देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

राष्ट्रीय

कोविशील्ड की खुराकों के बीच अंतराल को लेकर विचार-विमर्श चल रहा है: डॉ. अरोड़ा

अरोड़ा ने कहा कि कोविशील्ड की दो खुराकों के बीच अंतराल को 4-6 हफ्ते से बढ़ाकर 12-16 हफ्ते करने का फैसला वैज्ञानिक आधार पर लिया गया था और इस बारे में एनटीएजीआई के सदस्यों के बीच कोई मतभेद नहीं थे।

हे.जा.स.
June 16 2021 Updated: June 16 2021 22:44
0 32799
कोविशील्ड की खुराकों के बीच अंतराल को लेकर विचार-विमर्श चल रहा है: डॉ. अरोड़ा प्रतीकात्मक

नयी दिल्ली (भाषा)। सरकार के राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) के कोविड-19 संबंधी कार्यसमूह के प्रमुख डॉ. एनके अरोड़ा ने कहा है कि आंशिक टीकाकरण तथा पूर्ण टीकाकरण की प्रभावशीलता के बारे में सामने आ रहे साक्ष्यों पर विचार किया जा रहा है और यह मंथन भी चल रहा है कि क्या भारत को कोविड-19 रोधी टीके कोविशील्ड की दोनों खुराकों के बीच अंतराल को घटाकर फिर से चार से आठ हफ्ते कर देना चाहिए।

अरोड़ा ने कहा कि कोविशील्ड की दो खुराकों के बीच अंतराल को 4-6 हफ्ते से बढ़ाकर 12-16 हफ्ते करने का फैसला वैज्ञानिक आधार पर लिया गया था और इस बारे में एनटीएजीआई के सदस्यों के बीच कोई मतभेद नहीं थे।

उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 और टीकाकरण परिवर्तनशील हैं। कल को यदि टीका निर्माण तकनीक (वैक्सीन प्लेटफॉर्म) में कहा जाता है कि टीके की खुराकों के बीच अंतराल कम करना लोगों के लिए फायदेमंद है चाहे इससे महज पांच या दस फीसदी ही अधिक लाभ मिल रहा हो तो समिति गुण-दोष के आधार तथा ज्ञान के बूते पर इस बारे में फैसला लेगी। वहीं दूसरी ओर, यदि ऐसा पता चलता है कि वर्तमान फैसला सही है तो हम इसे जारी रखेंगे।’’

स्वास्थ्य मंत्रालय के वक्तव्य के मुताबिक अरोड़ा ने डीडी न्यूज को बताया कि टीके की खुराकों के बीच अंतर बढ़ाने का आधार ‘‘एडेनोवेक्टर टीकों’’ से जुड़े बुनियादी वैज्ञानिक कारण थे।

अप्रैल माह के अंतिम हफ्ते में ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग की एजेंसी ‘पब्लिक हैल्थ इंग्लैंड’ ने आंकड़े जारी कर बताया था कि टीके की खुराक के बीच 12 हफ्ते का अंतराल होने पर इसकी प्रभावशीलता 65 से 88 फीसदी के बीच रहती है।

अरोड़ा ने कहा, ‘‘इसी वजह से वे अल्फा स्वरूप के प्रकोप से बाहर आ सके। वहां टीके की खुराकों के बीच अंतर 12 हफ्ते रखा गया था। हमारा सोचना था कि यह एक अच्छा विचार है और इस बात के बुनियादी वैज्ञानिक कारण भी मौजूद हैं कि अंतराल बढ़ाने पर एडेनोवेक्टर टीके बेहतर परिणाम देते हैं। इसलिए टीके की खुराकों के बीच अंतराल बढ़ाकर 12 से 16 हफ्ते करने का 13 मई को फैसला लिया गया।

उन्होंने कहा कि कोविशील्ड टीके की दो खुराकों के बीच अंतराल को बढ़ाने का निर्णय वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर पारदर्शी तरीके से लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में समूह के सदस्यों के बीच कोई मतभेद नहीं था।

सरकार ने 13 मई को कहा था कि उसने कोविड-19 कार्यकारी समूह की अनुशंसाओं को स्वीकार करते हुए कोविशील्ड टीके की दो खुराकों के बीच के अंतराल को 6-8 सप्ताह से बढ़ाकर 12-16 सप्ताह कर दिया है।

बयान के मुताबिक अरोड़ा ने कहा कि कनाडा, श्रीलंका और कुछ अन्य देशों के उदाहरण भी हैं जहां एस्ट्राजेनेका टीके के लिए 12 से 16 हफ्ते का अंतराल रखा गया है।

उन्होंने बताया, ‘‘खुराकों के बीच अंतर बढ़ाने का जब हमने फैसला लिया उसके दो से तीन दिन बाद ब्रिटेन से खबरें आईं कि एस्ट्राजेनेका टीके की एक खुराक से महज 33 फीसदी बचाव ही होता है जबकि दो खुराकों से 60 फीसदी तक बचाव होता है। मई माह के मध्य से ही यह विचार विमर्श चल रहा है कि क्या भारत को खुराकों के बीच अंतराल फिर से चार से आठ हफ्ते कर देना चाहिए।’’

उन्होंने पीजीआई चंडीगढ़ में हुए एक अध्ययन का जिक्र किया जिसमें आंशिक टीकाकरण की पूर्ण टीकाकरण से तुलना की गई। इस अध्ययन में स्पष्ट रूप से बताया गया कि आंशिक टीकाकरण और पूर्ण टीकाकरण दोनों की प्रभावशीलता 75 फीसदी है। यह अध्ययन अल्फा स्वरूप के संबंध में किया गया था जो पंजाब, उत्तर भारत और दिल्ली में पाया गया था।

अरोड़ा ने बताया कि सीएमसी वेल्लोर में हुए अध्ययन के परिणाम भी इसके समान ही हैं जिसमें बताया गया कि कोविशील्ड के आंशिक टीकाकरण से 61 फीसदी तक बचाव हो सकता है और दो खुराकों से 65 फीसदी तक बचाव होता है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

पश्चिम बंगाल में कोरोना के नए वैरिएंट BF.7 के मिले 4 केस

पश्चिम बंगाल में कोरोना के नए वैरिएंट BF.7 के मिले 4 केस

विशेष संवाददाता January 05 2023 26422

पश्चिम बंगाल में ओमीक्रॉन वायरस के बीएफ स्वरूप के चार मामले सामने आए हैं। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने

आईएमए लखनऊ एवं एचएएल के सहयोग से रक्तदान शिविर आयोजित

आईएमए लखनऊ एवं एचएएल के सहयोग से रक्तदान शिविर आयोजित

हुज़ैफ़ा अबरार June 20 2026 651

रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है और इस प्रकार के सामूहिक प्रयास जरूरतमंद मरीजों के लि

गाजियाबाद में आयुष्मान कार्ड का किया गया वितरण

गाजियाबाद में आयुष्मान कार्ड का किया गया वितरण

विशेष संवाददाता January 17 2023 34232

खोड़ा में केंद्र सरकार की तरफ से पात्र गरीबों को इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनाए गए

रहस्यमयी बुखार

रहस्यमयी बुखार 'स्क्रब टायफ़स' की चपेट में उत्तर प्रदेश

हुज़ैफ़ा अबरार November 19 2022 52940

इस बुखार का रहस्य ये है कि सारे लक्षण डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया से मिलते जुलते हैं पर जब टेस्ट करा

कोविड से ठीक होने के बाद हो सकती है हृदय रोग की समस्या।

कोविड से ठीक होने के बाद हो सकती है हृदय रोग की समस्या।

हुज़ैफ़ा अबरार May 27 2021 25962

कोविड से उबरने के बाद किसी अन्य समस्या से बचने के लिए फ़ालोअप केयर में कार्डियो वैस्कुलर डैमेज का पत

कोरोना संक्रमण का अंतिम दौर, बीते 24 घंटे में 1,260 नए मरीज़ मिले

कोरोना संक्रमण का अंतिम दौर, बीते 24 घंटे में 1,260 नए मरीज़ मिले

विशेष संवाददाता April 02 2022 20005

कोरोना केसों में गिरावट के साथ ही एक्टिव केसों की संख्या में भी कमी आई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनु

दुबई की एस्टर डीएम हेल्थकेयर भारत में खोलेगी अस्पतालों की श्रृंखला।

दुबई की एस्टर डीएम हेल्थकेयर भारत में खोलेगी अस्पतालों की श्रृंखला।

हे.जा.स. December 27 2021 47985

35 वर्ष पुराने और बाजार में सूचीबद्ध इस अस्पताल समूह ने दुबई से दिसंबर 1987 में परिचालन शुरू किया था

सहारा हास्पिटल में चौथे चरण का कोरोना वैक्सीनेशन सम्पन्न।

सहारा हास्पिटल में चौथे चरण का कोरोना वैक्सीनेशन सम्पन्न।

हुज़ैफ़ा अबरार February 06 2021 27975

टीकाकरण के पश्चात ऑब्जरवेशन रूम में टीकाकरण कराए हुए व्यक्तियों के लिए उनकी मेडिकल स्थिति को ऑब्जरवे

सेहत के लिए फायदेमंद होती है तुलसी की पत्तियां

सेहत के लिए फायदेमंद होती है तुलसी की पत्तियां

आरती तिवारी August 31 2022 26733

तुलसी का संबंध केवल धर्म या संस्कृति से ही नहीं होता है। बल्कि यह एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी भी है। तुल

केंद्र ने चिकित्सकों, नर्सों और मेडिकल स्टाफ के लिए लांच नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट कोर्स 

केंद्र ने चिकित्सकों, नर्सों और मेडिकल स्टाफ के लिए लांच नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट कोर्स 

एस. के. राणा May 19 2022 32625

अस्पतालों के इमरजेंसी डिपार्टमेंट और एम्बुलेंस सेवाओं में काम कर रहे डाक्टरों, नर्सों और पेरामेडिकल

Login Panel