











































प्रतीकात्मक
न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र कि स्वतंत्र विशेषज्ञ डॉक्टर त्लालेंग मोफ़ोकेंग ने बताया कि कोरोनावायरस संकट के दौरान यौन व प्रजनन सेवाओं में भीषण व्यवधान हुआ है।
डॉक्टर मोफ़ोकेंग ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि दुनिया भर में लाखों महिलाओं के पास जच्चा-बच्चा की स्वास्थ्य देखभाल की या तो सीमित सुलभता थी या फिर उन्हें ये सेवाएँ उपलब्ध ही नहीं थीं।
“लगभग एक करोड़ 40 लाख महिलाओं की गर्भनिरोधक उपायों तक पहुँच ख़त्म हो गई, और लिंग-आधारित हिंसा के पीड़ितों के लिये विशेषीकृत सेवाओं की सुलभता समाप्त हो गई, जब उनकी सबसे अधिक ज़रूरत थी।”
विशेष रैपोर्टेयर ने बताया कि कोविड-19 के कारण तालाबन्दी, आवाजाही पर पाबन्दियों और धनराशि को अन्य मदों में आबण्टित किये जाने से अति-आवश्यक यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं के लिये जोखिम पैदा हो गया है।
यूएन विशेषज्ञ ने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर वैश्विक महामारी के असर के मुद्दे पर अपनी रिपोर्ट महासभा में पेश की है।
उन्होंने सुरक्षित गर्भपात उपायों की सुलभता पर अंकुश लगाने वाले उन क़ानूनों का भी ज़िक्र किया, जोकि अनेक क्षेत्रों में लागू हैं। स्वास्थ्य के अधिकार के तहत, ये उपाय, यौन एवं प्रजनन सेवाओं का ही एक घटक है।
स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ ने सदस्य देशों का आहवान किया है कि कोविड-19 महामारी से परे जाकर, स्वास्थ्य प्रणालियों को बहाल करने के साथ-साथ, उन्हें मज़बूत करना होगा।
सर्वजन के लिये स्वास्थ्य अधिकार
इसके ज़रिये सर्वजन के लिये यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य अधिकारों को बढ़ावा दिया जाना होगा। “सरकारों को रास्तों की अड़चनें हटानी होंगी और गुणवत्तापरक सेवाओं की पूर्ण सुलभता सुनिश्चित करनी होगी, जिनमें मातृत्व स्वास्थ्य देखभाल, गर्भनिरोधक उपाय व गर्भपात सेवाएँ, प्रजनन कैंसर की जाँच और व्यापक यौन शिक्षा शामिल हैं।
डॉक्टर मोफ़ोकेंग ने सचेत किया कि व्यक्तियों द्वारा अपने स्वास्थ्य के अधिकार का इस्तेमाल कर पाने के रास्ते में अभी अनेक बाधाएँ मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि इन अवरोधों की जड़ें, मुख्यत: पितृसत्ता, औपनिवेशवाद और अन्य ढाँचागत व व्यवस्थागत विषमताओं में मौजूद हैं।
उन्होंने क्षोभ जताते हुए कहा कि पितृसत्तात्मक दमन, सार्वभौमिक है और हर समाज में व्याप्त है. यूएन विशेषज्ञ के मुताबिक़ यह स्वायत्ता के क्षरण और लड़कियों व महिलाओं की देह पर नियंत्रण की कोशिशों के मूल में है।
डॉक्टर मोफ़ोकेंग ने देशों की सरकारों को ध्यान दिलाया कि यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार, क़ानूनी रूप से बाध्यकारी मानवाधिकार सन्धियों, विधिशास्त्र और अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलनों में आम सहमति से तैयार निष्कर्ष दस्तावेज़ों में समाहित हैं।
“मैं सदस्य देशों से स्वायत्ता, दैहिक शुचिता, गरिमा और व्यक्तियों के कल्याण के अहम सिद्दान्तों का सम्मान व उनकी रक्षा करने का आहवान करती हूँ, विशेष रूप से यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य अधिकारों के सम्बन्ध में।”
उन्होंने सदस्य देशों व अन्य सम्बद्ध पक्षों के साथ मिलकर हर किसी के अधिकार सुनिश्चित किये जाने का संकल्प लिया है ताकि शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के उच्चतम मानक प्राप्त किये जा सकें।







एस. के. राणा January 13 2026 0 3059
एस. के. राणा January 20 2026 0 2681
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 2618
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 2513
एस. के. राणा February 01 2026 0 2149
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 1890
एस. के. राणा February 04 2026 0 1883
सौंदर्य
सौंदर्या राय May 06 2023 0 102019
सौंदर्या राय March 09 2023 0 106393
सौंदर्या राय March 03 2023 0 106709
admin January 04 2023 0 106725
सौंदर्या राय December 27 2022 0 97047
सौंदर्या राय December 08 2022 0 85484
आयशा खातून December 05 2022 0 140161
लेख विभाग November 15 2022 0 109253
श्वेता सिंह November 10 2022 0 158526
श्वेता सिंह November 07 2022 0 109431
लेख विभाग October 23 2022 0 94170
लेख विभाग October 24 2022 0 97649
लेख विभाग October 22 2022 0 103365
श्वेता सिंह October 15 2022 0 106263
श्वेता सिंह October 16 2022 0 100630
अपोलोमेडिक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने चाइल्डहुड कैंसर अवेयरनेस मंथ के उपलक्ष्य में पीडियाट्रिक ऑन्क
टीकाकरण के पश्चात ऑब्जरवेशन रूम में टीकाकरण कराए हुए व्यक्तियों के लिए उनकी मेडिकल स्थिति को ऑब्जरवे
ये गिरोह अब तक भोले-भाले लोगों को किडनी ट्रांसप्लांट का झांसा देकर करोड़ों रूपये की ठगी कर चुके है। फ
अगर आपको कहीं शादी या पार्टी में जाना हो और नेल पॉलिश रिमूवर की बोतल खाली हो गई है तो ऐसी स्थिति में
एमपी में लगातार मामलों में गिरावट देखने को मिल रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बड़ी राहत की खबर दी है
सेना चिकित्सा कोर केंद्र एवं कॉलेज लखनऊ के ऑफिसर्स ट्रेनिंग कॉलेज ने अपना 52वां स्थापना दिवस मनाया।
कोविड-19 रोधी मॉडर्ना टीके की कुछ शीशियों में संदूषण मिलने के बाद जापान ने बृहस्पतिवार को इसकी करीब
मुख्यमंत्री योगी ने नशीली दवाओं के व्यापार पर अपनी नज़रे टेढ़ी कर ली है और मादक पदार्थों के व्यवसाय को
बुधवार सुबह आठ बजे जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार संक्रमण से देश में 17 और लोगों की मौत हो गयी है। इन 1
पिछले 24 घंटों में संक्रमण के मामलों में 1,01,875 की कमी आई है।आंकड़ों के मुताबिक, लगातार 20वें दिन

COMMENTS