











































प्रतीकात्मक
लखनऊ। वर्ल्ड स्लीप डे के अवसर पर मिडलैंड हेल्थकेयर एंड रिसर्च सेंटर लखनऊ में फिलिप्स इंडिया के सहयोग से स्लीप डिस्ऑर्डर के निदान के लिए नि:शुल्क जाँच शिविर का आयोजन किया गया। पिछले कुछ दशकों में जीवनशैली से संबंधित बीमारियों में हो रही वृद्धि के चलते स्लीप डिस्ऑर्डर जैसे ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया, ओएसए या स्लीप एप्निया से पीडि़त लोगों की संख्या स्थिर रूप से बढ़ रही है।

ओएसए नींद से संबंधित श्वास की समस्या है जिसमें नींद के दौरान सांस थम जाती है। इस बीमारी के लक्षण दिन में और रात में अलग होते हैं। दिन में होने वाले स्लीप एप्निया के लक्षणों में दिन में नींद आते रहना या फिर थकावट रहना, सुबह सरदर्द होना, ध्यान केंद्रित न कर पाना और चिड़चिड़ाहट होना शामिल है। रात में स्लीप एप्निया के लक्षणों में जोर से खर्राटे लेना जो कमरे से बाहर भी सुनाई दें बार-बार पेशाब आना, गला सूखना और नींद के दौरान हाँफना शामिल हैं।
मिडलैंड हॉस्पिटल के हेड ऑफ डिपार्टमेंट डॉक्टर बीपी सिंह ने बताया नींद की समस्याओं जैसे स्लीप एप्निया के बारे में जानकारी का स्तर मरीज समुदाय में काफी कम है। नींद का हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा असर होता है और यदि स्लीप एप्निया का इलाज न हो तो इससे हाई ब्लड प्रेशर, अनियंत्रित डायबिटीज़, कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों एवं स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है। हमने इस जाँच शिविर का आयोजन इस बीमारी की जागरुकता बढ़ाने और इन बीमारियों से पीडि़त मरीजों को नि:शुल्क मेडिकल परामर्श देने के लिए किया है।

उन्होंने बताया कि स्लीप एप्निया का इलाज संभव है और इसे सीपीएपी कंटीन्युअस पॉजि़टिव एयरवे प्रेशर, थेरेपी एवं बिहैवियोरल थेरेपी से ठीक किया जा सकता है। जिन लोगों ने यह थेरेपी कराई है उनके स्वास्थ्य एवं जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार देखने को मिला है। इस वर्ल्ड स्लीप डे पर मैं मरीजों एवं फिजि़शियंस से आग्रह करता हूँ कि वो स्लीप को नियंत्रण में लें और स्लीप डिस्ऑर्डर का निदान कराके उसका इलाज कराएं।
ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया ओएसए की शिकायत विश्व भर में 100 करोड़ लोगों को है लेकिन ओएसए के 80 प्रतिशत मामलों का निदान नहीं कराया जाता। जिनमें से 51 प्रतिशत ओवरवेट-मोटापा पीडि़त हैं और 53 प्रतिशत को गंभीर समस्या जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़, अस्थमा, दिल की बीमारी एवं स्ट्रोक की समस्या है। मिडलैंड हैल्थकेयर एंड रिसर्च सेंटर एक अति आधुनिक एवं विश्वस्तरीय चिकित्सालय है जहां स्लीप एप्निया की जाँच एवं निदान की सुविधा 5 स्लीप लैब्स द्वारा उपलब्ध है। यह हॉस्पिटल मई 2021 तक अपने मरीजों को सभी स्लीप स्टडीज़ पर 20 प्रतिशत की छूट देने के लिए प्रतिबद्ध है। स्लीप एवं रेस्पिरेटरी केयर में उद्योग के इनोवेटर के रूप में फिलिप्स क्लिनिकली प्रमाणित समाधानों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जो लोगों को अपनी स्लीप हैल्थ को नियंत्रण में लेने में मदद करें।







हुज़ैफ़ा अबरार August 24 2026 0 84
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 7994
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 1946
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1708
हुज़ैफ़ा अबरार August 08 2026 0 1582
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 7994
एस. के. राणा January 20 2026 0 5285
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5180
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5082
एस. के. राणा February 01 2026 0 4907
एस. के. राणा January 13 2026 0 4781
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4746
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87197
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35169
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38279
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35770
लेख विभाग March 19 2022 0 35399
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73008
बहुत ढूंढने पर आलमबाग टीबी केन्द्र हमें चंदर नगर स्वास्थ्य केन्द्र के पीछे मिला जो पूरी तरह उपेक्षित
1,06,44,858 लोगों के संक्रमण मुक्त होने के साथ ही देश में मरीजों के ठीक होने की दर 97.33 प्रतिशत हो
सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की रैंकिंग में साइकाइटरी अस्पताल ने पहला रैंक हासिल किया। इसके बाद डीएच
शाहजहांपुर में ऑल सेंट्स स्कूल परिसर में लायंस क्लब शाहजहांपुर शक्ति एवं वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज के
कोरोना की चौथी लहर अगर आती है तो वह भी तीसरी लहर की तरह ही होगी। कम समय के लिए और कम घातक होगी, केवल
इस साल एक्युलाइज 'Equalize' थीम रखी गई है। इसका अर्थ 'समानता' होता है। इस साल की थीम से हमारे समाज म
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का उद्घाटन
गर्मियों में खुद को स्वस्थ्य रखने के लिए सबसे पहले आपको अपने खानपान में इन चीजों को शामिल करना चाहि
बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण अत्यन्त आवश्यक है क्योंकि प्रत्येक 53 सेकेण्ड में एक नवजात बच्चे की मृ
अपोलोमेडिक्स की व्यापक लिवर सेवाएं उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में हर उम्र के लोगों के साथ-सा

COMMENTS