











































प्रतीकात्मक
बढ़ते प्रदूषण और बिगड़ी लाइफस्टाइल ने आज अस्थमा के मरीजो की संख्या में चौतरफा इजाफा किया है, लोग जब तक इस रोग को समझ पाते हैं, तब तक ये विकराल रूप धारण कर चुका होता है।
क्या है अस्थमा?
अस्थमा (दमा) श्वसन मार्ग का एक जीर्ण सूजन वाला रोग है, जो कि ज्यादातर आनुवांशिक और पर्यावरणीय कारकों की वजह से होता है। अस्थमा के मरीजों को आजीवन कुछ सावधानियां अपनानी पड़ती हैं। अस्थमा के मरीज़ों को हर मौसम में अतिरिक्त सुरक्षा की आवश्यकता होती है। आपको जानकर हैरत होगी कि इस वक्त भारत में 2 करोड़ से ज्यादा मरीज दमा रोगी हैं।
अस्थमा अटैक के लक्षण और कारण

अस्थमा के मरीजों को इन बातों का रखना होता है ख्याल

सावधानी ही बचाव हैं इसलिए खुद से करें प्यार...
कहते है ना हर इंसान अगर थोड़ा सा अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत हो जाए तो वो दवाईयों से बच सकता है, अस्थमा भी ऐसा ही रोग है, जिसमें रोगी को थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है। खराब मौसम, हवा में नमी, बारिश, शीत लहर, प्रदूषण, पोलेन ग्रेन्स, आदि के चलते यह बढ़ सकता है। इसलिए सुझाव यही है कि अगर आप दवा और दर्द को नहीं झेलना चाहते हैं तो आज से ही अपने से प्यार करना शुरु कर दें क्योंकि जान है तो जहान है और जहान बहुत खूबसूरत है।







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