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दीवाली की रौनक जितनी रोशनी की जगमगाहट से होती है, उतना ही त्योहार में मिठास भरने का काम मिठाईयां करती है। बिना मिठाईयों के त्योहार की कल्पना भी नहीं की जा सकती हैं। जब तक दीवाली पर मुंह मीठा नहीं होता है तो त्योहार का मजा फीका ही रह जाता है।
दिवाली पर सबसे ज्यादा टेंशन डायबिटीज (diabetes ) वालों की होती है। फेस्टिवल की डिशेज़ देखकर मुंह में पानी आना तो लाजिमी हैं। इस चटोरी जीभ पर कंट्रोल करना थोड़ा मुश्किल सा हो जाता है। अगर आपके घर में भी कोई डायबिटीज का मरीज है तो टेंशन न लें। यहां हम कुछ टिप्स दे रहे जिसे फॉलो कर आप हेल्दी और टेस्टी दिवाली मना सकेंगे।
कौन-सी मिठाइयां खा सकते हैं शुगर पेशेंट?
शुगर फ्री लड्डू - Sugar free laddus
आप चाहें तो मार्केट से इन्हें खरीद सकते हैं या फिर घर में इन्हें तैयार कर सकते हैं। इन लड्डू में आपको सबकुछ डालना है। सिवाए चीनी के स्थान पर आप इन्हें बनाने में शहद का उपयोग करें। एक दिन में दो से ज्यादा लड्डू ना खाएं।
शहद में बनी फीनी - Feni in honey
फीनी एक पारंपरिक भारतीय मिठाई है। यूं तो इसका उपयोग सबसे अधिक हरियाली तीज के अवसर पर और सावन के महीने में होता है। लेकिन दिवाली पर भी यह मिठाई काफी बिकती है। आप शहद में तैयार की गई फीनी का सेवन करें और दिवाली इंजॉय करें।
घर में बनाएं मखाना खीर - Make Makhana Kheer at home
आप घर में बनी खीर का सेवन भी कर सकते हैं। मखाने दूध में डालकर मिक्सी में पीस लें। इनकी मात्रा इतनी रखें कि दूध गाढ़े पेस्ट की तरह तैयार हो जाए। अब इसमें बादाम, काजू, अखरोट और किशमिश डालकर फ्रिज में रख दें। ठंडा होने पर थोड़ा-थोड़ा खाएं।
अंजीर की बर्फी - Fig Barfi
अंजीर से तैयार की गई बर्फी एक ऐसी मिठाई है, जिसे यदि शुद्ध तरीके से बनाया जाए तो इसमें शुगर का बिल्कुल उपयोग नहीं होता। क्योंकि अंजीर खुद ही बहुत मीठा होता है और फिर इस बर्फी को तैयार करने में शहद का उपयोग होता है। इसलिए यह पूरी तरह नैचरल होती है। आप इस बर्फी के दिन में 2 से 3 पीस खा सकते हैं।
सफेद रसगुल्ले - White rasgulla
सफेद रसगुल्ले या बंगाली रसगुल्ले खाकर आप दिवाली का लुत्फ उठा सकते हैं। क्योंकि इन रसगुल्लों में भरे रस में शुगर होती है और आप इस रस को निचोड़कर निकाल सकते हैं। आप रसगुल्ले का अतिरिक्त पानी हल्के से दबाव से निकाल सकते हैं और फिर रसगुल्ले की मिठास से त्योहार मना सकते हैं।







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