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जानिये त्वचा के प्रकार और निखार बढ़ाने के घरेलू नुस्खे।

आप चेहरे की चमक लाना चाहती हैं, तो आपको यह जरूर जानना चाहिए कि मेलाज्मा क्या है, और इससे कैसे बचना है। मेलाज्मा त्वचा से जुड़ा एक सामान्य विकार है। इसमें चेहरे पर भूरे रंग का धब्बा जैसा दिखाई देता है।

सौंदर्या राय
September 12 2021 Updated: September 12 2021 02:52
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जानिये त्वचा के प्रकार और निखार बढ़ाने के घरेलू नुस्खे। प्रतीकात्मक

- आचार्य श्री बालकृष्ण

सभी चाहते हैं कि उनकी त्वचा खूबसूरत दिखे, और चेहरे की चमक बनी रहे। त्वचा सुंदर हो तो व्यक्तित्व में निखार आती है। व्यक्ति का हर अंग आकर्षक लगता है। वास्तव में त्वचा एक ऐसा माध्यम है, जहां से सबसे पहले सुन्दरता की पहचान होती है। कई बार भिन्न-भिन्न कारणों से त्वचा की निखार में कमी आ जाती है। त्वचा की रौनक कम होने से लोग तरह-तरह के घरेलू प्रयास करते हैं।

आयुर्वेद में चेहरे की चमक लाने के लिए बहुत ही सरल उपाय बताए गए हैं। अगर आप भी आयुर्वेद तरीके से त्वचा की कांति वापस पाना चाहते हैं, तो इन तरीकों को आजमा सकते हैं।

त्वचा की चमक क्यों चली जाती है? (Causes & Symptoms of the Skin Problem)
आपके त्वचा की चमक कम होने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं, जिनमें ये प्रमुख हैं :-
- उम्र
- तनाव
- अस्वस्थ जीवनशैली अपनाना जैसे- धूम्रपान, मदिरा सेवन, नशीली दवाओं का सेवन, और अस्वस्थ खान-पान की आदतें।
- शरीर में हार्मोनल परिवर्तन।
- सूर्य की रोशनी के सम्पर्क में अधिक आना।
- इन बातों का ख्याल कर आप चेहरे की चमक (colour fair karne ke tips) को खोने से बचा सकती हैं।

त्वचा के प्रकार (Types of Skin)
सामान्यतः त्वचा तीन प्रकार की होती हैंः-
1. रूखी त्वचा (Dry Skin)
2. तैलीय त्वचा (Oily Skin)
3. सामान्य मिश्रित त्वचा (Mixed Skin)
कई लोगों में मिश्रित त्वचा पाई जाती है, और ऐसी त्वचा गर्मियों में बेहद तैलीय, तथा सर्दियों में अत्यधिक रूखी हो जाती है।

त्वचा की चमक खोने का मुख्य कारण मेलाज्मा (Skin Problem Due to Melasma)
आप चेहरे की चमक लाना चाहती हैं, तो आपको यह जरूर जानना चाहिए कि मेलाज्मा क्या है, और इससे कैसे बचना है। मेलाज्मा त्वचा से जुड़ा एक सामान्य विकार है। इसमें चेहरे पर भूरे रंग का धब्बा जैसा दिखाई देता है। इसे हरी त्वचा (Colasma) भी कहा जाता है। मेलाज्मा के निशान अधिकतर महिलाओं में मां बनने के समय ही देखे जाते हैं।

आमतौर पर ये निशान गालों के ऊपरी हिस्से, सिर और ठोढ़ी पर नजर आते हैं। 20 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं में यह समस्या अधिक देखने को मिलता है। यह बीमारी पुरुषों में भी हो सकती है, लेकिन ऐसा बहुत ही कम मामलों में देखा जाता है।

मेलाज्मा होने के कारण (Cause of Melasma)
ऐसा अस्वस्थ कोशिकाओं या Melanocytes द्वारा भूरे Melanin के अधिक उत्पादन के कारण होता है। मेलाज्मा (Melasma) में पड़ने वाले गहरे निशानों के पीछे गर्भावस्था, गर्भनिरोधक गोलियां, हार्मोन में बदलाव या असन्तुलन, हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी, परिवार में किसी का मेलाज्मा से जुड़ा इतिहास, अनुवांशिक एवं जातीय कारण और दवाएं आदि प्रमुख हैं।

मेलाज्मा (Melasma) के तीन प्रकार देखे जाते हैं-

1. चेहरे के बीचोंबीच (Centrofacial )
2. गालों पर (मलार)
3. जबड़ों पर (Mandibular)

इसमें सिर, गालों, ऊपरी होठों, नाक और ठोढ़ी पर निशान उभर आते हैं, जो Centrofacial, Melasma का सामान्य रूप होते हैं।
चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक उपाय (Home Remedies for Glowing Skin in Hindi)
चेहरे की चमक लाने के लिए आप इन उपायों (glowing skin) को आजमा सकते हैं। इससे आपकी त्वचा स्वस्थ तो रहती ही है, साथ ही त्वचा की कांति वापस भी आ जाती हैः-

मेलाज्मा (Melasma) से बचने का तरीका (Home Remedy for Melasma)

एक शोध के मुताबिक दुनिया भर में करीब साढ़े चार करोड़ से पांच करोड़ लोगों को मेलाज्मा (Melasma) की शिकायत है। इन पीड़ित लोगों में 90 फीसदी महिलाएं हैं। इससे बचने के लिए सबसे बेहतर उपाय सूरज की रोशनी में बाहर ना निकलना, या खुद को सूरज की सीधी किरणों से बचाना है।

सूरज की रोशनी में अधिक वक्त बिताने से मेलाज्मा होने की संभावना बढ़ जाती है। जिन लोगों के परिवार में मेलाज्मा हुआ है, उन्हें सूरज की रोशनी में अधिक वक्त बिताने से बचना चाहिए। इससे आपकी चेहरे की चमक जा सकती है। यह हार्मोन की औषधियां बन्द करने पर, या गर्भावस्था बीत जाने के कुछ महीनों बाद हल्का पड़ जाता है।

वातज, पित्तज और कफज त्वचा की पहचान (Symptoms of Vataj, Pittaj and Kafaj’s Skin)
आप वातज, पित्तज और कफज त्वचा की पहचान ऐसे कर सकते हैंः-

वातज त्वचा की पहचान और उपाय 

जिस त्वचा में वात की अधिकता हो, वह रूखी हो जाती है। ठंड के मौसम में यह बेहद सूख जाती है। उम्र के साथ-साथ जल्दी ढलती है। यह समय से पहले ही अपनी वसा खो देती है। 

ऐसे में इसे खास देखभाल की जरूरत होती है। खासतौर पर इस तरह की त्वचा को पौष्टिकता देने के लिए प्राकृतिक तेलों से मालिश करनी चाहिए। इससे त्वचा में नमी बरकरार रहेगी और रूखापन दूरहोगी। इसके अलावा आपको भरपूर नींद लेनी चाहिए।

पित्तज त्वचा की पहचान और उपाय 
जिसमें पित्त की अधिकता है, उस त्वचा में लाल चकत्ते, मुंहासे, जल्दी-जल्दी सनबर्न होने की संभावना रहती है। यह बहुत ही संवेदनशील और मुलायम होती है, तथा हल्कापन और गरमाहट लिए होती है।

इस तरह की त्वचा पर रेशे (Rashes) और मुंहासे की समस्या अधिक देखी जाती है। पित्त प्रभावी त्वचा पीली और संवेदनशील होने से सूरज की रोशनी में ज्यादा प्रभावी होती है। ऐसी त्वचा में ठंडे द्रव्यों के लेप, एवं तेल से मालिश करनी चाहिए।  

कफज त्वचा की पहचान और उपाय 
कफज त्वचा अधिक तैलीय, मोटी और ठण्डापन लिए होती है। ऐसी त्वचा पर अधिक गन्दगी जमा होने की संभावना तथा मुंहासे की शिकायत अधिक रहती है। कफ प्रभावित त्वचा की देखभाल के लिए त्वचा के विषैले तत्वों को दूर करना होता है।

त्वचा में निखार बढ़ाने के लिए अन्य घरेलू नुस्खे (Home Remedies for Skin Glowing)
चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए घरेलू नुस्खे बहुत फायदा पहुंचाते हैं, जो ये हैंः-

नींबू से लाएं त्वचा पर निखार (Lemon)
चेहरे और गर्दन में ताजा निचोड़ा हुआ नींबू का रस लगाएं। दस मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें। नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड, त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है, साथ ही कोशिकाओं को दोबारा बनाने की प्रक्रिया को भी तेज करता है।

अरंडी के तेल (कैस्ट्रोल ऑयल) से त्वचा का रुखापन गायब (Castrol Oil)
चेहरे की चमक लाने, और चेहरे पर पड़ी झुर्रियों को हटाने के लिए अरंडी के तैल (कैस्ट्रोल ऑयल) से अपने चेहरे की नियमित रूप से मालिश करें।

हल्दी पाउडर और बेसन से त्वचा में चमक (Haldi and Besan)
हल्दी पाउडर और बेसन को समान मात्रा में दूध के साथ मिलाकर पेस्ट बनाएं, तथा इसे चेहरे और गर्दन पर लगाएं। सूख जाने के बाद गुनगुने पानी से धो लें। इससे चेहरे की चमक बनी रहती है।

हल्दी त्वचा पर निशान या दाग को मिटाने में अच्छा कार्य करती है। यह एक बेहतर एंटीसेप्टिक है। त्वचा में चमक लाती है, तथा त्वचा संक्रमण समेत कई तरह के त्वचा रोगों के लिए रामबाण है।

शहद के प्रयोग से त्वचा में चमक (Honey)
चेहरे पर शहद लगाएं और सूखने के बाद धो लें। यह एक अच्छा मोस्चराईजर है। यह चेहरे को नरम और कोमल बनाता है। यह चेहरे की चमक को बढ़ाता है।

आलू के रस के प्रयोग से त्वचा में आती है चमक (Potato Juice)
कच्चे आलू के रस को चेहरे पर लगाएं, तथा सूखने पर धो दें। यह चेहरे से दाग-धब्बों को हटाता है तथा त्वचा में कसाव लाता है।

एलोवेरा के इस्तेमाल से त्वचा में निखार (Aloe vera)
ताजा एलोवेरा का गूदा चेहरे पर लगाएं। यह मुंहासे को खत्म करता है, तथा दाग-धब्बों को मिटाता है।

त्वचा को स्वस्थ बनाने के लिए आहार (Diet for Glowing Skin)
चेहरे की चमक बरकरार रखने के लिए आपकी खान-पान इस तरह होनी चाहिएः-

  1. त्वचा को हाइड्रेट रखने के लिए, और नुकसानदायक पदार्थ त्वचा से बाहर निकालने के लिए नींबू पानी का सेवन फायदेमंद है। दिन में कम से कम 10 गिलास पानी पीने के अलावा रोज सुबह एक गिलास नींबू पानी भी लें। नींबू में मौजूद विटामिन ‘सी’ त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद हैं।
  2. Avacado  में विटामिन ‘ई’ की प्रचुरता होती है। इसमें मौजूद एंटीओक्सीडेंट्स (Antioxidants) त्वचा की अल्ट्रा-वायलेट किरणों से रक्षा करते हैं, और निखार लाने में मददगार होते हैं।
  3. Strawberry, bluberry, Raspberry  प्रजाति के फल त्वचा में प्राकृतिक चमक  के लिए बेहद जरूरी हैं। इनका सेवन अधिक करना चाहिए।
  4. अखरोट का सेवन करना चाहिए। इसमें Omega-3 fatty acid होता है, जो त्वचा की दमक बनाए रखता है।
  5. विटामिन ‘ई’ आपकी त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाता है। यह ऑलिव ऑयल, नट्स, बीजों और वनस्पति तेलों में मिलता है।
  6. विटामिन ‘ए’ त्वचा कोशिकाओं का पुनर्निमाण करता है। विटामिन ‘ए’ फलों और सब्जियों में भरपूर मात्रा में होता है।
  7. विटामिन ‘के’ आंखों के नीचे काले घेरों को दूर करने में मदद करता है। यह हरी पत्तेदार सब्जियां और डेरी उत्पादों में मिलता है।

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