देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

अंतर्राष्ट्रीय

मिट्टी में बढ़ रहे खारेपन से बढ़ेगी वैश्विक ख़ाद्य समस्या।

मृदा या मिट्टी के खारेपन से तात्पर्य मिट्टी में नमक के अत्यधिक स्तर का पाया जाना है, जिससे पौधों और वनस्पति का विकास प्रभावित होता है।

हे.जा.स.
December 04 2021 Updated: December 04 2021 21:08
0 27649
मिट्टी में बढ़ रहे खारेपन से बढ़ेगी वैश्विक ख़ाद्य समस्या। प्रतीकात्मक

वाशिंगटन। जल की अपर्याप्त आपूर्ति और ख़राब गुणवत्ता वाली जल निकासी प्रणालियों समेत, अनुपयुक्त जल प्रबन्धन के कारण मिट्टी का खारापन बढ रहा है। खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने इसे एक ऐसी समस्या बताया है जिससे वैश्विक ख़ाद्य सुरक्षा के लिये संकट बढ़ रहा है।

मृदा (soil) या मिट्टी के खारेपन से तात्पर्य मिट्टी में नमक के अत्यधिक स्तर का पाया जाना है, जिससे पौधों और वनस्पति (vegetation) का विकास प्रभावित होता है और यह जीवन के लिये ज़हरीला भी हो सकता है। ऐसा स्वाभाविक वजहों से हो सकता है, जैसेकि मरुस्थलों में जल की कमी और गहन वाष्पीकरण के कारण, या फिर मानवीय गतिविधियाँ भी मिट्टी में खारेपन की वजह बन सकती हैं।

‘विश्व मृदा दिवस’ (World Soil Day) हर वर्ष 5 दिसम्बर को मनाया जाता है, जिसके ज़रिये स्वस्थ मिट्टी की अहमियत को रेखांकित करने के साथ-साथ मृदा संसाधनों के टिकाऊ इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाता है।

यूएन एजेंसी के महानिदेशक क्यू डोन्गयू ने शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा, “मिट्टी, कृषि की नींव है और दुनिया भर में किसान, हमारे द्वारा खाये जाने वाले 95 फ़ीसदी भोजन के उत्पादन के लिये मिट्टी पर निर्भर हैं। इसके बावजूद, हमारी मृदाओं के लिये जोखिम पैदा हो गया है।”

यूएन एजेंसी ने ज़ोर देकर कहा है कि कृषि के टिकाऊ तौर-तरीक़ों के अभाव, प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन और बढ़ती विश्व आबादी के कारण, मृदा पर दबाव बढ़ रहा है, और दुनिया भर में चिन्ताजनक दर पर मृदाक्षरण हो रहा है।

एक अनुमान के अनुसार, 83 करोड़ हैक्टेयर से अधिक मृदा, पहले से ही खारेपन से प्रभावित है, जोकि विश्व में भूमि की कुल सतह का 9 फ़ीसदी, या मोटे तौर पर, भारत के आकार का चार गुना है। खारेपन से प्रभावित मिट्टी, सभी महाद्वीपों और हर प्रकार की जलवायु परिस्थितियों में पाई जाती है। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में मध्य एशिया, मध्य पूर्व, दक्षिण अमेरिका, उत्तर अफ़्रीका और प्रशान्त क्षेत्र हैं।


मृदा संसाधनों के बेहतर प्रबन्धन के लिये, यूएन एजेंसी देशों को ज़रूरी समर्थन मुहैया करा रही है। उदाहरणस्वरूप, उज़बेकिस्तान में, यूएन एजेंसी की वैश्विक मृदा साझीदारी (Global Soil Partnership) के तहत, वैज्ञानिकों scientist) के साथ मिलकर जलवायु-स्मार्ट मृदा प्रबन्धन (smart soil management) तरीक़ों को विकसित किया जा रहा है। इससे, मिट्टी के खारेपन से प्रभावित इलाकों में फ़सलों (crops) को फिर से फलने-फूलने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा, यूएन एजेंसी (UN Agencies) ने भरोसेमन्द डेटा की उपलब्धता पर भी बल दिया है। अनेक देश इस विषय में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाले 142 देशों में से 55 प्रतिशत के पास मृदा विश्लेषण के लिये पर्याप्त क्षमता का अभाव है। इनमें से अधिकाँश देश अफ़्रीका (Africa) और एशिया (Asia) में स्थित हैं।

यूएन एजेंसी के मुताबिक़, जलवायु परिवर्तन अनुकूलन व कार्बन उत्सर्जन में कटौती के लिये, स्वस्थ मृदा की अहम भूमिका पर, पिछले महीने कॉप26 जलवायु सम्मेलन के दौरान भी चर्चा हुई। एजेंसी ने देशों से आग्रह किया है कि टिकाऊ मृदा प्रबन्धन के लिये मज़बूत संकल्प लेते हुए, मिट्टी से जुड़ी जानकारी व क्षमताओं को जल्द से जल्द बेहतर बनाया जाना होगा।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

मंकीपॉक्स टीका सभी के लिए जरूरी नहीं: एनआईवी निदेशक

मंकीपॉक्स टीका सभी के लिए जरूरी नहीं: एनआईवी निदेशक

विशेष संवाददाता August 27 2022 25115

एनआईवी निदेशक डॉ. अब्राहम ने कहा देश की स्थिति अभी काफी बेहतर है। मुझे नहीं लगता कि मंकीपॉक्स का टीक

नर्सेज दिवस पर फ्लोरेंस नाइटेंगल को किया याद। 

नर्सेज दिवस पर फ्लोरेंस नाइटेंगल को किया याद। 

हुज़ैफ़ा अबरार May 12 2021 30131

प्रमुख मांगों में चिकित्सालयों में नर्सेज की भारी कमी को अति शीघ्र भर्ती कर पूरा करने, समान कार्य का

HIV/AIDS पर व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु सघन जागरूकता अभियान की शुरुआत

HIV/AIDS पर व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु सघन जागरूकता अभियान की शुरुआत

हुज़ैफ़ा अबरार August 12 2026 294

आगामी दो माह तक पूरे प्रदेश में जनपद, ग्रामीण एवं समुदाय स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार गतिविधियां संच

यथार्थ हॉस्पिटल ने वॉकथॉन का आयोजन कर मनाया वर्ल्ड हार्ट डे, अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने दिखाई हरी झंडी

यथार्थ हॉस्पिटल ने वॉकथॉन का आयोजन कर मनाया वर्ल्ड हार्ट डे, अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने दिखाई हरी झंडी

हुज़ैफ़ा अबरार September 28 2025 8597

दिल्लीवासियों के लिए कार्डियोलॉजी सेवाओं में एक बड़ा कदम साबित होने वाली फिलिप्स अजुरियन कार्डियक कै

कोरोना वायरस हवा में आधे घंटे तक सक्रिय और 200 फीट तक ऊपर जा सकता है: शोध

कोरोना वायरस हवा में आधे घंटे तक सक्रिय और 200 फीट तक ऊपर जा सकता है: शोध

हे.जा.स. February 19 2022 20517

अमेरिका के एनर्जी पेसेफिक नार्थवेस्ट नेशनल लेबोरेट्री की जांच रिपोर्ट के अनुसार लोग कोरोना से ऊपर से

झारखंड के तीन मेडिकल कॉलेजों में अब मेडिकल की पढ़ाई का रास्ता साफ।

झारखंड के तीन मेडिकल कॉलेजों में अब मेडिकल की पढ़ाई का रास्ता साफ।

हे.जा.स. December 16 2021 33404

अब इन तीनों मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 100-100 सीटों पर दाखिला होगा। दुमका, हजारीबाग और पलामू मे

मंकीपॉक्स के प्रसार व रोकथाम में जुटा डब्लूएचओ

मंकीपॉक्स के प्रसार व रोकथाम में जुटा डब्लूएचओ

हे.जा.स. May 23 2022 34567

यूएन एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंकीपॉक्स के अधिकाँश मामलों में संक्रमित, बिना किसी उपचार

एयरपोर्ट पर कोरोना नियम बदला, अब आरटीपीसीआर टेस्ट और होम क्वॉरंटीन खत्म

एयरपोर्ट पर कोरोना नियम बदला, अब आरटीपीसीआर टेस्ट और होम क्वॉरंटीन खत्म

हे.जा.स. February 10 2022 32486

14 फरवरी से भारत आने वाले यात्रियों को आरटीपीआर टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होगी। इसके बदले पूर्ण टीका

मौसम ने ली करवट, अस्पतालों में बढ़े खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज

मौसम ने ली करवट, अस्पतालों में बढ़े खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज

विशेष संवाददाता April 25 2023 31007

सोमवार को अमरोहा जिला अस्पताल में 1087 मरीज ओपीडी में देखे गए। अस्पतालों में सबसे ज्यादा मालमे बुखार

अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल्स ने 500 रोबोटिक नी सर्जरी पूरी कीं, नए मिसो रोबोट का अनावरण

अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल्स ने 500 रोबोटिक नी सर्जरी पूरी कीं, नए मिसो रोबोट का अनावरण

हुज़ैफ़ा अबरार May 04 2026 1232

अब अपोलोमेडिक्स क्षेत्र का पहला निजी अस्पताल बन गया है, जहाँ नी रिप्लेसमेंट के लिए दो समर्पित रोबोट

Login Panel