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हैदराबाद। दवा कंपनी एमएसएन लेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड (एमएसएन) ने कोविड -19 दवा 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज (2-डीजी) के निर्माण, वितरण और विपणन के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के साथ एक समझौता किया है।
भारतीय औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने 2-डीजी को मध्यम से गंभीर कोविड-19 रोगियों में सहायक चिकित्सा के रूप में आपातकालीन उपयोग के लिए द्वारा अनुमति दी है।
कंपनी 2-डीजी को ''एमएसएन 2डी'' ब्रांड नाम के तहत सैशे के रूप में 2.34 ग्राम के उत्पाद के रूप में लॉन्च करेगी।
2-डीजी दवा पाउडर के रूप में आती है और इसे पानी में घोलकर लेना होता है। यह वायरस संक्रमित कोशिकाओं में जमा होकर काम करता है और ऊर्जा उत्पादन और वायरल संश्लेषण को रोककर वायरस के विकास को रोकता है।
एमएसएन ने कहा कि उसने पहले से ही ओसेल्टामिविर कैप्सूल और एंटी-कोविड दवाओं जैसे फेविपिरवीर और बारिसिटिनिब के साथ-साथ पॉसकोनाज़ोल जैसी एंटी-फंगल दवाओं को कोविड-19 के बाज़ार में उतार चुका है। कंपनी कोविड की जांच में और इलाज में काम आने वाली जांच सम्बंधित दवाओं के लिए क्लीनिकल ट्रायल भी कर रहा है।
इनमें अविप्टाडिल शामिल है जो अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों पर और हल्के तथा मध्यम कोविड-19 रोगियों पर मोलनुपिरवीर के साथ क्लीनिकल ट्रायल कर रहा है।







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