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लखनऊ। तम्बाकू से 25 तरह की बीमारियों के अलावा 40 तरह के कैंसर होते हैं, और मरने के लिए एक कैंसर ही काफी होता है, ये बातें डाक्टर सूर्यकांत ने किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के रेसिप्रेट्री विभाग के हाल में ऑल इंडिया पायामे इन्सानियत फोरम के तम्बाकू एवम नशा मुक्ति कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बतौर मुख्य अतिथि कही।
उन्होंने आगे कहा कि सिगरेट (cigarette) पीने वाला व्यक्ति 30% धुआं अपने अन्दर लेता है और 70% धुआं अपने आस पास के लोगों के लिए छोड़ देता है। साथ रहने वाले को भी उतना ही नुकसान पहुंचाता है जितना पीने वाला खुद को भी पहुंचाता। हर प्रकार के नशे से मुक्ति के लिए जो ऑल इंडिया पायामे इन्सानियत फोरम की मुहीम है वो समय की मांग है और हमारे शहर को इस की बहुत ज़रूरत है। एक टीम शहर में ऐसी होनी चाहिए जो ऐसे लोगों को हमारे पास लेकर आएं और हमारी टीम उनका इलाज कर सके।

कार्यक्रम के संयोजक हाजी शिराजउद्दीन ने कहा जिस बुराई की रोकथाम के लिए कोशिश नहीं की जाती तो वो बुराई समाज का हिस्सा बन जाती है फिर उस बुराई को खत्म करना मुश्किल हो जाता है। इसके लिए कई देशों के नाम उदाहरण के लिए मौजूद हैं, जहां अब नशा (intoxication) इतना आम हो गया जिसके कारण वहां का पारिवारिक एवं सामाजिक ढांचा बिखर चुका है। अभी समय है हमें अपने शहर को नशा मुक्त करना है।
विशेष अतिथि डाक्टर अंकित कुमार ने बताया कि हमारे यहां कभी भी नशे के मरीज़ को लेकर आएं, हमारी डॉक्टर्स (doctors) की टीम उनकी सेवा में तैयार मिलेगी। समाज की इस बीमारी को रोकने के लिए छुट्टी के दिन भी हम आपके साथ हैं।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए मुफ्ती अबुल कासिम नदवी ने ऑल इंडिया पयाम इन्सानियत फोरम के बारे में बताते हुए कहा पयाम इन्सानियत फोरम पहले दिन से ही तमाम नशे के खिलाफ है, नशा चाहे शराब (alcohol) का हो, तम्बाकू (tobacco) का हो या किसी भाई के लिए नफरत का हो, हम सब को मिल कर इस बीमारी (disease) से समाज को निजात दिलानी है।
इस अवसर पर डाक्टर सपना, मौलाना उमर नदवी, मौलाना मुहीत नदवी, शफाक अल्वी, मिर्जा इसरार साहब,,अमीत शर्मा,मोहम्मद इकबाल (मामू ) हुसैन अहमद, मुहम्मद इश्तियाक, मुहम्मद आसिम, वसीम भाई, ज़ैद भाई,कामिल खान व शहर के कई सामाजिक लोगों ने शिरकत की।







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