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भोजन के बाद सीने में जलन या पेट में तकलीफ होना एसिडिटी का संकेत हो सकता है। मेडिकल साइंस के अनुसार पाचन संबंधी समस्याओं के कारण लोगों को इस तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। भोजन का सही तरीके से पाचन न हो पाने के कारण एसिडीटी और सीने में जलन की समस्या होना सामान्य है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक आहार-विहार में गड़बड़ी के कारण लोगों को एसिडिटी और पाचन से संबंधित दिक्कतें हो सकती हैं। कुछ लोगों को इसके कारण अक्सर एसिड रिफ्लक्स की भी समस्या बनी रह सकती है। इसके लिए जीवनशैली की कुछ आदतों को भी जिम्मेदार माना जाता है। आईये जानतें हैं उन कारणों को जो एसिड रिफलक्स और एसिडिटी की समस्या को बढ़ा सकते हैं। इनसे दूरी बनाकर आप अपने स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं।
अस्वस्थ खान-पान से करें बचाव

आपके खाने की गलत आदतें एसिड रिफलक्स का कारण बन सकती हैं। इस समस्या से बचे रहने के लिए स्वस्थ आहार का सेवन करें। भोजन के तुरंत बाद सोने से बचें और खाने के बाद किसी भी जोरदार मेहनत वाली गतिविधियों को न करें। भोजन को धीरे-धीरे और चबा-चबाकर खाएं। यदि आप बार-बार एसिड रिफ्लक्स की समस्या को अनुभव करते हैं तो ज्यादा मसाले, तले हुए खाद्य पदार्थ और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से परहेज करना बेहतर माना जाता है।
पेय पदार्थों का सही से करें चयन

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक खाने के साथ-साथ पीने की आदतें भी पाचन संबंधी दिक्कतों और एसिड रिफलक्स का कारण बन सकती हैं। मादक पेय पदार्थों जैसे शराब आदि के अत्यधिक सेवन से भी एसिड रिफ्लक्स का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, कॉफी के अधिक सेवन से भी बचना चाहिए यह भी एसिड रिफ्लक्स को ट्रिगर कर सकती है।
धूम्रपान से करें बचाव

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक धूम्रपान सिर्फ कैंसर ही नहीं, हार्टबर्न जैसी समस्याओं का भी कारण बन सकता है। इसमें पाया जाने वाला निकोटीन लोअर एसोफैगल स्फिंक्टर को शांत कर दे सकता है जिससे एसिड रिफ्लक्स हो सकता है। धूम्रपान करने की आदत को स्वास्थ्य विशेषज्ञ संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानते हैं।







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