देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

अंतर्राष्ट्रीय

स्वास्थ्य विषमताओं के कारण अनेक विकलांगजन की समय से पहले ही मौत हो जाती है: विश्व स्वास्थ्य संगठन

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शुक्रवार को प्रकाशित ‘Global report on health equity for persons with disabilities’ रिपोर्ट में चिंता जताई है कि व्यवस्थागत और निरन्तर व्याप्त स्वास्थ्य विषमताओं के कारण, अनेक विकलांगजन की समय से पहले ही मौत हो जाती है।

हे.जा.स.
December 04 2022 Updated: December 04 2022 03:20
0 27025
स्वास्थ्य विषमताओं के कारण अनेक विकलांगजन की समय से पहले ही मौत हो जाती है: विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रतीकात्मक चित्र

जेनेवा। विकलांगता की अवस्था में जीवन गुज़ार रहे लोगों के लिये उनकी समय से पूर्व मृत्यु होने या फिर उनके बीमार पड़ने का जोखिम, समाज के अन्य वर्गों की तुलना में अधिक होता है। अन्तरराष्ट्रीय विकलांगजन दिवस पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट में उक्त चिंता व्यक्त किया गया है। 


विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शुक्रवार को प्रकाशित ‘Global report on health equity for persons with disabilities’ रिपोर्ट में चिंता जताई है कि व्यवस्थागत और निरन्तर व्याप्त स्वास्थ्य विषमताओं के कारण, अनेक विकलांगजन की समय से पहले ही मौत हो जाती है। विकलांगता के बिना जीवन गुज़ारने वाले लोगों की तुलना में, विकलांगजन की 20 वर्ष पहले तक मौत हो सकती है। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि विकलांगजन के अनेक ऐसी बीमारियों से पीड़ित होने का भी जोखिम अधिक होता है, जो कि लम्बे समय तक उनको परेशान करती हैं। इनमें दमा (asthma), मानसिक अवसाद (mental depression), मधुमेह (diabetes), मोटापा (obesity), मौखिक बीमारियाँ (oral diseases) समेत अन्य रोग हैं। 


यूएन एजेंसी के अनुसार स्वास्थ्य में मौजूदा भिन्नताओं को स्वास्थ्य अवस्था या फिर असमर्थता से नहीं, केवल उन अनुचित, अन्यायपूर्ण कारकों से ही समझाया जा सकता है, जिनकी रोकथाम सम्भव है। ‘अन्तरराष्ट्रीय विकलांगजन दिवस’ (International Day of Persons with Disabilities) से पहले जारी की गई यह रिपोर्ट बताती है कि विश्व भर में, अक्षमताओं के साथ रहने वाले लोगों की संख्या बढ़कर एक अरब 30 करोड़ तक पहुँच गई है। 


विकलांगजन का यह विशाल आँकड़ा, उनके लिये समाज के सभी आयामों में पूर्ण व कारगर भागेदारी की अहमियत को रेखांकित करता है। इस क्रम में, स्वास्थ्य सैक्टर में समावेशन, सुलभता और ग़ैर-भेदभाव के सिद्धान्तों का ध्यान रखा जाना होगा.


स्वास्थ्य क्षेत्र में विषमताएँ - Disparities in the health sector
रिपोर्ट में स्वास्थ्य प्रणालियों में अनुचित, अन्यायपूर्ण और विषमता को बढ़ावा देने वाली परिस्थितियों से निपटने के लिये तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया गया है। 


विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉक्टर टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने क्षोभ प्रकट करते हुए कहा, “स्वास्थ्य प्रणालियाँ, विकलांगता का सामना करने वाले लोगों की चुनौतियों को दूर करने के लिये होनी चाहिएँ, उन्हें बढ़ाने के लिये नहीं।” स्वास्थ्य प्रणालियों में विकलांगजन को निम्न प्रकार के रवैयों व बर्ताव का सामना करना पड़ सकता है। 


रिपोर्ट के अनुसार 80 फ़ीसदी विकलांगजन निम्न- और मध्यम-आय वाले देशों में रहते हैं, जहाँ स्वास्थ्य सेवाएँ सीमित हैं, और इस वजह से स्वास्थ्य विषमताओं को दूर कर पाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने ज़ोर देकर कहा है कि स्वास्थ्य सैक्टर में विकलांगजन के समावेशन को बढ़ावा देना किफ़ायती साबित होता है। 


संगठन के अनुसार विकलांगता-समावेशी, ग़ैर-संचारी रोग (non-communicable disease) रोकथाम व देखभाल प्रयासों में हर एक डॉलर के निवेश से क़रीब 10 डॉलर तक का लाभ हो सकता है। विकलांगजन को अपने जीवन के लगभग हर पहलू में अक्सर चुनौतियों व मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। 


लक्षित व व्यापक कार्रवाई - Targeted and comprehensive action
रिपोर्ट में सरकारों के लिये ऐसे 40 उपाय सुझाए गए हैं, जिन्हें स्वास्थ्य सैक्टर (health sector) में बेहतरी लाने के इरादे से लागू किया जा सकता है। यूएन विशेषज्ञों का मानना है कि विकलांगजन के लिये स्वास्थ्य समता (health equity) को सुनिश्चित करने के वृहद लाभ होंगे, और वैश्विक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को तीन तरीक़ों से आगे बढ़ाया जा सकता है। 

  • सर्वजन के लिये स्वास्थ्य समता, सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की प्राप्ति की दिशा में बहुत अहम है। 
  • विभिन्न सैक्टरों में समतापूर्वक लागू किए गए समावेशी सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेपों से स्वस्थ आबादी में योगदान मिलता है। 
  • विकलांगजन के लिये स्वास्थ्य समता को बढ़ाया जाना, स्वास्थ्य आपात स्थिति में हर एक की रक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों में एक अहम घटक है। 

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार वृद्धजन, ग़ैर-संचारी रोगों के पीड़ितों, प्रवासियों व शरणार्थियों समेत आबादी के वे हिस्से स्वास्थ्य सैक्टर में विकलांगजन के लिए समावेशन उपायों से लाभान्वित हो सकते हैं। 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

जानवरों और मानव में डिजीज ट्रान्सफर पर शोध होना चाहिए: डॉ मनसुख मांडविया

जानवरों और मानव में डिजीज ट्रान्सफर पर शोध होना चाहिए: डॉ मनसुख मांडविया

रंजीव ठाकुर September 13 2022 29834

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने कहा कि हमारी जीवन शैली में परस्पर म

ग्लेनमार्क, स्ट्राइड्स फार्मा और सिप्ला ने अमेरिका से वापस मंगाईं अपनी दवाएं

ग्लेनमार्क, स्ट्राइड्स फार्मा और सिप्ला ने अमेरिका से वापस मंगाईं अपनी दवाएं

श्वेता सिंह August 22 2022 37247

दवाओं के सबसे बड़े बाजार अमेरिका से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। दवा कंपनियां ग्लेनमार्क, स्ट्

स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत का बजट पर्याप्त नहीं - वी के पॉल

स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत का बजट पर्याप्त नहीं - वी के पॉल

हे.जा.स. November 20 2020 21204

स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत का कुल खर्च कम है। इसे ठीक किया जाना चाहिए। यह कठिन  संसाधनों से आता है औ

बरसात में फंगल इंफेक्शन: लक्षण, कारण और बचाव

बरसात में फंगल इंफेक्शन: लक्षण, कारण और बचाव

लेख विभाग July 14 2022 42098

गर्मियों के बाद सावन की फुहारों का इंतजार सभी को रहता है लेकिन यह बारिश अपने साथ फंगल इंफेक्शन को भी

डॉक्टर कोरोना वैक्सीन का साइड इफेक्ट समझकर करते रहें इलाज, थी ये बीमारी ?

डॉक्टर कोरोना वैक्सीन का साइड इफेक्ट समझकर करते रहें इलाज, थी ये बीमारी ?

एस. के. राणा February 24 2023 28698

कोरोना ने दुनिया में जमकर कहर बरपाया था। वहीं अब कोविड वैक्सीन से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामन

दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों में फिर से पैर फैला रहा कोरोना

दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों में फिर से पैर फैला रहा कोरोना

एस. के. राणा April 13 2022 28897

देशभर में एक बार फिर से कोरोना के नए मामले सामने आने लगे हैं। दिल्ली-एनसीआर के स्कूल में कोरोना फैलत

बलरामपुर अस्पताल में बुखार, डायरिया के साथ निर्जलीकरण व कुपोषण से ग्रसित बच्चे का ऐसे हुआ उपचार

बलरामपुर अस्पताल में बुखार, डायरिया के साथ निर्जलीकरण व कुपोषण से ग्रसित बच्चे का ऐसे हुआ उपचार

admin September 17 2022 40882

बलरामपुर अस्पताल में ओपीडी में जब अयांश आया था तो वह बुखार और डायरिया के साथ निर्जलीकरण व कुपोषण से

मेडिकल कॉलेज का भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने किया निरीक्षण

मेडिकल कॉलेज का भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने किया निरीक्षण

विशेष संवाददाता June 09 2023 34749

अविनाश राय खन्ना ने बताया की यह मेडिकल कॉलेज का अंडर निर्माण चल रहा है। जिसको बहुत ही जल्दी जनता को

कोविड के बाद सुपरबग बनेगा खतरा

कोविड के बाद सुपरबग बनेगा खतरा

विशेष संवाददाता January 03 2023 21672

सुपरबग खतरनाक पैथोजन है, जिस पर दवा भी बेअसर हो जाती है। अस्पतालों से इसके फैलने की संभावना अधिक है

कोरोना रोधी टीकों के बारें में जानिये डॉ. रेनु स्वरूप से।   

कोरोना रोधी टीकों के बारें में जानिये डॉ. रेनु स्वरूप से।   

हे.जा.स. May 12 2021 34384

जैव प्रौद्यौगिकी विभाग की सचिव डॉ. रेनु स्वरूप ने एक साक्षात्कार में टीकों की उपलब्धता बढ़ाने और नए

Login Panel