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सेक्स ऑर्गेज्म यानी यौन संबंध के दौरान होने वाली उत्तेजना के शिखर स्तर तक पहुंचने को कहतें हैं। इसकी अंतिम परिणीति वीर्यपात के साथ होती है। इससे समागम में युक्त स्त्री और पुरुष के शरीर, पेल्विक मसल्स, नसों और जननांग (genitals) व उसके आसपास एक मजबूत औऱ ताकतवर सेंसेशन महसूस होती है, जो कि एक इरोटिक टेंशन के रिलीज होने के साथ खत्म होती है।
Archives of Sexual Behavior के एक शोध में यह तथ्य सामने आया है कि पुरुष के साथ समागम (intercourse) करने पर केवल 65 प्रतिशत महिलाएं सेक्स ऑर्गेज्म को महसूस कर पातीं हैं। सेक्स में चरमसुख से वंचित रहने पर महिलाओं में अनेक प्रकार के मानसिक रोग भी हो सकतें हैं। समझतें हैं ऑर्गेज़्म की समस्या को।
ऑर्गेज़्म की समस्या - Orgasm problem
प्राथमिक - महिला जिसे कभी ऑर्गेज़्म नहीं हुआ हो
सेकंडेरी - उसे अतीत में ऑर्गेज़्म हुआ हो लेकिन अब नहीं हो रहा हो
कुछ महिलाओं (women) को सेक्स (sex) का आनंद लेने के लिए एक ऑर्गेज़्म की आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि, अन्य महिलाओं और उनके सहयोगियों के लिए, ऑर्गेज़्म आने में असमर्थ होना एक समस्या हो सकती है।
सेक्सुअल एडवाइस एसोसिएशन (sexual advice association) के अनुसार, ऑर्गेज़्म के मुद्दों सहित यौन समस्याएं, लगभग 50% महिलाओं पर असर डालती हैं और महिलाओं की उम्र बढ़ने के साथ ही आम हो जाती हैं।
ऑर्गेज़्म पाने में असमर्थ लोग जननेन्द्रिय मेडिसिन क्लिनिक (genitourinary medicine clinic) में डॉक्टर (doctor) को दिखाएं। वे किसी भी शारीरिक कारण के लिए जांच कर सकते हैं जो समस्या का कारण बन रहा है। यदि कारण मनोवैज्ञानिक है तो यौन थेरेपिस्ट (sex therapist) या डॉक्टर को दिखाना सहायक हो सकता है।
महिलाओं में ऑर्गेज़्म की समस्या के कारण शारीरिक और मनोवैज्ञानिक दोनों हो सकते हैं जिसमें ये शामिल हैं:







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