












































एम्स, गोरखपुर की प्रतीकात्मक तस्वीर
गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (Aiims) गोरखपुर में सामुदायिक चिकित्सा और पारिवारिक चिकित्सा विभाग के सौजन्य से गुरुवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में वेबिनार तथा जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
वेबिनार में एम्स की कार्यकारी निदेशिका डॉ सुरेखा किशोर ने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में बहुत असमानता है। इसे दूर करने के लिए सभी संस्थाओं को मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने पूर्वी उत्तर प्रदेश को स्वस्थ बनाने के प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सामुदायिक चिकित्सा और पारिवारिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. हरि शंकर जोशी ने बताया कि प्रत्येक वर्ष विश्व स्वास्थ्य दिवस पर वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के विभिन्न आयामों पर चिंता एवं प्रयास किये जाते हैं। इस वर्ष हमारी पृथ्वी और हमारा स्वास्थ्य कैसे एक दूसरे से जुड़े हुए हैं, इसी बात पर मंथन करने कि आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।
आरएमसी, आईएमडी नई दिल्ली के अतिरिक्त निदेशक डॉ आनंद शर्मा ने वैश्विक स्तर पर हो रहे पर्यावरण परिवर्तन और इसके पृथ्वी पर हो रहे प्रभाव तथा अंततः पृथ्वीवासियों के स्वास्थ्य पर होने वाले प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की।
आईसीएमआर में पूर्व वरिष्ठ सलाहकार डॉ रमेश धीमान ने मौसम में हो रहे परिवर्तन का संचारी रोगों की स्थिति पर हो रहे असर को बड़ी बारीकी से बताने की कोशिश की तथा इस वजह से मौजूदा स्थिति में इन रोगों के रोकथाम के लिए हो रहे प्रयासों में वांछित बदलावों के बारे में चर्चा की।
अंत में सामुदायिक और पारिवारिक चिकित्सा विभाग के डॉ आनंद मोहन दीक्षित ने इस वेबिनार में भाग लेने वाले सभी वक्ताओं तथा संकाय सदस्यों तथा रेजिडेंट चिकित्सकों को उनकी मौजूदगी के लिए धन्यवाद दिया। संगोष्ठी का संचालन डॉ यू वेंकटेश ने किया।
गुरुवार को एम्स में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मेडिकल छात्र छात्राओं ने आम लोगो को जागरूक करने के लिए एक रैली भी निकाली। इसे डॉ. सुरेखा किशोर ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया।
इसके अलावा विभाग द्वारा संचालित ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र शिवपुर में तथा निकट के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय में स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। विभाग की तरफ से डॉ प्रदीप खरया, डॉ बिजित विश्वास तथा डॉ प्रेम शंकर ने विद्यालय में छात्र-छात्रों सहित सभी अध्यापक-अध्यापिकाओं को स्वस्थ आचरण तथा उत्तम स्वास्थ्य के विभिन्न आयामों के बारे में जागरूक किया। केंद्र पर चिकित्सा के लिए आये मरीजों को भी स्वस्थ जीवन के लिए किये जा सकने वाले उपायों के बारे में बताया गया।
एम्स के ओपीडी ब्लॉक में विभाग के डॉ अबू बशर ने वहां उपस्थित मरीजों के साथ ही मरीजों के साथ आये लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के लिए किये जाने वाले उपायों के बारे में बताया तथा पर्यावरण का स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव और उनसे निपटने के तरीकों पर भी चर्चा की।







हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1218
हुज़ैफ़ा अबरार October 18 2026 0 1085
विशेष संवाददाता October 21 2026 0 945
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 700
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 623
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6601
हुज़ैफ़ा अबरार October 08 2026 0 1491
हुज़ैफ़ा अबरार October 13 2026 0 1491
हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2026 0 1435
हुज़ैफ़ा अबरार October 06 2026 0 1351
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1218
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 10241
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6601
एस. के. राणा February 01 2026 0 6475
एस. के. राणा January 20 2026 0 6314
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5880
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5775
एस. के. राणा January 13 2026 0 5320
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87659
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35918
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38825
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36323
लेख विभाग March 19 2022 0 35896
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73897
इस दौरान डॉक्टर और स्टॉफ अस्पताल छोड़कर भाग गए। सूचना पर पुलिस बल के साथ पहुंचे सीओ सिटी ने मामले को
167 participants were enrolled from 2 October 2020 to 12 May 2023: 84 in the intervention group and
दुनियाभर की नदियों में दवाओं की मात्रा पता करने के लिए एक शोध किया गया था। जिसमें यह खुलासा हुआ है क
अपोलोमेडिक्स अस्पताल ने 3D टेक्नोलॉजी का प्रयोग करते हुए सिर की हड्डी का वह हूबहू वही हिस्सा बनाया।
संयुक्त राष्ट्र समर्थित वैश्विक स्वास्थ्य पहल और औषधि निर्माता कम्पनी ‘फ़ाइज़र’ में एक स्वैच्छिक लाइ
सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल के मुताबिक कोरोना का प्रकोप कम नहीं हुआ है। अभी भी 100 सक्रिय मरीज हैं। राहत
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह की सैर से किया गया। अतिथियों ने अपनी सभी मानसिक कुंठाओं व अवचेतन में स्थित
हिमाचल सरकार ने केंद्र से कोविशील्ड की 10 लाख और कॉर्बेवैक्स की एक लाख डोज मांगीं हैं।
सर्जिकल साइट इन्फेक्शन महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय है । सर्जिकल साइट इन्फेक्
जिस तेजी से भारत में इस बीमारी की जांच व रोकथाम की गई और नागरिकों को कोराना संबंधी नियमों का पालन कर

COMMENTS