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लखनऊ। आजमगढ़ निवासी 19 वर्षीय अंशुमान को दो महीने पहले बुखार के साथ में सांस लेने में तकलीफ़ होने लगी। उनको यूरिन भी नहीं हो रहा था। इस पर उन्होंने मऊ जिले में एक अस्पताल में दिखाया तो डाक्टर ने उनको तुरंत भर्ती किया, कुछ जांचे करवायी लेकिन मर्ज न पकड़ पाने पर मरीज को आजमगढ़ के एक प्राइवेट हॉस्पिटल भेज दिया लेकिन वहां पर भी आराम न मिलने पर उन्हें डॉक्टर ने लखनऊ रेफर कर दिया।
मरीज ने परिचित की सलाह पर गोमतीनगर स्थित सहारा हॉस्पिटल (Sahara Hospital ) में इलाज करवाने का निश्चय किया। जब उन्हें इलाज के लिए सहारा हॉस्पिटल लाया जा रहा था तो रास्ते में उनकी हालत गंभीर होने लगी और सांस लेने में ज्यादा कठिनाई होने लगी।
सहारा हॉस्पिटल की इमरजेंसी में भर्ती होने पर मरीज में डेंगू (dengue) के लक्षण मिले और ऑक्सीजन का स्तर (oxygen level) काफी कम था। मरीज की जांचों से पता चला कि उसका क्रिएटनीन 9.8 था और किडनी (kidney) काम नहीं कर रही थी मरीज को उल्टियां लगातार हो रही थी और यूरिन नहीं हो रही थी।
सहारा हॉस्पिटल की इमरजेंसी (Emergency) में इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसलटेंट डॉक्टर सुनील वर्मा ने मरीज का इलाज शुरू किया। मरीज का इलाज आईसीयू (critical care) में लगभग 10 दिन तक सम्पूर्ण देखभाल के साथ की गई। मरीज का हीमोग्लोबिन ( hemoglobin) 2.2 था। हॉस्पिटल में भर्ती के दौरान उसका प्लाज्मा फेरेसिस हुआ और उसको 48 यूनिट एफ एफ पी और 8 यूनिट पी आर बी सी चढ़ाया गया, लगभग डेढ़ महीने भर्ती रहने के दौरान मरीज की कई बार डायलिसिस (dialysis) भी हुई।
सहारा हॉस्पिटल में सभी सुविधाएं एक छत के नीचे उपलब्ध हैं, इसलिए मरीज को ब्लड बैंक (blood bank) की सुविधा और डॉक्टर की टीम की सुविधा उपलब्ध हो पायी, इससे मरीज को सफल इलाज प्राप्त हो पाया। लगभग डेढ़ महीने चले इलाज के बाद अब मरीज का क्रिएटनीन 0.7 आ गया और हीमोग्लोबिन भी 11.9 हो गया। किडनी अब ठीक से काम करने लगी है और ऑक्सीजन का स्तर भी ठीक हो गया है। इस सफल इलाज के लिए मरीज एवं उनके परिजनों ने हास्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विभाग (Internal Medicine Department) के डॉक्टर सुनील वर्मा का धन्यवाद किया और सुविधाओं के लिए हॉस्पिटल मैनेजमेंट के प्रति आभार जताया।
मरीज के सफल इलाज में सहारा हॉस्पिटल के ब्लड बैंक के हेड डॉक्टर अरविंद सिंह एवं ब्लड बैंक के टेक्नीशियन डेविड एवं सहारा हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजिस्ट (Nephrologist) डॉक्टर शोमित सिंह एवं हेमेटोलॉजिस्ट (Hematologist) डॉक्टर मोना का योगदान सराहनीय रहा। सभी के सामूहिक प्रयास से मरीज के इलाज में सफलता मिली।
सहारा इंडिया परिवार के वरिष्ठ सलाहकार अनिल विक्रम सिंह ने बताया कि संपूर्ण उत्तर भारत से लेकर नेपाल, बिहार तक के मरीज सहारा हॉस्पिटल में इलाज के लिए आते हैं।







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