











































लखनऊ। गर्मियां आते ही अस्पतालों में भीड़ बढ़ने लगती है और इसके बाद बरसात का मौसम भी स्वास्थ्य को लेकर बहुत सतर्क रहना पड़ता है। यह समय संचारी रोगों का भी होता है साथ ही मच्छर जनित रोग, डेंगू इत्यादि भी परेशान करने लगते हैं। गरमी और बरसात में होने वाले रोगो से बचने हेतु हेल्थ जागरण ने लोकबंधु अस्पताल में जरनल फीजिशियन डॉ पंकज कुमार गुप्ता, एमडी मेडिसिन से खास बातचीत की।

हेल्थ जागरण - डॉ साहब इस समय उपचार के लिए ओपीडी में किस प्रकार के मरीजों की संख्या ज्यादा आ रही है?
डॉ पंकज कुमार गुप्ता - इस समय एक्जर्शन, थकान, उल्टी, डायरिया और लूज मोशन के मरीज ज्यादा आ रहें हैं।
हेल्थ जागरण - गर्मियों में कौन कौन से रोग ज्यादातर देखने में आते हैं और इनसे कैसे बचा जा सकता है?
डॉ पंकज कुमार गुप्ता - इस मौसम में तापमान 40 डिग्री से अधिक होता है तो एक्जर्शन और हीट स्ट्रोक ज्यातातर देखने में आता है। जो लोग दोपहर में घर से बाहर रहते हैं उनको डिहाईड्रेशन, थकान हो जाती है, जो उचित मात्रा में पानी नहीं पी पाते उनको भी समस्याएं आती है। इस मौसम में बाहर का खाने से लूज मोशन हो जाता है। इससे बचने के लिए घर का बना खाना खाएं, पानी खूब पीएं, अपने साथ पानी लेकर चले। ज्यादा पानी पीने से टॉयलेट होता रहेगा जो आपको स्वस्थ रखेगा। अगर घर पर नमक चीनी का घोल बनाकर साथ में रखें तो बेहतर होगा साथ ही बाहर की खुली हुई चीजें खाने से बचना चाहिए।
हेल्थ जागरण - कई लोग बुखार को लेकर खुद ही उपचार करने लग जाते हैं और अपने मन से दवाएं ले लेते हैं, क्या यह उचित है ?
डॉ पंकज कुमार गुप्ता - नहीं ये बिल्कुल भी सही नहीं है। बुखार तो बीमारी का लक्षण मात्र है। प्रारम्भिक दशा में पैरासिटामोल दवा खाई जा सकती है लेकिन बेहतर होगा कि पास के डॉक्टर को दिखा कर उपचार लें। डॉक्टर ही बता सकते हैं कि बुखार की वजह क्या है, कहीं इंफेक्शन तो नहीं है।
हेल्थ जागरण - डॉ साहब बरसातें आने वाली है, इस मौसम में कौन कौन से रोग होते हैं, इनसे कैसे बचा जा सकता है और इनके उपचार क्या है?
डॉ पंकज कुमार गुप्ता - बरसात में टेम्परेचर डाउन होने लगता है और जगह जगह पानी जमा होने से मच्छर पनपने लगते हैं। ऐसे में मच्छर जनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगू आदि होने का खतरा रहता है। तापमान में ज्यादा अंतर आने से पेट में इंफेक्शन, यूरीन इंफेक्शन, फूड इंफेक्शन होने के चांसेज बढ़ जाते हैं। लूज मोशन और बुखार आ सकता है। इससे बचने के लिए आसपास कहीं भी पानी इकट्ठा ना होने दें, चाहें वो कूलर हो, गमले हो या घर के आसपास। इकट्ठा पानी पर मिट्टी का तेल छिड़क दें, मच्छरों से बचना बहुत जरूरी है, मच्छरदानी लगाकर सोएं। खुले में रखा खाना, बासी खाना खाने से बचना चाहिए।







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