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जापानी इन्सेफेलाइटिस (जेई) विषाणुजनित (वायरल) रोग है, जो कि पशुओं और मनुष्यों को संक्रमित करता है। यह मानव में मच्छरों द्वारा फैलता है। यह रोग मस्तिष्क के आसपास की झिल्ली में सूजन के कारण होता हैं। आमतौर पर जापानी इन्सेफेलाइटिस (Japanese encephalitis), इन्सेफेलाइटिस वायरल के फैलने के प्रमुख कारण की अगुवाई पश्चिमी प्रशांत महासागर से होते हुए, पूर्वी तथा पश्चिम पाकिस्तान और उत्तरी कोरिया से दक्षिण पापुआ न्यू गिनी से फैलते हुए एशिया पहुंची।
जापानी इन्सेफेलाइटिस फलैवी वायरस के कारण होता हैं, जो कि मस्तिष्क के आसपास की झिल्ली को प्रभावित करता है। आमतौर पर संक्रमण का कारण, जापानी इन्सेफेलाइटिस वायरस का हल्का (बुखार और सिर दर्द) अथवा स्पष्ट लक्षण के बिना होता हैं, लेकिन कभी-सभी दो सौ संक्रमणों में से एक के परिणामस्वरूप गंभीर बीमारी में तबदील हो जाता हैं तथा जिसकी वज़ह से तेजी से उच्च स्तर पर बुखार होना, सिरदर्द, गर्दन की जकड़न, आत्मविस्मृति, कोमा, दौरा, मानसिक पक्षाघात और मृत्यु तक हो सकती हैं।
जापानी इन्सेफेलाइटिस के लक्षण - Symptoms of Japanese Encephalitis
जापानी इन्सेफेलाइटिस की ऊष्मायन अवधि (incubation period) पांच से पंद्रह दिनों तक होती हैं तथा दो सौ पचास संक्रमणों की बहुलता में से एक संक्रमण इन्सेफेलाइटिस में विकसित हो जाता है।
इसके प्रारंभिक लक्षणों में शामिल हैं :
अक्सर ऐसा बहुत कम मामलों में होता हैं कि ये प्रारंभिक लक्षण कुछ दिनों तक बने रहते हैं तथा उसके बाद गंभीर लक्षण में विकसित हो जाते हैं:
जापानी इन्सेफेलाइटिस के कारण - Causes of Japanese Encephalitis
जापानी इन्सेफेलाइटिस एक फलैवी वायरस (virus) के कारण होता है। इस तरह यह वायरस पशुओं और मनुष्यों दोनों को एक सामान रूप से प्रभावित कर सकता हैं। यह वायरस संक्रमित मच्छर (mosquitoes) के माध्यम से जानवरों और जानवरों से मनुष्यों में प्रसारित होता हैं।
इस रोग के जोखिम वाले कारकों में शामिल हैं:
जापानी इन्सेफेलाइटिस के निदान - Diagnosis of Japanese Encephalitis
रक्त परीक्षण: रक्त में उपस्थित एंटीबॉडी पता करने के लिए किया जाता हैं।
लम्बर पंचर/रीढ़ की हड्डी का पानी लेना: सीएसएफ एंटीबॉडी में और रीढ़ की हड्डी में तरल पदार्थ की जांच करने के लिए किया जाता है।
स्कैन: मस्तिष्क इन्सेफेलाइटिस की स्थिति में:
कंप्यूटरीकृत टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन द्वारा शरीर के अंदर का स्पष्ट चित्र लेने के लिए, थोड़ा अलग-अलग कोणों से चित्र लिए जाते हैं तथा शरीर के एक्स-रे की श्रृंखला बनाई जाती है।
चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (एमआरआई) स्कैन द्वारा शरीर का विस्तार से आंतरिक चित्र प्राप्त करने हेतु रेडियो तरंगों और मजबूत चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग किया जाता हैं।
जापानी इन्सेफेलाइटिस का प्रबंधन - Management of Japanese Encephalitis
जापानी इन्सेफेलाइटिस के लिए कोई विशेष उपचार नहीं है, इसके लिए केवल सहायक उपचार ही प्रदान किया जाता है। उपायों का उपयोग केवल लक्षणों को नियंत्रित और जटिलताओं को विकसित होने से रोकने के लिए किया जा सकता हैं।
एनएचपी स्वास्थ्य की बेहतर समझ के लिए संकेतात्मक जानकारी प्रदान करता है। किसी भी तरह के निदान और उपचार के प्रयोजन के लिए, आपको अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।
जापानी इन्सेफेलाइटिस से होने वाली जटिलताएं - Complications from Japanese Encephalitis
जापानी इन्सेफेलाइटिस हेतु रोकथाम - Prevention from Japanese Encephalitis
(क) व्यक्तिगत स्तर पर
(ख) समुदाय में
(ग) यात्रा के दौरान रोकथाम
(घ) गर्भावस्था के दौरान जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) की रोकथाम
क्या करें और क्या न करें - Do's and Don'ts







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