मंत्रालय

पहचान पत्र नहीं होने पर भी लगेगा टीका- स्वास्थ्य मंत्रालय

हुज़ैफ़ा अबरार May 07 2021 32799

इस श्रेणी में बुजुर्ग, साधु-संत, जेल में बंद कैदी, मानसिक अस्पतालों में भर्ती मरीज, वृद्धाश्रम के लो

Login Panel