देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

मौसमी बदलाव से बढ़ सकता है अस्थमा अटैक।

अस्थमा का मौसमी बदलाव के कारण बढ़ जाना एक सुपरिचित घटना है। अस्थमा की बीमारी एलर्जनए जैसे मोल्ड फंगस पालतू पशुओं के बाल डस्ट माईट्स एवं वायरल संक्रमण से बढ़ सकती है।

0 20097
मौसमी बदलाव से बढ़ सकता है अस्थमा अटैक। प्रतीकात्मक

- डॉ आलोक श्रीवास्तव, 
चेस्ट फिजिशियन, सहारा अस्पताल। 

मॉनसून का समय ज्यादातर लोगों के लिए राहत लेकर आता है। झमाझम बारिश से लोगों को भारी गर्मी से आराम मिलता है। लेकिन अस्थमा पीडि़तों के लिए यह समय मुश्किल भरा होता है और उनकी स्थिति को और ज्यादा खराब कर देता है। अस्थमा का मौसमी बदलाव के कारण बढ़ जाना एक सुपरिचित घटना है। अस्थमा की बीमारी एलर्जनए जैसे मोल्ड फंगस पालतू पशुओं के बाल डस्ट माईट्स एवं वायरल संक्रमण से बढ़ सकती है। मॉनसून भी अस्थमा की बीमारी के बढ़ने का एक मुख्य कारण है। बारिश के मौसम में कम धूप मिलने के कारण विटामिन डी की कमी हो जाती हैए जो अस्थमा के अटैक के बिगड़ने का एक मुख्य कारण है।   

मॉनसून के दौरान ठंडा वातावरण भी अस्थमा के लक्षणों व संकेतों को और ज्यादा खराब कर सकता है। आसपास के वातावरण में नमी से फंगस हो सकती है जिससे एलर्जी बढ़ सकती है और अस्थमा का अटैक आ सकता है। साथ ही इस मौसम में वायरल संक्रमण की संभावनाएं ज्यादा हो जाती हैं तथा एलर्जन बढ़कर लक्षणों को और ज्यादा गंभीर बना सकते हैं।

हर बार मॉनसून में अस्थमा के कारण अस्पताल में आने वाले लोगों में भारी वृद्धि हो जाती है। यह वृद्धि खासकर बच्चों में होती है। मौजूदा परिदृश्य में जब मरीज अस्पताल जाने या डॉक्टर से नियमित रूप से परामर्श लेने में असमर्थ हैं तब अस्थमा को बढ़ने से रोकना और भी ज्यादा जरूरी हो गया है। इसलिएए यह बहुत आवश्यक है कि अस्थमा को नियंत्रण में रखा जाए। सबसे अच्छा यह होगा कि मॉनसून के दौरान अस्थमा के प्रबंधन के लिए उपयोगी परामर्श सदैव अपने साथ रखे जाएं।

खांसी और सांस की तकलीफ अस्थमा के लक्षण हैं। यह सांस की एक क्रोनिक बीमारी है जो फेफड़ों में मौजूद हवा की नलियों में सूजन के कारण उत्पन्न होती है। अस्थमा पीडि़त को हवा की नली में सिकुड़न महसूस होती हैए जिसके कारण मरीज को सामान्य रूप से सांस लेना मुश्किल हो जाता है।

अस्थमा के अटैक के इलाज के लिए आपातकालीन कक्ष में जाने के मामले बारिश के मौसम में बढ़ गए जो नमी में वार्षिक वृद्धि के साथ एक या दो महीने बढ़े और शुष्क मौसम में कम हो गए। यह पारस्परिक संबंध घर में डस्ट माईट्स और वायरल संक्रमण के प्रसार के साथ संबंध होने की संभावना बढ़ाता है। इसलिएए यह जरूरी है कि अस्थमा के प्रबंधन के लिए मॉनसून के दौरान सांस की समस्याओं के लिए डॉक्टर के परामर्श से काम किया जाए।

अस्थमा पीडि़तों के लिए मॉनसून का समय मुश्किल होने के कुछ अन्य कारण निम्नलिखित हैं।
1- मॉनसून के दौरान वायरल संक्रमण के बढ़ने की संभावना होती है। वातावरण में अनेक वायरस एवं बैक्टीरिया का प्रवेश हो जाता है। बारिश के मौसम में सर्दी.जुकाम बढ़ जाते हैंए जिससे अस्थमा पीडि़तों के लिए समय और ज्यादा मुश्किल हो जाता है।
2- फंगस बढ़ जाती है। निरंतर बारिश होने से आसपास के वातावरण में फंगस की वृद्धि होती है। बरसात के मौसम में ये फंगस मोल्ड हवा में नमी जैसे अनेक कारणों से बढ़ जाते हैं। इससे ज्यादातर रात में विपरीत प्रभाव देखने को मिलते हैं।
3- घरों में मौजूद डस्ट माईट्स सबसे आम एलर्जन हैं जिनकी संख्या मॉनसून के दौरान ह्यूमिडिटी बढ़ने के कारण बढ़ जाती है। वातावरण में बादल छाए रहने के कारण धूप कम हो जाती हैए जिसके कारण चादरों के सूखने के लिए पर्याप्त धूप नहीं मिल पाती और घरों में डस्ट माईट बढ़ जाते हैं।

मॉनसून के दौरान अस्थमा पर नियंत्रण कैसे रखें?
1. अस्थमा बढ़ाने वाली चीजों से बचें।
2. इन्हेलर्स को पास में रखें।
3. डॉक्टर से परामर्श लें।
4. डॉक्टर के परामर्श से नियमित तौर पर दवाई लेते रहें।

लगातार बढ़ने के बाद भी अस्थमा सबसे कम नियंत्रित की गई बीमारियों में से एक है। अस्थमा के प्रबंधन के लिए इन्हेलर्स ओरल थेरेपी के मुकाबले सबसे प्रभावशाली इलाज के रूप में उभरे हैं। इन्हेलर्स द्वारा यह दवाई पहले खून में तथा शरीर के अन्य अंगों में प्रवाहित होने की बजाय सीधे फेफड़ों में पहुंचती है। इसलिए दवाई की कम खुराक लेने की जरूरत पड़ती है और इसके साईड इफेक्ट भी कम होते हैं।

इस मॉनसून अस्थमा के कारण अपनी खुशी को कम न होने दें और इन्हेलेशन थेरेपी द्वारा अस्थमा पर नियंत्रण पाएं।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

ओमिक्रॉन संक्रमण पर प्रभावी नहीं हो रहा कोरोनारोधी टीका और बूस्टर डोज।

ओमिक्रॉन संक्रमण पर प्रभावी नहीं हो रहा कोरोनारोधी टीका और बूस्टर डोज।

एस. के. राणा December 25 2021 26437

देश में हर दस संक्रमित में से नौ ऐसे लोग हैं, जिन्होंने वैक्सीन की दोनों डोज ली थीं, इसके बावजूद वे

लंपी वायरस के कारण पशुओं के परिवहन पर रोक

लंपी वायरस के कारण पशुओं के परिवहन पर रोक

विशेष संवाददाता August 29 2022 35186

गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में भी मवेशियों में लंपी वायरस की पुष्टि होने के बाद बस्तर में जिला

देश में कोरोना वायरस ने बढ़ाई टेंशन!

देश में कोरोना वायरस ने बढ़ाई टेंशन!

एस. के. राणा April 05 2023 24197

भारत में कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 4435 न

एम्स की स्टडी में चौकाने वाला खुलासा, खून पतला करने की दवा है प्रेगनेंट महिलाओं के लिए घातक

एम्स की स्टडी में चौकाने वाला खुलासा, खून पतला करने की दवा है प्रेगनेंट महिलाओं के लिए घातक

आरती तिवारी August 18 2022 38550

खून पतला करने की दवा ले रहीं करीब एक चौथाई प्रेगनेंट महिलाओं की हालत गंभीर हो रही हैं। इन्हें डिलीवर

कोविड-19 से और 46 लोगों की मौत, 251 नए मामले।

कोविड-19 से और 46 लोगों की मौत, 251 नए मामले।

हुज़ैफ़ा अबरार June 21 2021 33594

पिछले 24 घंटों में कोविड-19 से 46 लोगों की मौत होने के साथ ही संक्रमण से राज्य में अभी तक मरने वालों

कोविड-19: प्रदेश में सुधरे संक्रमण और मौतों के मामले।

कोविड-19: प्रदेश में सुधरे संक्रमण और मौतों के मामले।

रंजीव ठाकुर July 26 2021 29436

अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रदेश में संक्रमण कम होने

फटकार: केवल कोरोना नहीं बल्कि इस काल में अनाथ हुए सभी बच्चों को मिले योजनाओं का लाभ - सुप्रीम कोर्ट।

फटकार: केवल कोरोना नहीं बल्कि इस काल में अनाथ हुए सभी बच्चों को मिले योजनाओं का लाभ - सुप्रीम कोर्ट।

एस. के. राणा July 27 2021 31606

कोविड-19 महामारी के दौरान अनाथ हुए बच्चों को लेकर एक जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई। इन अ

जानलेवा कफ सिरप कोल्ड्रिफ बनाने वाली कंपनी पर ED का छापा, कोल्ड्रिफ ने ली थी 22 बच्चों की जान

जानलेवा कफ सिरप कोल्ड्रिफ बनाने वाली कंपनी पर ED का छापा, कोल्ड्रिफ ने ली थी 22 बच्चों की जान

एस. के. राणा October 14 2025 5026

मध्य प्रदेश और राजस्थान में कोल्ड्रिफ दिए जाने के बाद कम-से-कम 22 बच्चों की मौत हो गई, जिनमें से अधि

आगरा के एसएन मेडिकल कालेज में मात्र एक रुपए में दिखाइए सुपर स्पेशियलिस्ट डॉक्टर्स को

आगरा के एसएन मेडिकल कालेज में मात्र एक रुपए में दिखाइए सुपर स्पेशियलिस्ट डॉक्टर्स को

रंजीव ठाकुर August 21 2022 63907

बढ़ती महंगाई के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक अच्छी खबर आई है। शहर के एसएन मेडिकल कालेज में मात्र ए

Direct Uptake of Nutrition and Caffeine Study: biscuit based comparative study

Direct Uptake of Nutrition and Caffeine Study: biscuit based comparative study

British Medical Journal December 25 2022 31939

Healthcare workers can safely consume a cup of tea after less than 10 minutes, especially if enjoyed

Login Panel