











































प्रतीकात्मक
लखनऊ। कोरोना से संक्रमित रोगियों के कोरोना नेगटिव होने के बाद भी लगभग 30% से अधिक लोगों को पोस्ट कोरोना कॉम्प्लिकेशन के कारण अनेक गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जो रोगी के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहीं हैं। यह जानकारी केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के पूर्व सदस्य एवँ वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ अनुरूद्व वर्मा ने दी है।

उन्होंने बताया कि पोस्ट कोविड स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान में होम्योपैथिक औषधियाँ महत्त्वपूर्ण भमिका निभा सकती हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण का असर शरीर के अनेक महत्त्वपूर्ण अंगों पर पड़ता है।यह प्रभाव हॉस्पिटल में भर्ती एवँ होम आइसोलेशन में उपचार करा रहे दोनों तरह के मरीजों पर दिखता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन देने एवं स्टेरॉयड के प्रयोग कारण भी कुछ समस्याएँ दिखाई पड़ रही हैं।
उन्होंने बताया कि कोरोना नेगटिव होने के बाद लोगों में सांस लेने में परेशानी, खांसी, बलगम, सीने में दर्द, गले में खराश, हृदय सम्बन्धी परेशानियाँ, तंत्रिका तंत्र संबंधी दिक्कतें, मानसिक समस्याएँ, चिंता,तनाव, अनिद्रा, कमजोरी, थकान, एकाग्रता की कमी, यादाश्त का कमजोर होना, जोड़ों एवँ माँसपेशियों में दर्द, अवसाद, सिर दर्द, बुखार, दिल की धड़कन तेज होना, गंध एवँ स्वाद में कमी, चक्कर, हाथ पैरों में झनझनाहट, बालों का गिरना, पेट संबंधी परेशानियाँ हो सकती है जो जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। यह समस्याएँ 3से 6 माह तक रह सकती हैं। उन्होंने कोरोना से निगेटिव होने के बाद भी मास्क लगाने, सोशल डिस्टेनसिंग बनाये रखने, लगातार हाथ धोने, भीड़भाड़ में जाने से बचने, सुपाच्य हल्का, पौष्टिक भोजन करने, तरल पदार्थों लेने, हल्का व्यायाम करने, सांस संबंधी एक्सरसाइज करने, विटामिन सी, मल्टी विटामिन, पर्याप्त नींद लेने, आराम करने, चिकित्सक द्वारा बताई गई दवाईओं का नियमित सेवन करने,रक्तचाप एवम मधुमेह को नियंत्रित रखने की सलाह दी है।
उन्होंने कहा कि बाजार के भोजन, डिब्बाबंद भोजन, बाजार के पेय, कोल्ड ड्रिंक, आइस क्रीम, तम्बाकू, सिगरेट, शराब, तला भुना भोजन का प्रयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि होम्योपेथी मे कोरोना नेगटिव हुए रोगियों के पोस्ट कोविड स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं के समाधान के लिये अनेक प्रभावी दवाइयाँ उपलब्ध हैं जिसमे रोगी के पुराने , नये व्यक्तिगत लक्षणों को ध्यान में रखते हुये औषधियों का चयन किया जाता है परंतु यह औधाधियाँ केवल प्रशिक्षित चिकित्सक की सलाह से ही लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रोगियों कोन लगातार अपने चिकित्सक के संपर्क में रहना चाहिए और उनकी सलाह एवँ दिशा निर्देशों का पूरी तरह पालन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि मोबाइल नंबर 9415075558 पर निःशुल्क सलाह एवँ परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।







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