देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

अंतर्राष्ट्रीय

स्वास्थ्य विषमताओं के कारण अनेक विकलांगजन की समय से पहले ही मौत हो जाती है: विश्व स्वास्थ्य संगठन

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शुक्रवार को प्रकाशित ‘Global report on health equity for persons with disabilities’ रिपोर्ट में चिंता जताई है कि व्यवस्थागत और निरन्तर व्याप्त स्वास्थ्य विषमताओं के कारण, अनेक विकलांगजन की समय से पहले ही मौत हो जाती है।

हे.जा.स.
December 04 2022 Updated: December 04 2022 03:20
0 27193
स्वास्थ्य विषमताओं के कारण अनेक विकलांगजन की समय से पहले ही मौत हो जाती है: विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रतीकात्मक चित्र

जेनेवा। विकलांगता की अवस्था में जीवन गुज़ार रहे लोगों के लिये उनकी समय से पूर्व मृत्यु होने या फिर उनके बीमार पड़ने का जोखिम, समाज के अन्य वर्गों की तुलना में अधिक होता है। अन्तरराष्ट्रीय विकलांगजन दिवस पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट में उक्त चिंता व्यक्त किया गया है। 


विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शुक्रवार को प्रकाशित ‘Global report on health equity for persons with disabilities’ रिपोर्ट में चिंता जताई है कि व्यवस्थागत और निरन्तर व्याप्त स्वास्थ्य विषमताओं के कारण, अनेक विकलांगजन की समय से पहले ही मौत हो जाती है। विकलांगता के बिना जीवन गुज़ारने वाले लोगों की तुलना में, विकलांगजन की 20 वर्ष पहले तक मौत हो सकती है। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि विकलांगजन के अनेक ऐसी बीमारियों से पीड़ित होने का भी जोखिम अधिक होता है, जो कि लम्बे समय तक उनको परेशान करती हैं। इनमें दमा (asthma), मानसिक अवसाद (mental depression), मधुमेह (diabetes), मोटापा (obesity), मौखिक बीमारियाँ (oral diseases) समेत अन्य रोग हैं। 


यूएन एजेंसी के अनुसार स्वास्थ्य में मौजूदा भिन्नताओं को स्वास्थ्य अवस्था या फिर असमर्थता से नहीं, केवल उन अनुचित, अन्यायपूर्ण कारकों से ही समझाया जा सकता है, जिनकी रोकथाम सम्भव है। ‘अन्तरराष्ट्रीय विकलांगजन दिवस’ (International Day of Persons with Disabilities) से पहले जारी की गई यह रिपोर्ट बताती है कि विश्व भर में, अक्षमताओं के साथ रहने वाले लोगों की संख्या बढ़कर एक अरब 30 करोड़ तक पहुँच गई है। 


विकलांगजन का यह विशाल आँकड़ा, उनके लिये समाज के सभी आयामों में पूर्ण व कारगर भागेदारी की अहमियत को रेखांकित करता है। इस क्रम में, स्वास्थ्य सैक्टर में समावेशन, सुलभता और ग़ैर-भेदभाव के सिद्धान्तों का ध्यान रखा जाना होगा.


स्वास्थ्य क्षेत्र में विषमताएँ - Disparities in the health sector
रिपोर्ट में स्वास्थ्य प्रणालियों में अनुचित, अन्यायपूर्ण और विषमता को बढ़ावा देने वाली परिस्थितियों से निपटने के लिये तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया गया है। 


विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉक्टर टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने क्षोभ प्रकट करते हुए कहा, “स्वास्थ्य प्रणालियाँ, विकलांगता का सामना करने वाले लोगों की चुनौतियों को दूर करने के लिये होनी चाहिएँ, उन्हें बढ़ाने के लिये नहीं।” स्वास्थ्य प्रणालियों में विकलांगजन को निम्न प्रकार के रवैयों व बर्ताव का सामना करना पड़ सकता है। 


रिपोर्ट के अनुसार 80 फ़ीसदी विकलांगजन निम्न- और मध्यम-आय वाले देशों में रहते हैं, जहाँ स्वास्थ्य सेवाएँ सीमित हैं, और इस वजह से स्वास्थ्य विषमताओं को दूर कर पाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने ज़ोर देकर कहा है कि स्वास्थ्य सैक्टर में विकलांगजन के समावेशन को बढ़ावा देना किफ़ायती साबित होता है। 


संगठन के अनुसार विकलांगता-समावेशी, ग़ैर-संचारी रोग (non-communicable disease) रोकथाम व देखभाल प्रयासों में हर एक डॉलर के निवेश से क़रीब 10 डॉलर तक का लाभ हो सकता है। विकलांगजन को अपने जीवन के लगभग हर पहलू में अक्सर चुनौतियों व मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। 


लक्षित व व्यापक कार्रवाई - Targeted and comprehensive action
रिपोर्ट में सरकारों के लिये ऐसे 40 उपाय सुझाए गए हैं, जिन्हें स्वास्थ्य सैक्टर (health sector) में बेहतरी लाने के इरादे से लागू किया जा सकता है। यूएन विशेषज्ञों का मानना है कि विकलांगजन के लिये स्वास्थ्य समता (health equity) को सुनिश्चित करने के वृहद लाभ होंगे, और वैश्विक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को तीन तरीक़ों से आगे बढ़ाया जा सकता है। 

  • सर्वजन के लिये स्वास्थ्य समता, सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की प्राप्ति की दिशा में बहुत अहम है। 
  • विभिन्न सैक्टरों में समतापूर्वक लागू किए गए समावेशी सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेपों से स्वस्थ आबादी में योगदान मिलता है। 
  • विकलांगजन के लिये स्वास्थ्य समता को बढ़ाया जाना, स्वास्थ्य आपात स्थिति में हर एक की रक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों में एक अहम घटक है। 

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार वृद्धजन, ग़ैर-संचारी रोगों के पीड़ितों, प्रवासियों व शरणार्थियों समेत आबादी के वे हिस्से स्वास्थ्य सैक्टर में विकलांगजन के लिए समावेशन उपायों से लाभान्वित हो सकते हैं। 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

अनार के छिलके के गुणों को जानकर हो जाएंगे हैरान

अनार के छिलके के गुणों को जानकर हो जाएंगे हैरान

लेख विभाग June 03 2023 37255

अनार के छिलके में बहुत सारा विटामिन सी होता है, जो हमारे पूरे शारीरिक विकास के लिए एक और महत्वपूर्ण

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सीएचसी का किया औचक निरीक्षण

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सीएचसी का किया औचक निरीक्षण

विशेष संवाददाता January 29 2023 24043

हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने शुक्रवार को गांव बाता स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के औच

नालंदा के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बनाया जायेगा स्तनपान वार्ड

नालंदा के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बनाया जायेगा स्तनपान वार्ड

admin November 03 2022 29970

स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्देशित है कि स्तनपान वार्ड ओपीडी के करीब स्थापित किया जायेगा। इसके अतिरिक्

ओमिक्रॉन से दोबारा संक्रमण होने का ख़तरा पाँच गुना ज़्यादा

ओमिक्रॉन से दोबारा संक्रमण होने का ख़तरा पाँच गुना ज़्यादा

एस. के. राणा February 22 2022 31279

इस वक्त जब दुनियाभर में कोविड के मामलों में गिरावट देखी जा रही है, हाल ही में इम्पीरियल कॉलेज लंदन द

असफलता से ना हो निराश, जानिए ये मूल मंत्र हो जाएंगे सफल

असफलता से ना हो निराश, जानिए ये मूल मंत्र हो जाएंगे सफल

अखण्ड प्रताप सिंह July 08 2023 165585

आपको असफलता से निराश नहीं होना है। आप अपनी गलतियों से सीखिएं और कोशिश करिए कि कहां चूक हुई है, क्यों

कोरोना संक्रमण से उत्पन्न प्रतिरोधक क्षमता नौ महीने, टीके से छह महीने और हाइब्रिड इम्यूनिटी दस महीने तक असरदार

कोरोना संक्रमण से उत्पन्न प्रतिरोधक क्षमता नौ महीने, टीके से छह महीने और हाइब्रिड इम्यूनिटी दस महीने तक असरदार

हे.जा.स. December 31 2021 30634

आईसीएमआर के महानिदेशक डा. बलराम भार्गव ने कहा कि संक्रमण से तीन प्रकार से प्रतिरोधकता पैदा होती है।

मुख्यमंत्री गहलोत ने की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यो की बैठक ली

मुख्यमंत्री गहलोत ने की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यो की बैठक ली

जीतेंद्र कुमार October 28 2022 29215

इसी कड़ी में मुख्यमंत्री गहलोत ने अपने निवास पर स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं का फीडबैक लिया। इसके लिए

टीबी मुक्त भारत अभियान में शामिल हुए यूपी के हेल्थ एंड वेलनेस सेन्टर्स

टीबी मुक्त भारत अभियान में शामिल हुए यूपी के हेल्थ एंड वेलनेस सेन्टर्स

रंजीव ठाकुर August 23 2022 34995

देश को वर्ष 2025 तक क्षय रोग यानि टीबी मुक्त बनाने के प्रधानमंत्री के आह्वान के मद्देनजर अब प्रदेश क

Associations of smoking and alcohol consumption with the development of open angle glaucoma

Associations of smoking and alcohol consumption with the development of open angle glaucoma

British Medical Journal October 16 2023 83605

Alcohol consumption was associated with an increased risk of developing glaucoma, particularly in me

मेदांता ने एओर्टिक स्टेनोसिस मैनेजमेंट की जरूरत वाले मरीजों के लिए उम्मीद की नई आस जगाई

मेदांता ने एओर्टिक स्टेनोसिस मैनेजमेंट की जरूरत वाले मरीजों के लिए उम्मीद की नई आस जगाई

हुज़ैफ़ा अबरार December 12 2025 4221

मेदांता द मेडिसिटी, गुरुग्राम के कार्डियोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. प्रवीण चंद्रा ने कहा, ‘यह मामला द

Login Panel