देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

राष्ट्रीय

शोध: कोविड संक्रमण से मस्तिष्क को हो सकता है बड़ा नुकसान 

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर एण्ड स्ट्रोक ने एक अध्ययन में पाया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से पैदा हुआ इम्यून रेस्पांस ब्रेन की ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचा सकता है जिससे शार्ट या लांग टर्म न्यूरोलॉजिकल सिम्पटम्स सामने आ सकते हैं।

विशेष संवाददाता
July 08 2022 Updated: July 08 2022 13:28
0 27811
शोध: कोविड संक्रमण से मस्तिष्क को हो सकता है बड़ा नुकसान  प्रतीकात्मक चित्र

लखनऊ। एक अध्ययन में पाया गया है कि कोरोना संक्रमण मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकता है और इससे दिमागी बीमारियां भी हो सकती है। संक्रमण से ब्रेन स्ट्रोक तक का खतरा हो सकता है।

 

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर एण्ड स्ट्रोक (National Institute of Neurological Disorders and Stroke) ने एक अध्ययन (Research) में पाया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से पैदा हुआ इम्यून रेस्पांस ब्रेन की ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचा सकता है (coronavirus infection can damage the brain's blood vessels) जिससे शार्ट या लांग टर्म न्यूरोलॉजिकल सिम्पटम्स (neurological symptoms) सामने आ सकते हैं। 

 

कोविड-19 संक्रमण से मारे गए लोगों के मस्तिष्क की जांच में शोधकर्ताओं ने पाया कि एंटीबॉडी वायरस के उत्तर में प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा प्रोटीन का निर्माण हुआ जिसने मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं पर हमला करके वाहिकाओं को चोट और सूजन पहुंचायी। 

 

वैज्ञानिकों का कहना है कि वायरस सीधे ब्रेन को संक्रमित नहीं करता है। शोध में यह जानने का प्रयास किया गया कि संक्रमण मस्तिष्क को कैसे क्षति पहुंचा सकता है। इसके लिए 24 से 73 वर्ष के बीच 9 लोगों के मस्तिष्क का परीक्षण किया गया। 

 

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर एण्ड स्ट्रोक के डायरेक्टर और इस शोध को करने वाले डॉक्टर अविंद्र नाथ (Dr Avindra Nath) ने बताया कि रोगियों में अधिकतर कोरोना संक्रमण के साथ न्यूरोलॉजिकल सिम्पटम्स (orona infection present neurological symptoms) सामने आते हैं। हमने मृतकों के मस्तिष्क में रक्त वाहिकाओं की सूजन और चोट नोटिस की लेकिन इसका कारण नहीं समझ पाएं थे। अब इस अध्ययन से काफी हद यह कहा जा सकता है कि कोविड संक्रमण से मस्तिष्क की बल्ड वेसेल्स को नुकसान पहुंचता है। 

 

डॉ अविंद्र नाथ का कहना है कि कोविड-19 के जवाब में पैदा होने वाली एंटीबॉडी मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती है और इससे ब्रेन स्ट्रोक (brain stroke) का खतरा बढ़ सकता है। इससे अनिद्रा (insomnia), सिरदर्द (headache), गंध तथा स्वाद की कमी लगना (loss of smell and taste), थकान बनी रहना (fatigue) जैसे रोग भी हो सकते हैं।

 

हालांकि डॉ नाथ इसके लिए और शोध करने की आवश्यकता पर बल देते हैं लेकिन यह अध्ययन कोरोना संक्रमण के बाद न्यूरोलॉजिकल सिम्पटम्स को समझने में मदद करेगा। 

लखनऊ। एक अध्ययन में पाया गया है कि कोरोना संक्रमण मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकता है और इससे दिमागी बीमारियां भी हो सकती है। संक्रमण से ब्रेन स्ट्रोक तक का खतरा हो सकता है।

 

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर एण्ड स्ट्रोक (National Institute of Neurological Disorders and Stroke) ने एक अध्ययन (Research) में पाया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से पैदा हुआ इम्यून रेस्पांस ब्रेन की ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचा सकता है (coronavirus infection can damage the brain's blood vessels) जिससे शार्ट या लांग टर्म न्यूरोलॉजिकल सिम्पटम्स (neurological symptoms) सामने आ सकते हैं। 

 

कोविड-19 संक्रमण से मारे गए लोगों के मस्तिष्क की जांच में शोधकर्ताओं ने पाया कि एंटीबॉडी वायरस के उत्तर में प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा प्रोटीन का निर्माण हुआ जिसने मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं पर हमला करके वाहिकाओं को चोट और सूजन पहुंचायी। 

 

वैज्ञानिकों का कहना है कि वायरस सीधे ब्रेन को संक्रमित नहीं करता है। शोध में यह जानने का प्रयास किया गया कि संक्रमण मस्तिष्क को कैसे क्षति पहुंचा सकता है। इसके लिए 24 से 73 वर्ष के बीच 9 लोगों के मस्तिष्क का परीक्षण किया गया। 

 

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर एण्ड स्ट्रोक के डायरेक्टर और इस शोध को करने वाले डॉक्टर अविंद्र नाथ (Dr Avindra Nath) ने बताया कि रोगियों में अधिकतर कोरोना संक्रमण के साथ न्यूरोलॉजिकल सिम्पटम्स (orona infection present neurological symptoms) सामने आते हैं। हमने मृतकों के मस्तिष्क में रक्त वाहिकाओं की सूजन और चोट नोटिस की लेकिन इसका कारण नहीं समझ पाएं थे। अब इस अध्ययन से काफी हद यह कहा जा सकता है कि कोविड संक्रमण से मस्तिष्क की बल्ड वेसेल्स को नुकसान पहुंचता है। 

 

डॉ अविंद्र नाथ का कहना है कि कोविड-19 के जवाब में पैदा होने वाली एंटीबॉडी मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती है और इससे ब्रेन स्ट्रोक (brain stroke) का खतरा बढ़ सकता है। इससे अनिद्रा (insomnia), सिरदर्द (headache), गंध तथा स्वाद की कमी लगना (loss of smell and taste), थकान बनी रहना (fatigue) जैसे रोग भी हो सकते हैं।

 

हालांकि डॉ नाथ इसके लिए और शोध करने की आवश्यकता पर बल देते हैं लेकिन यह अध्ययन कोरोना संक्रमण के बाद न्यूरोलॉजिकल सिम्पटम्स को समझने में मदद करेगा। 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

मेदांता हॉस्पिटल लखनऊ में मनाया गया विश्व रक्तदाता दिवस

मेदांता हॉस्पिटल लखनऊ में मनाया गया विश्व रक्तदाता दिवस

हुज़ैफ़ा अबरार June 14 2022 35172

मेदांता सुपरस्पेशियालिटी हॉस्पिटल के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ आशीष तिवारी ने कहा कि

प्रधानमंत्री 11 दिसंबर को तीन राष्ट्रीय आयुष संस्थान राष्ट्र को समर्पित करेंगे

प्रधानमंत्री 11 दिसंबर को तीन राष्ट्रीय आयुष संस्थान राष्ट्र को समर्पित करेंगे

विशेष संवाददाता December 07 2022 31610

आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय आयुष मंत्री ने मीडिया को 9वीं विश्व आयुर्वेद कांग्रेस (WAC) का विव

ग्रेटर नोएडा के इस अस्पताल में खुलेगा स्लीप लैब

ग्रेटर नोएडा के इस अस्पताल में खुलेगा स्लीप लैब

आरती तिवारी September 08 2022 33736

ऐसे तमाम लोग हैं जिन्हें सोते समय जबरदस्त खर्राटे आते हैं या नींद में चलने की बीमार है तो अब आप इसका

एम्स करेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिवाइस से गर्भाशय कैंसर की जांच

एम्स करेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिवाइस से गर्भाशय कैंसर की जांच

एस. के. राणा October 11 2022 36666

भाशय के कैंसर के विभिन्न प्रकार होते हैं। सबसे आम प्रकार एंडोमेट्रियम में शुरू होता है, जो गर्भाशय क

पूरी दुनिया में सबसे तेज़ कोरोना वैक्सिनेशन भारत में 54 लाख से ज़्यादा लोगों को लगा टीका। 

पूरी दुनिया में सबसे तेज़ कोरोना वैक्सिनेशन भारत में 54 लाख से ज़्यादा लोगों को लगा टीका। 

हे.जा.स. February 07 2021 27686

स्वास्थ्य मंत्रालाय ने एक बयान में कहा कि भारत दुनिया का ऐसा पहला देश बन गया है, जिसने केवल 21 दिन म

देश का हर नौंवा व्यक्ति संक्रामक रोग से संक्रमित है: आईसीएमआर

देश का हर नौंवा व्यक्ति संक्रामक रोग से संक्रमित है: आईसीएमआर

एस. के. राणा November 02 2025 2030

आईसीएमआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि किसी भी महामारी की आशंका को समय रहते रोकने के लिए यदि हम हर

त्वचा के लिए जहर से कम नही हैं ये चीजें

त्वचा के लिए जहर से कम नही हैं ये चीजें

सौंदर्या राय October 03 2022 34016

अक्सर लोगों के चेहरे पर कम उम्र में ही रिंकल्स और फाइन लाइन्स की समस्या देखने को मिलती है जिससे वह उ

यूपी में पैरामेडिकल कर्मचारी नेताओं का तबादला निरस्त, देखिए अंदरखाने की पूरी राजनीति

यूपी में पैरामेडिकल कर्मचारी नेताओं का तबादला निरस्त, देखिए अंदरखाने की पूरी राजनीति

रंजीव ठाकुर August 06 2022 36784

हेल्थ जागरण आज चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों को लेकर एक अति विशेष जानकारी बताने जा रह

कॉर्निया की बीमारी का इलाज।

कॉर्निया की बीमारी का इलाज।

लेख विभाग January 06 2021 28419

केराटोकोनस आंखों की वह अवस्था होती है, जिसमें कॉर्निया का आकार, जो आमतौर पर गोलाकार होता है, विकारग्

बरसात से बढ़ी मुसीबतें, लगातार फैल रही बीमारियां

बरसात से बढ़ी मुसीबतें, लगातार फैल रही बीमारियां

विशेष संवाददाता August 25 2023 24902

गाजियाबाद में डेंगू का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। पास इलाके और कई सोसाइटी में स्वास्थ्य विभाग के कर

Login Panel