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एम्स करेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिवाइस से गर्भाशय कैंसर की जांच

भाशय के कैंसर के विभिन्न प्रकार होते हैं। सबसे आम प्रकार एंडोमेट्रियम में शुरू होता है, जो गर्भाशय की परत होती है। यह तब होता है जब एंडोमेट्रियम की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं। इस प्रकार को एंडोमेट्रियल कैंसर भी कहा जाता है।

एस. के. राणा
October 11 2022 Updated: October 12 2022 02:13
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एम्स करेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिवाइस से गर्भाशय कैंसर की जांच सांकेतिक चित्र

नयी दिल्ली। गर्भाशय, या गर्भ, वह स्थान है जहां एक महिला के गर्भवती होने पर बच्चा बढ़ता है। गर्भाशय कैंसर 60 साल की उम्र की महिलाओं में होता है। गर्भाशय के कैंसर के विभिन्न प्रकार होते हैं। सबसे आम प्रकार एंडोमेट्रियम में शुरू होता है, जो गर्भाशय की परत होती है। यह तब होता है जब एंडोमेट्रियम की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं। इस प्रकार को एंडोमेट्रियल कैंसर भी कहा जाता है। वहीं गर्भाशय कैंसर की संभावित मरीजों की पहचान शुरूआती दौर में करने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिवाइस के साथ काम कर रहा है।

 

जहां इसकी मदद से कम स्टाफ में भी महिलाओं की स्क्रीनिंग (screening) बेहतर ढ़ग से की जा सकेगी, जिसका फायदा देश के दूर-दराज क्षेत्रों में महिलाओं की स्क्रीनिंग के लिए हो सकेगा। दरअसल फेडरेशन ऑफ ऑब्सटेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (फोग्सी) ने साल 2030 तक देश को गर्भाशय कैंसर (uterine cancer) मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत देश में स्क्रीनिंग तेज करने के साथ लोगों तक इसकी पहुंच बनाने के लिए काम किए जा रहे हैं।



एम्स के स्त्री रोग विभाग (gynecology department) की प्रमुख प्रोफेसर नीरजा भाटला ने बताया कि डिवाइस का अभी ट्रायल चल रहा है। डिवाइस गर्भाशय (device uterus) की एक साथ उच्च गुणवत्ता की कई सारी तस्वीरें लेने में सक्षम है। एम्स के डॉक्टर उन तस्वीरों की पहचान कर इस डिवाइस में आंकड़े फीड कर रहे हैं जिनमें गर्भाशय के कैंसर का खतरा हो सकता है। इसके बाद इसमें मौजूद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खींची गई तस्वीरों के जरिए खुद यह पता लगा सकता है कि किस महिला के गर्भाशय के मुख पर दिख रहे बदलाव कैंसर (cancer) होने का इशारा कर रहे हैं। अभी तक की जांच में काफी हद तक सटीक नतीजे मिले हैँ।

 

गर्भाशय के कैंसर के प्रकार- Types of uterine cancer

रोगियों में मुख्य रूप से 2 गर्भाशय कैंसर के प्रकार पाए जाते हैं:

1. एंडोमेट्रियल कार्सिनोमा- Endometrial Carcinoma

 गर्भाशय (एंडोमेट्रियम) के अंदरूनी अस्तर में कैंसर कोशिकाओं का निर्माण होता है, और एंडोमेट्रियल कार्सिनोमा को आमतौर पर गर्भाशय कैंसर या एडेनोकार्कोमा कहा जाता है।

 

2. गर्भाशय सार्कोमा- Uterine Sarcoma

 सहायक संयोजी टिश्यू या गर्भाशय की मांसपेशी परत (मायोमेट्रियम) में शुरू होता है। गर्भाशय के कैंसर के 2 से 4% मामले इस प्रकार में आते हैं और अधिकांश मामलों में उपचार अलग होता है।

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