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लखनऊ। आयुष विभाग में अस्पतालों तक दवाएं पहुंचाने के नाम पर करोड़ों के वारे न्यारे किए जा रहे हैं, और सारी रकम संबंधित अस्पतालों के प्रभारी चिकित्साधिकारी (medical officer in charge) अपनी जेब से भर रहे हैं। प्रदेश के सभी आयुर्वेदिक, यूनानी औऱ होम्योपैथिक अस्पतालों (Homeopathic Hospitals) में आयुष मिशन के जरिए दवाएं भेजी जाती हैं। इसका फायदा उठाते हुए करोड़ों का खेल दवा ढुलाई के के नाम पर आयुष मिशन (Ayush Mission) और दवा आपूर्ति करने वाली कंपनी की मिलीभगत से हो रहा है।
बता दें कि हर साल करीब एक करोड़ 96 लाख रुपये डकारे जा रहे हैं, जबकि माल ढुलाई संबंधित अस्पतालों के प्रभारी चिकित्साधिकारी अपनी जेब से भर रहे हैं। होम्योपैथिक (Homeopathic) में करीब 45 करोड़ और आयुर्वेद में करीब 65 करोड़ की हर साल दवा खरीदी जाती है। यूपी में आयुर्वेदिक यूनानी (Ayurvedic Unani) के 2346 और होम्योपैथिक की 1585 डिस्पेंसरी और अस्पताल हैं।
मामले में एफएसडीए एवं आयुष मंत्री (FSDA and Ayush Minister) डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामला संज्ञान में आया है इसकी पूरी रिपोर्ट तलब की गई है। जहां गड़बड़ी की गई है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पूर्व के वर्षों में कंपनी ने अस्पतालों तक दवा क्यों नहीं पहुंचाया गया है इसकी रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपे।







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