देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

अंतर्राष्ट्रीय

संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी, वर्ष 2050 तक रोगाणुरोधी प्रतिरोध के कारण हर साल लगभग एक करोड़ लोगों की मौत हो सकती है

विशेषज्ञों ने बताया कि विषाणु, जीवाणु, फफून्दी और अन्य परजीवों में समय बीतने के साथ होने वाले बदलावों के कारण रोगाणुरोधी प्रतिरोध विकसित हो जाता है और एंटीबायोटिक व अन्य जीवनरक्षक दवाएँ अनेक प्रकार के संक्रमणों पर असर नहीं कर पाती। 

हे.जा.स.
February 09 2023 Updated: February 09 2023 04:10
0 29977
संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी, वर्ष 2050 तक रोगाणुरोधी प्रतिरोध के कारण हर साल लगभग एक करोड़ लोगों की मौत हो सकती है प्रतीकात्मक चित्र

वाशिंगटन। वर्ष 2050 तक, रोगाणुरोधी प्रतिरोध (एंटी माइक्रोबियल प्रतिरोध) के कारण हर साल लगभग एक करोड़ लोगों तक की मौत हो सकती है। ऐसी चेतावनी संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने मंगलवार को अपनी एक नई रिपोर्ट में जारी की है।  

बारबेडॉस के ब्रिजटाउन में जारी की गई इस रिपोर्ट में औषधि निर्माता कम्पनियों (drug manufacturers), कृषि (agriculture) व स्वास्थ्य देखभाल सेक्टर (Health Care Sector) से उपजने वाले प्रदूषण पर रोक लगाने की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है। इस अध्ययन में एंटी माइक्रोबियल प्रतिरोध (anti microbial resistance) के पर्यावरणीय आयामों पर ध्यान केन्द्रित किया गया है।  

विशेषज्ञों ने बताया कि विषाणु (viruses), जीवाणु (bacteria), फफून्दी (Fungus) और अन्य परजीवों में समय बीतने के साथ होने वाले बदलावों के कारण रोगाणुरोधी प्रतिरोध विकसित हो जाता है और एंटीबायोटिक (antibiotic) व अन्य जीवनरक्षक दवाएँ (life saving drugs) अनेक प्रकार के संक्रमणों पर असर नहीं कर पाती। 

रिपोर्ट में सुपरबग (Superbug) को उभरने व फैलने से रोकने में कमी लाने के लिए भी मज़बूत कार्रवाई का आग्रह किया गया है। साथ ही, एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध के अन्य मामलों की भी रोकथाम की जानी होगी, जिसका मानव, पशु व पौधों के स्वास्थ्य पर गम्भीर असर हो रहा है। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने रोगाणुरोधी प्रतिरोध को स्वास्थ्य के लिए 10 शीर्ष वैश्विक ख़तरों में चिन्हित किया है। वर्ष 2019 में दुनिया भर में लगभग 12 लाख 70 हज़ार लोगों की मौत की वजह, सीधे तौर पर दवाओं (drugs) के लिए प्रतिरोधी संक्रमण को बताया गया था। कुल मिलाकर, विश्व में लगभग 50 लाख मौतों को जीवाणु सम्बन्धी मौतों (bacterial deaths) से जोड़ कर देखा गया है। 

भोजन व स्वास्थ्य पर जोखिम - Risk on food and health
एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2050 तक, सीधे तौर पर रोगाणुरोधी प्रतिरोध के कारण हर साल एक करोड़ अतिरिक्त मौतें होने की आशंका है, जोकि 2020 में कैंसर की वजह से वैश्विक मृतक संख्या के बराबर है। 

एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध के कारण अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ता है और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में इस दशक के अन्त तक, वार्षिक तीन हज़ार 400 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लगभग ढाई करोड़ लोगों के निर्धनता के गर्त में धँसने की आशंका है। 

बताया गया है कि औषधि निर्माण, कृषि व स्वास्थ्य देखभाल सेक्टर, रोगाणुरोधी प्रतिरोध के विकसित होने और पर्यावरण में फैलने के मुख्य कारक हैं। इसके अलावा, यह साफ़-सफ़ाई की ख़राब व्यवस्था, सीवर और नगरपालिका की जल प्रणालियों से आने वाले प्रदूषकों से भी फैलता है। 
  
तिहरा पर्यावरणीय संकट - Triple environmental crisis
संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की कार्यकारी निदेशक इन्गेर ऐंडर्सन ने बताया कि पृथ्वी तिहरे संकटों – जलवायु परिवर्तन (climate change), प्रदूषण (pollution) और जैवविविधता हानि (biodiversity loss) से जूझ रही है, जिनके कारण यह स्थिति उपजी है। 

वायु, मृदा और जलमार्गों में प्रदूषण से एक स्वच्छ व स्वस्थ पर्यावरण का मानवाधिकार कमज़ोर होता है। जो कारक पर्यावरण क्षरण के लिए ज़िम्मेदार हैं, उनके कारण ही एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध की स्थिति बद से बदतर हो रही है। उन्होंने सचेत किया कि एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध के प्रभाव से हमारे स्वास्थ्य व खाद्य प्रणालियाँ तबाह हो सकती हैं। 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

यूपी के खिलाड़ियों को स्पोर्टर्स इंजरीज के लिए मिलेगी स्वास्थ्य बीमा की सौगात

यूपी के खिलाड़ियों को स्पोर्टर्स इंजरीज के लिए मिलेगी स्वास्थ्य बीमा की सौगात

रंजीव ठाकुर September 10 2022 25666

खेल के दौरान अक्सर खिलाड़ियों को चोटें लगती हैं। स्पोर्टर्स इंजरीज का इलाज महंगा और लम्बा भी हो सकता

कौशल विकास कार्यक्रम के तहत सीएसआईआर और केन्द्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान संचालित करेगा रोजगारपरक कार्यक्रम।

कौशल विकास कार्यक्रम के तहत सीएसआईआर और केन्द्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान संचालित करेगा रोजगारपरक कार्यक्रम।

अखण्ड प्रताप सिंह January 29 2021 25638

इन पाठ्यक्रमों को कौशल विकास कार्यक्रम के तहत संचालित किया जाएगा।जिनकी अवधि पूरी होने पर छात्र हेल्थ

35 वर्ष से ऊपर की महिलाओं को साल में एक बार सर्वाइकल कैंसर का टेस्ट जरूरी : डॉ. नीतू गोयल जैन

एस. के. राणा February 23 2026 1925

इस टेस्ट में दर्द नहीं होता, सुई नही लगाई जाती बच्चेदानी के मुंह से ब्रश के द्वारा एक नमूना लेते हैं

लखनऊ के कैंसर संस्थान को मुम्बई के टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल का मिला साथ
होली में रंग ज़रूर खेलें लेकिन बालों को नुकसान से बचाएं

होली में रंग ज़रूर खेलें लेकिन बालों को नुकसान से बचाएं

हुज़ैफ़ा अबरार March 12 2025 89970

यियानी सापाटोरी के इन विशेषज्ञतापूर्ण सुझावों का पालन कर आप बालों को नुकसान पहुंचाए बिना बेफिक्र होक

यूपी में फिर बढ़ा कोरोना का प्रकोप

यूपी में फिर बढ़ा कोरोना का प्रकोप

आरती तिवारी March 18 2023 29321

लखनऊ में बीते दिन दो नए मरीज मिले है। राजधानी में 10 दिन बाद कोरोना के 2 नए मरीज सामने आए। प्रदेश मे

कोरोना को लेकर दिल्ली सरकार अलर्ट

कोरोना को लेकर दिल्ली सरकार अलर्ट

अखण्ड प्रताप सिंह April 06 2023 27893

कोरोना को लेकर सरकार अलर्ट मोड में नजर आ रही है। वहीं दिल्लीन के 4 सबसे बड़े अस्पतालों में भी तैयारी

मुट्ठीभर बादाम के साथ अपने नये साल को बनायें और भी सेहतमंद।

मुट्ठीभर बादाम के साथ अपने नये साल को बनायें और भी सेहतमंद।

लेख विभाग January 13 2021 19403

बॉलीवुड की अग्रणी अभिनेत्री सोहा अली खान का कहना है कि, “नए साल की शुरुआत हमेशा ही उत्साहित करने वाल

कमजोर इम्युनिटी वाले हो रहे ब्लैक फंगस संक्रमण का शिकार।

कमजोर इम्युनिटी वाले हो रहे ब्लैक फंगस संक्रमण का शिकार।

लेख विभाग May 20 2021 37061

अगर समय पर ब्लैक फंगस इलाज नहीं किया गया तो ये खतरनाक रूप ले लेती है और मरीज की जान भी जा सकती है।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाएगा- मोदी

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाएगा- मोदी

हे.जा.स. February 27 2021 33824

‘‘हम पूरे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक बदलाव ला रहे हैं।’’ एनएमसी के गठन से इस

Login Panel