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लखीमपुर। कई बार आपने सुना होगा कि प्रसव के लिए अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही बच्चे का जन्म हो गया। ऐसी घटनाओं में अक्सर माँ या बच्चे या दोनों की जान चली जाती हैं। लेकिन इस बार एक महिला ने एम्बुलेन्स में एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया और चारों स्वस्थ हैं। ऐसा एम्बुलेन्स कर्मियों की सूझबूझ से सम्भव हो सका।
लखीमपुर (Lakhimpur) के विकासखंड सदर के हसनापुर गांव निवासी गर्भवती महिला (pregnant woman) को प्रसव पीड़ा (labor pain) उठने के बाद परिजनों ने एम्बुलेन्स (ambulance) को बुलाया। फरधान, सीएचसी ले जाते समय एकाएक महिला को बहुत तेज दर्द होने लगा। उस समय तड़के 4:30 बजे का वक्त था।
एम्बुलेन्स के ईएमटी और चालक (EMT and the driver) इस बात को समझ गए और एम्बुलेन्स रोक कर एम्बुलेन्स में ही प्रसव (delivery in ambulance) करवाया गया। महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया जिनमे एक बेटा और दो बेटियां हैं।
ईएमटी मोहम्मद मसूद अहमद का कहना है कि एम्बुलेन्स में जब महिला को तेज दर्द उठा (severe pain in the ambulance) तो हम समझ गए कि प्रसव का समय (delivery time) आ गया है। फिर एम्बुलेन्स को रोक कर प्रसव करवाया गया। जन्म के समय तीनों बच्चों का वजन सामान्य था। प्रसव के बाद बच्चों सहित प्रसूता को सीएचसी फरधान में भर्ती करवाया गया है।
फरधान, सीएचसी अधीक्षक (CHC Superintendent) डॉक्टर अमित बाजपेई ने बताया कि अस्पताल का हर कर्मचारी सरकार की मंशा के अनुरूप जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन करता है। इसी लिए अस्पताल को कायाकल्प अवार्ड (Kayakalp Award) से सम्मानित किया जा चुका है। सुबह बच्चों की हालत नाजुक देखते हुए उनको जिला अस्पताल रेफर किया गया है।







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