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बच्चे को जन्म देना एक कठिन और पीड़ा देने वाली प्रक्रिया है लेकिन इससे मिलने वाली आत्मिक संतुष्टि सब कुछ भुला देती है। प्रेग्नन्सी के दौरान महिलाओं के शरीर को कई तरह के बदलावों से गुजरना पड़ता है। प्रेग्नन्सी के दौरान शारीरिक और मानसिक समस्याएं भी पैदा होती हैं। प्रेग्नेंसी के बाद वजन बढ़ जाना सामान्य है। डिलीवरी के बाद शरीर को शेप में लाना महिलाओं के लिए बड़ी समस्या है। यह तब और कठिन हो जाता है जब डिलीवरी सिजेरियन द्वारा हुई हो। इस लेख का उद्देश्य ही इस विषय पर केंद्रित है कि सिजेरियन डिलीवरी के बाद अपने बॉडी शेप को कैसे ठीक करें।
सी-सेक्शन या सिजेरियन प्रक्रिया से बच्चे को जन्म देना जटिल प्रक्रिया है। इसका प्रभाव महिला के मन और शरीर दोनों पर पड़ता है। सी-सेक्शन (सिजेरियन ऑपरेशन) से डिलीवरी हुई हो तो बॉडी को शेप में लाना और भी मुश्किल काम हो जाता है। नॉर्मल डिलीवरी के कुछ दिनों बाद ही महिलाएं एक्सरसाइज कर सकती हैं लेकिन सी-सेक्शन में शरीर के अंदर और बाहर घाव भरने तक एक्सरसाइज करने की सलाह नहीं दी जाती है। डिलीवरी के बाद बॉडी को शेप में लाने का सबसे अच्छा तरीका है योग। चूंकि सी-सेक्शन एक बड़ा ऑपरेशन होता है इसलिए हमेशा डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही योग और एक्सरसाइज शुरू करना चाहिए। योग किसी प्रशिक्षित व्यक्ति की देख रेख में ही करना चाहिए। योग के दौरान आहार-विहार का विशेष ध्यान रखना ज़रूरी है।
सिजेरियन डिलीवरी के बाद योग - Yoga after cesarean delivery

मां बनने के बाद महिलाओं के शरीर की शेप काफी बदल जाती है और उन्हें अपनी पहले वाली फिट और स्लिम बॉडी पाने का बहुत मन करता है। सी-सेक्शन के बाद आप योग तो कर सकती हैं लेकिन कब, ये पूरी तरह से आपकी रिकवरी पर निर्भर करता है।
सिजेरियन डिलीवरी के बाद योग कब करें - When to do yoga after cesarean delivery
सामान्य तौर पर महिलाएं डिलीवरी के 6 से 8 हफ्ते बाद योग कर सकती हैं लेकिन सी-सेक्शन में डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही एक्सरसाइज शुरू करनी चाहिए। डॉक्टर आपकी शारीरिक स्थिति और मांसपेशियों में लचीलेपन की जांच करने के बाद ही आपको एक्सरसाइज शुरू करने की सलाह देंगे।
सी-सेक्शन के बाद करें ये योगासन - Do these yogasanas after c-section
प्राणायाम - Pranayama

सी-सेक्शन के बाद डॉक्टर की सलाह पर आप ब्रीदिंग एक्सरसाइज से शुरुआत कर सकती हैं। दो से तीन हफ्ते तक यही करें। प्राणायाम और 'ऊं' या गायत्री मंत्र का उच्चारण करते हुए ध्यान करें। जब आपको शरीर में थोड़ी ताकत महसूस होने लगे, तब अन्य योगासन शुरू करें। इसको करने से पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलती है। इससे तनाव कम होता है। एकाग्रता में सुधार आता है और नींद की स्वाभाविक प्रक्रिया ठीक होती है।
अग्निसार क्रिया - Agnisar kriya

यह क्रिया आंतरिक शक्ति और जीवन ऊर्जा को बढ़ाती है। यह पाचन, कब्ज, भूख की कमी और डिलीवरी के बाद सामान्य समस्याओं को भी ठीक करने में मदद करती है।
भुजंगासन - Bhujangasana

भुजंगासन एक तरह का बैकवर्ड बैंड है जो रीढ़, बट की मांसपेशियों, छाती, पेट, कंधों और फेफड़ों को मजबूत करता है। साथ ही रक्त परिसंचरण में सुधार करता है और तनाव को दूर करने में सहायता करता है। पेट की चर्बी कम करने के लिए भी यह आसन वाकई फायदेमंद है। यह धीरे-धीरे कंधे, पेट और छाती क्षेत्र की मांसपेशियों को टोन करता है, पीठ के निचले हिस्से की जकड़न को कम करता है, और बाहों और कंधों को भी मजबूत करता है।
वृक्षासन - Vrikshasana

जब आपको लगे कि आप बहुत आसानी से ऊपर दिए हुए सभी आसन कर सकती हैं तो आप वृक्षासन योग करने का प्रयास कर सकती हैं। वृक्षासन पोज करने से पेल्विक क्षेत्र ठीक होता है, शारीरिक नियंत्रण में सुधार आता है और इससे आपके पूरे शरीर में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
कंधरासन - Kandharasana

यह आसान पेट के अंगों और पेल्विक क्षेत्र को ठीक करने में मदद करता है। यह महिलाओं के रिप्रोडक्टिव अंगों को भी शक्ति प्रदान करता है। अकसर मासिक धर्म के दौरान होने वाली ऐंठन महिलाओं की सेक्स लाइफ को प्रभावित करती है। रीढ़ की हड्डियों में होने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए यह योग फायदेमंद है।
अधोमुख श्वानासन - Adho Mukha Svanasana

यह आसन करने से आपकी पीठ, रीढ़, जांघों व काव्स की मांसपेशियां स्ट्रेच होती हैं और यह मजबूत होते हैं। इस आसन को करने से आप दोबारा से जीवंत और एनर्जी से भरपूर महसूस कर सकती हैं। यह मस्तिष्क को शांत रखता है और चिंताएं कम करने में मदद करता है।
सिजेरियन डिलीवरी के बाद योग के फायदे - Benefits of yoga after cesarean delivery







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