











































प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली। केंद्र सरकार J.E.E. (मुख्य) की परीक्षा की तर्ज़ पर NEET-UG की परीक्षा को वर्ष में एक बार से अधिक आयोजित करने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। सोमवार को शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक कर संभावित तौर-तरीकों पर विचार किया।
वर्ष 2019 में केंद्र सरकार ने इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश पाने के इच्छुक अभ्यर्थियों को साल में दो बार कंप्यूटर आधारित जेईई (मुख्य) आयोजित करने का निर्णय लिया। जिसकों 2021 में बढ़ाकर चार बार कर दिया गया। जबकि मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG पेन-एंड-पेपर मोड में साल में एक बार आयोजित की जाती है।
श्वसन चिकित्सा विभाग, केजीएमयू लखनऊ के हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट, प्रोफेसर डॉ सूर्यकांत का मानना है कि 'एक बुरा दिन पूरे शैक्षणिक वर्ष को बर्बाद कर सकता है। एक छात्र विभिन्न कारणों से साल में एक बार मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG के दिन गैर हाज़िर हो सकता है। इसलिए इंजीनियरिंग प्रवेश की तरह NEET को भी साल में कई बार आयोजित किया जाना चाहिए ।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, सोमवार की बैठक के एजेंडे में दो प्रमुख बिंदु यह हैं कि क्या प्रवेश परीक्षा को पेन-पेपर मोड से हटकर कंप्यूटर आधारित किया जा सकता है और क्या इसको साल में दो बार आयोजित किया जा सकता है। NEET के लिए पेन-पेपर मॉडल को छोड़ देने का समय आ गया है क्योंकि विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सामग्री के हस्तांतरण के दौरान बहुत अधिक समय की बर्बादी होती है।
डॉ सूर्यकांत कहतें है कि अगर एनटीए परीक्षा सामग्री का प्रबंधन कर सकता है तो NEET को कंप्यूटर आधारित परीक्षा के रूप में देखना एक अच्छा विचार है।
अंतिम निर्णय स्वास्थ्य मंत्रालय के हाथ में है। शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इससे उम्मीदवारों को लाभ के अलावा, कंप्यूटर आधारित परीक्षण अधिक पारदर्शी, तेज और आसान मूल्यांकन प्रक्रिया के साथ होगा। परिणाम घोषित करने में भी देरी नहीं होगी।







हुज़ैफ़ा अबरार September 25 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार September 24 2026 0 175
हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 3738
हुज़ैफ़ा अबरार September 13 2026 0 1554
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 1484
हुज़ैफ़ा अबरार September 04 2026 0 1099
हुज़ैफ़ा अबरार September 08 2026 0 861
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 686
हुज़ैफ़ा अबरार September 01 2026 0 595
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9464
एस. के. राणा January 20 2026 0 5803
एस. के. राणा February 01 2026 0 5754
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5488
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5439
एस. के. राणा January 13 2026 0 5012
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4984
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87400
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35512
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38496
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36036
लेख विभाग March 19 2022 0 35644
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73365
साइनस के श्लेष्मा झिल्ली में सूजन आने से उस जगह पर बैक्टीरिया, वायरस एवं कवक विकसित हो सकते हैं। इस
गायनिक कैंसर अवेयरनेस माह के अवसर पर सहारा हॉस्पिटल में दो दिवसीय नि:शुल्क गायनिक कैंसर स्क्रीनिंग श
आईएचयू वेरिएंट पर अटकलें लगाना जल्दबाजी होगी क्योंकि अब तक कम संख्या में लोग इसकी चपेट में आए हैं ।
आईसीएमआर और बीबीआईएल द्वारा विकसित कोवैक्सीन ने भारत के अब तक के सबसे बड़े तीसरे चरण के कोविड क्लिनि
कोरोना काल मे झाँसी मंडल के अंतर्गत झाँसी, जालौन, ललितपुर ज़िलों में बेहतरीन कार्य करनेके कारण उनको श
नौ सालों में 38 करोड़ से अधिक आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते बनाए गए और सस्ती दवाओं के लिए 9,200 से अध
डॉ मिलिंद ने कहा बीते तीन-चार वर्षों में एक्सक्लूसिव स्तनपान का 60 प्रतिशत से 35 प्रतिशत होना चिंता
महिला नसबंदी करवाने पर लाभार्थी को 1400 रूपये की प्रतिपूर्ति धनराशि तथा पुरुष नसबंदी करवाने पर लाभार
सेप्सिस (Sepsis) एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है, जो तब होती है जब शरीर किसी संक्रमण के प्रति अत्यधिक
दवा की थोक दुकानें चार दिन रहेंगी बंद। मरीजों को सामान्य तरह से दवा मिलती रहेगी।आवश्यकता पड़ने पर थ

COMMENTS