देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

फूली, घुमावदार, हरी या नीली नसों को ना करें नज़रंदाज़, देखे लक्षण और नया उपचार

कई बार त्वचा के नीचे फूली और घुमावदार नसें होती हैं और ये सूजी और मुड़ी हुई नसें अधिकतर पैरों में देखी जाती हैं। ये नसें हरी, गहरी बैंगनी या नीली हो सकती हैं लेकिन इनके कारण जो पैरों में दर्द या भारीपन महसूस होता है वो तबियत हरी कर देता है। आइए सहारा हॉस्पिटल के डॉ यशपाल सिंह से जानते है कि ये फूली और घुमावदार नसें क्यों होती हैं? और कहीं ये किसी गम्भीर बीमारी का लक्षण तो नहीं।

हुज़ैफ़ा अबरार
August 04 2022 Updated: August 04 2022 17:06
0 80652
फूली, घुमावदार, हरी या नीली नसों को ना करें नज़रंदाज़, देखे लक्षण और नया उपचार प्रतीकात्मक चित्र

लखनऊ। कई बार त्वचा के नीचे फूली और घुमावदार नसें होती हैं और ये सूजी और मुड़ी हुई नसें अधिकतर पैरों में देखी जाती हैं। ये नसें हरी, गहरी बैंगनी या नीली हो सकती हैं लेकिन इनके कारण जो पैरों में दर्द या भारीपन महसूस होता है वो तबियत हरी कर देता है। आइए सहारा हॉस्पिटल के डॉ यशपाल सिंह से जानते है कि ये फूली और घुमावदार नसें क्यों होती हैं? और कहीं ये किसी गम्भीर बीमारी का लक्षण तो नहीं। 

 

डॉ यशपाल सिंह (Dr Yashpal Singh of Sahara Hospital) ने कहा कि वैरिकोस नसें (varicose veins) पैरों में दिखाई देने वाली फूली और घुमावदार हरे रंग की नसें होती हैं, जिनका आकार छोटे से लेकर बड़े तक कुछ भी हो सकता है। समय के साथ ये नसें कई तरह की जटिलताएं पैदा कर सकती हैं, जैसे कि रक्तस्राव (bleeding), थक्के (clots) और अल्सर (ulcers) आदि। इस तरह इन नसों से जीवन में परेशानी उत्पन्न हो जाती है। 


 
सहारा हॉस्पिटल के डॉ यशपाल सिंह ने बताया भारत में पहली बार आधुनिक और एफडीए (FDA) द्वारा अनुमोदित गोंद चिकित्सा (adhesive therapy) शुरू हुई है। वैरिकोस नसों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला फॉर्मूलेशन पहले से उपलब्ध अन्य मेडिकल सुपर ग्लू की तुलना में अधिक चिपचिपा होता है। 

डॉ यशपाल सिंह ने कहा कि साथ ही इसमें लक्ष्य स्थल से बाहर निकलने और सामान्य नसों (normal nerves) को प्रभावित करने की संभावना कम होती है। यह वैरिकोस नसों के लिए एक प्रकार का गैर-थर्मल, गैर-ट्यूमेसेंट उपचार है। गोंद चिकित्सा आशाजनक है और पारंपरिक लेजर (laser or RFA treatments) या आरएफए उपचारों की तुलना में इसके कई फायदे हैं।

 

उन्होंने बताया कि चिकित्सकों का कहना है कि वैरिकोस नसों की समस्या से परेशान होने की जरूरत नहीं है। हालांकि हर मरीज अलग होता है, लेकिन अपने डॉक्टर से बात करना सबसे अच्छा तरीका है ताकि यह तय हो सके कि कौन सा वैरिकोस नस उपचार आपके लिए सही रहेगा।

 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल में चाइल्ड डेवलेपमेंट क्लिनिक की शुरुआत

अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल में चाइल्ड डेवलेपमेंट क्लिनिक की शुरुआत

हुज़ैफ़ा अबरार March 20 2025 98460

यह क्लिनिक बच्चों में विकास से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने में मदद करेगा, जिसमें प्रारंभिक पहचान और

लम्पी संक्रमण के बीच उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सक संघ सामूहिक इस्तीफे पर अड़ा

लम्पी संक्रमण के बीच उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सक संघ सामूहिक इस्तीफे पर अड़ा

रंजीव ठाकुर September 13 2022 27584

अध्यक्ष डॉ राकेश कुमार ने कहा कि पशु चिकित्सकों ने अहर्निश सेवा चिकित्सा के द्वारा बीमार गायों की जा

'जिंदगी की जंग' लड़ रहे जवानों से मिले गृहमंत्री अमित शाह

आरती तिवारी August 21 2022 27235

गृहमंत्री अमित शाह दिल्ली के एम्स में इलाज करा रहे एक्सिडेंट में घायल हुए जवानों से मिलने पहुंचे। ज

दिल्ली में नर्सिंग पाठ्यक्रमों की खाली सीटों पर दाखिला नहीं

दिल्ली में नर्सिंग पाठ्यक्रमों की खाली सीटों पर दाखिला नहीं

एस. के. राणा June 10 2022 38768

पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया अनंतकाल के लिए नहीं चल सकती है और

एरा लखनऊ मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने इनोवेशन थिंक टैंक लैब स्थापित की।
चकोतरा के सेवन से बढ़ती है इम्युनिटी।

चकोतरा के सेवन से बढ़ती है इम्युनिटी।

लेख विभाग August 29 2021 42048

चकोतरे में संतरे की अपेक्षा सिट्रिक अम्ल अधिक तथा शर्करा कम होती है | इसका छिलका पीला तथा अंदर का भा

संक्रमित कुत्ते के काटने से फैलता है रेबीज: पशु चिकित्साधिकारी

संक्रमित कुत्ते के काटने से फैलता है रेबीज: पशु चिकित्साधिकारी

एस. के. राणा February 24 2023 38038

पशुचिकित्साधिकारी ने बताया कि जब कोई संक्रमित कुत्ता, बिल्ली, बंदर, सियार, लोमड़ी, नेवला आदि किसी भी

डेंगू बुखार के उपचार एवं बचाव में कारगर हैं होम्योपैथिक दवाइयाँ ।

डेंगू बुखार के उपचार एवं बचाव में कारगर हैं होम्योपैथिक दवाइयाँ ।

हुज़ैफ़ा अबरार May 17 2021 32127

डेंगू बुखार मादा एडीज  मच्छर के काटने से होता है। ये रुके हुए साफ पानी में पैदा होता है तथा दिन में

बीपी-डायबीटीज में भी खा सकते हैं फाइलेरिया की दवा

बीपी-डायबीटीज में भी खा सकते हैं फाइलेरिया की दवा

आरती तिवारी August 09 2023 58595

फाइलेरिया एक घातक बीमारी है। ये साइलेंस रहकर शरीर को खराब करती है। प्रदेश में लोगों को फाइलेरिया की

आयुर्वेद डॉक्टर को ऐलोपैथी मेडिकल ऑफिसर्स तथा डेंटल मेडिकल ऑफिसर्स के बराबर माना जाए: सुप्रीम कोर्ट

आयुर्वेद डॉक्टर को ऐलोपैथी मेडिकल ऑफिसर्स तथा डेंटल मेडिकल ऑफिसर्स के बराबर माना जाए: सुप्रीम कोर्ट

हे.जा.स. March 26 2022 25791

कोर्ट ने कहा कि हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि प्रतिवादी जो आयुर्वेद डॉक्टर हैं, उन्हें नेशनल रूरल हेल्

Login Panel