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भारत ने कोविड-19 टीकाकरण अभियान में फिर रचा इतिहास, 200 करोड़ खुराक टीकों का आंकड़ा पार   

प्रधानमंत्री मोदी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर देशवासियों को बधाई दी। केन्‍द्रीय स्वास्थ्य मंत्री इसे असाधारण उपलब्धि बताया और राज्य मंत्री डॉ. भारती ने स्वास्थ्यकर्मियों को धन्यवाद दिया।

एस. के. राणा
July 17 2022 Updated: July 17 2022 23:28
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भारत ने कोविड-19 टीकाकरण अभियान में फिर रचा इतिहास, 200 करोड़ खुराक टीकों का आंकड़ा पार    प्रतीकात्मक चित्र

नयी दिल्ली। भारत ने कोविड-19 टीकाकरण में ऐतिहासिक उपलब्धि की है। देश कोविड-19 टीकाकरण अभियान ने आज 200 करोड़ खुराकें के मील के पत्थर को पार कर लिया। आज दोपहर 1 बजे तक की रिपोर्टों के अनुसार, देश भर में टीकों की कुल 2,00,00,15,631 खुराकें दी जा चुकी हैं। यह 2,63,26,111 सत्रों के माध्यम से अर्जित किया गया है।


प्रधानमंत्री (Prime Minister) नरेन्‍द्र मोदी (Narendra Modi) ने ट्वीट के ज़रिये इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने भारत के टीकाकरण अभियान को ‘‘परिमाण और गति में अद्वितीय’’ बताया।


केन्‍द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने भी केवल 18 महीनों में यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने पर देश को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ‘‘यह असाधारण उपलब्धि इतिहास में दर्ज की जाएगी।’’

केन्‍द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने भी मानवता की सेवा में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों (health workers) को उनकी कड़ी मेहनत, विजन और नवोन्‍मेषण के लिए धन्यवाद दिया।


भारत का राष्ट्रव्यापी कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम (COVID-19 vaccination program) प्रधानमंत्री द्वारा 16 जनवरी, 2021 को आरंभ किया गया था। उनके सक्रिय और दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत ने ‘‘मेक-इन-इंडिया’’ और ‘‘मेक-फॉर वर्ल्‍ड’’ रणनीति के तहत कोविड-19 टीकों के अनुसंधान, विकास और निर्माण में सहायता की, भौगोलिक कवरेज का मूल्यांकन करने के लिए को-विन जैसी अत्‍याधुनिक प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया, टीकों के लिए एईएफआई को ट्रैक किया, समावेशिता को बढ़ावा दिया और नागरिकों को उनके टीकाकरण कार्यक्रम का पालन करने के लिए एकल संदर्भ बिंदु प्रदान किया तथा वैज्ञानिक साक्ष्य और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं पर आधारित टीका लगाए जाने को प्राथमिकता दी।


इस राष्ट्रव्यापी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए क्षमता निर्माण सुनिश्चित करने में कई प्रणालीगत युक्तियों का भी उपयोग किया गया। कोविड-19 टीकों (COVID-19 vaccines) के भंडारण और परिवहन के लिए विद्यमान आपूर्ति श्रृंखला का लाभ उठाया गया, उसे सुदृढ़ किया गया तथा टीका वितरण की प्रभावी निगरानी की गई एवं हर समय टीकों और सीरिंज की उपलब्धता और कुशल उपयोग सुनिश्चित किया गया।


भारत का स्वतंत्र और स्वैच्छिक राष्ट्रव्यापी कोविड-19 टीकाकरण प्रक्रिया हर घर दस्तक, कार्यस्थल सीवीसी, स्कूल आधारित टीकाकरण, बिना पहचान दस्तावेजों वाले व्यक्तियों के टीकाकरण, घर के पास सीवीसी और मोबाइल टीकाकरण टीमों जैसी पहलों के माध्यम से नागरिक अनुकूल दृष्टिकोण के साथ संचालित की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित 71 प्रतिशत सीवीसी और महिलाओं को दी जाने वाली वैक्सीन की 51 प्रतिशत से अधिक खुराक के साथ, भारत के राष्ट्रीय कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम ने भौगोलिक और जेंडर समानता भी सुनिश्चित की।


देश भर में कोविड मामलों में कमी के बावजूद, सभी पात्र नागरिकों को टीका लगाए जाने के प्रयास लगातार जारी थे। इसका प्रमाण इस तथ्य से मिलता है कि 16 जनवरी 2021 को टीकाकरण अभियान आरंभ होने के बाद से 100 करोड़ के अंक तक पहुंचने में लगभग 9 महीने लग गए और 200 करोड़ टीकाकरण के चिन्‍ह तक पहुंचने में 9 महीने और लगे, जिसमें सबसे अधिक एक दिन का टीकाकरण रिकॉर्ड 17 सितम्‍बर, 2021 को हासिल किया गया जब एक ही दिन में 2.5 करोड़ टीके लगाए गए।


केन्‍द्र सरकार (Union Government) ने 15 जुलाई, 2022 को, सरकारी कोविड टीकाकरण केन्‍द्रों (सीवीसी) में सभी पात्र वयस्क आबादी को नि:शुल्‍क एहतियाती खुराक प्रदान करने के लिए 75 दिवसीय ‘कोविड टीकाकरण अमृत महोत्सव’ आरंभ किया। आजादी का अमृत महोत्सव समारोह के हिस्से के रूप में, यह विशेष अभियान, कोविड टीकों की एहतियाती खुराक बढ़ाने के लिए एक ‘मिशन मोड’ में लागू किया जा रहा है।


भारत ने कोविड टीकाकरण पर सही जानकारी और अनुकूलित दिशा-निर्देश प्रदान करने के लिए एक सुव्यवस्थित संचार रणनीति भी निर्धारित की। इसने टीकों के लेकर हिचकिचाहट  को दूर करने तथा आम जनता के बीच टीका उत्सुकता और कोविड उपयुक्त व्यवहार को बढ़ावा देने में मदद की।

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