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यूपी के किशोर-किशोरियों में स्वास्थ्य केंद्रो पर जाने की दर में हुआ इजाफा, ब्रेकथ्रू ने किया सर्वे

किशोर-किशोरियों के सशक्तिकरण तथा स्वास्थ्य को लेकर काम करने वाली स्वंयसेवी संस्था ब्रेकथ्रू ने हालिया किए गए सर्वे में बताया कि यूपी के किशोर-किशोरियों में स्वास्थ्य केंद्रो जाने की दर में इजाफा हुआ है और हिंसा को लेकर अब समुदाय आवाज उठाने लगा है।

रंजीव ठाकुर
July 30 2022 Updated: July 30 2022 13:44
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लखनऊ किशोर-किशोरियों के सशक्तिकरण तथा स्वास्थ्य को लेकर काम करने वाली स्वंयसेवी संस्था ब्रेकथ्रू ने हालिया किए गए सर्वे में बताया कि यूपी के किशोर-किशोरियों में स्वास्थ्य केंद्रो जाने की दर में इजाफा हुआ है और हिंसा को लेकर अब समुदाय आवाज उठाने लगा है। 

 

ब्रेकथ्रू (Breakthrough) के मीडिया कॉर्डिनेटर नदीम ने जानकारी दी की सर्वे में यह सामने आया है कि 21 फीसदी लोगों को किशोर-किशोरियों (violence against teenagers) या किसी भी लिंग के साथ हिंसा अब स्वीकार नहीं है वह अब खुलकर हिंसा के मुद्दे पर बात करने लगे हैं। यह ताजा आकड़ें ब्रेकथ्रू के किशोर-किशोरी सशक्तिकरण कार्यक्रमदे ताली’ (teen-adolescent empowerment program 'De Tali') के इंडलाइन सर्वे से आए हैं। 

 

उत्तर प्रदेश के 6 जिलों- लखनऊ, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, जौनपुर और गाजीपुर में 11-22 आयुवर्ग के किशोर-किशोरियों के साथ यह सर्वे किया गया है। 2015 में इन जिलों में हम लोगों ने किशोर-किशोरियों (adolescent girls) के शिक्षा, स्वास्थ्य, लिंग आधारित भेदभाव जैसे मुद्दों पर काम करना शुरू किया था। जिसके सुखद परिणाम हमारी इंडलाइन सर्वे में देखने को मिले है।

 

किशोर-किशोरियों में स्वास्थ्य केंद्रो जाने (visits to health centers among adolescent girls) की दर में भी 10 फीसदी का इजाफा हुआ। जो पहले 44% था जो बढ़कर 54 प्रतिशत हो गया। वहीं किसी भी तरह से स्वाथ्य केंद्रों पर जाकर या बिना जाए भी स्वास्थ्य सेवाओं के लाभ लेने (availing health services) की दर भी बेसलाइन सर्वे के 18 फीसदी से बढ़कर 56 फीसदी हो गया है। 

 

इस अवसर पर ब्रेकथ्रू के कैंपेनदख़ल दो’ (Dakhal Do) के बारे में भी जानकारी दी गई, यह कैंपेन महिलाओं और लड़कियों के साथ होने वाली हिंसा को रोकने के लिए बायस्टेंडर को दख़ल देने के लिए प्रेरित करता है। अभिनेता राजकुमार राव (Rajkummar Rao) ‘दख़ल दोकैंपेन के ब्रांड एंबेसडर हैं।

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