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पटना। एनीमिया एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। इससे जहाँ शिशुओं का शारीरिक एवं मानसिक विकास अवरुद्ध होता वहीँ किशोरियों एवं माताओं में कार्य करने की क्षमता में भी कमी आ जाती है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय पोषण अभियान के अंतर्गत ‘एनीमिया मुक्त भारत’ कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है।
इस कार्यक्रम के तहत 6 विभिन्न आयु वर्ग के समूहों को चिह्नित कर उन्हें एनीमिया (anemia) से मुक्त करने की पहल की गयी है। एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत 6 माह से 59 माह तक के बच्चों को सप्ताह में दो बार आईएफए (iron folik acid) सिरप देने का प्रावधान किया गया है। एक ख़ुराक में 1 मिलीलीटर यानी 8-10 बूंद होती है। सभी आशा को स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से सिरप (syrup) की 50 मिलीलीटर की बोतलें आवश्यक मात्रा में दी जाती है। प्रथम दो सप्ताह में आशा स्वयं बच्चों (children) को दवा पिलाकर माँ को सिखाने का प्रयास करती एवं अनुपालन कार्ड भरना सिखाती हैं। दो सप्ताह के बाद का ख़ुराक माँ द्वारा स्वयं पिलाने तथा अनुपालन कार्ड में निशान लगाने के विषय में इस कार्यक्रम के दिशा-निर्देश में विशेष बल दिया गया है।
इन 6 आयु वर्ग के लोगों को किया गया है लक्षित - These 6 age groups have been targeted
Edited by Shweta Singh







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