












































प्रतीकात्मक
नयी दिल्ली (भाषा)। भारत में कोविड-19 के 26,964 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,35,31,498 हो गई। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 3,01,989 रह गई है, जो 186 दिन में सबसे कम है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 383 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,45,768 हो गई।
मंत्रालय ने बताया कि देश में उपचाराधीन मामले कुल मामलों का 0.90 प्रतिशत है, जो मार्च 2020 से सबसे कम संख्या है, जबकि लोगों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 97.77 प्रतिशत दर्ज की गई, जो मार्च 2020 के बाद से सर्वाधिक है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कुल 7,586 कमी दर्ज की गई।
आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 55,67,54,282 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 15,92,395 नमूनों की जांच मंगलवार को की गई। दैनिक संक्रमण दर 1.69 प्रतिशत है, जो पिछले 23 दिन से तीन प्रतिशत से कम है। वहीं, साप्ताहिक संक्रमण दर 2.08 प्रतिशत है, जो पिछले 89 दिन से तीन प्रतिशत से कम बनी हुई है। अभी तक कुल 3,27,83,741 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 82.65 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है।
देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में जिन 383 लोगों की मौत संक्रमण से हुई, उनमें से केरल के 214 लोग और महाराष्ट्र के 70 लोग थे। देश में संक्रमण से अभी तक कुल 4,45,768 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 1,38,616, कर्नाटक के 37,648, तमिलनाडु के 35,379, दिल्ली के 25,085, केरल के 23,897, उत्तर प्रदेश के 22,887 और पश्चिम बंगाल के 18,678 लोग शामिल थे।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।







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