











































प्रतीकात्मक
मेरठ। जनपद में डेंगू पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। रविवार को जिले में डेंगू के 34 नए मरीज मिले। वहीं 2435 सैंपलों की जांच में कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला। अब केवल चार केस सक्रिय हैं मेरठ जिले में 14 नवंबर से 14 लाख बच्चों और किशोरों को कोरोनारोधी टीका लगाने की तैयारी है।
रविवार को मेरठ में डेंगू के 34 नए मरीज मिले। डेंगू के मरीजों की कुल संख्या 1081 हो गई है। 275 सक्रिय केस हैं, जिनमें से 94 अस्पतालों में हैं और 181 घर पर इलाज करा रहे हैं। अब तक 806 मरीज ठीक हो चुके हैं।
मरीज कंकरखेड़ा, कसेरू बक्सर, अब्दुल्लापुर, ब्रह्मपुरी, कैंट, जयभीमनगर, कुंडा, मकबरा डिग्गी, पल्हेडा, साबुन गोदाम, संजयनगर, जाकिर कालोनी, भूडभराल, दौराला, जानी, खरखौदा, जाहिद पुर, माछरा, मवाना, परीक्षितगढ़, रजपुरा, रोहटा और सरूरपुर के रहने वाले हैं। दूसरी तरफ, बारिश होने से डेंगू का प्रकोप और बढ़ सकता है। जगह-जगह पानी भरा रहा तो डेंगू का लार्वा पनप जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को जागरूक रहने की अपील की है।







हुज़ैफ़ा अबरार June 07 2026 0 1526
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 994
हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2026 0 833
हुज़ैफ़ा अबरार June 12 2026 0 784
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4438
एस. के. राणा January 20 2026 0 4312
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4284
एस. के. राणा January 13 2026 0 4193
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3962
एस. के. राणा February 01 2026 0 3612
एस. के. राणा February 04 2026 0 3521
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86623
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34441
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37642
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35217
लेख विभाग March 19 2022 0 34720
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72098
जीएसवीएएम मेडिकल कॉलेज में 1982 में स्पीच थेरेपी सेंटर खोला गया था। 40 साल से ये संस्था हकलाने वाले
शरीर में विटामिन ए की कमी न हो इसके लिए विटामिन ए वाले फूड का चयन करना जरूरी होती है। डाइट में ऐसे फ
अपोलोमेडिक्स अस्पताल में रक्तदान शिविर में अस्पताल के डॉक्टरों कर्मचारियों और स्वयंसेवकों ने रक्तदान
वैसे तो यह एक आम समस्या है लेकिन सही वक्त पर इसका इलाज नहीं किया जाए तो इसकी एडवांस स्टेज में लंग्स,
यात्री बैटरी-पावर व्हीलचेयर का उपयोग कर सकते हैं। विकल्प के रूप में एयरलाइन से व्हीलचेयर का उपयोग कर
वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. आनंद स्वरूप ने बताया कि लोगों के सावधानी न बरतने से उन्हें बीमारियां चपेट में
स्पेशल बूथ पर महिला स्टाफ ही कार्यरत है। इसमें दो वार्ड आया, तीन महिला सिपाही, पंजीकरण करने के लिए ए
टीबी के मरीजों को गोद लेने का मतलब उन्हें अपने घर में रखना नहीं है बल्कि उनको अपने परिवार का एक सदस्
गुरुवार को पहली बार ऐसी सर्जरी की गई। सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में छोटे चीरे के जरिए कैंसर के गुच्छे क
गंभीर स्वास्थ्य चुनौती को संबोधित करते हुए, डॉ. ऋत्विज बिहारी प्रमुख और अध्यक्ष न्यूरोलॉजी विभाग चंद

COMMENTS