











































प्रतीकात्मक
लखनऊ : विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड-19 की वैक्सीन ले चुके लोगों को भी कोरोना का संक्रमण हो सकता है। ऐसे में ऐसे लोगों को सतर्कता बरतते रहना आवश्यक है।
पिछले दिनों में कई ऐसे मामले भी सामने आएं हैं जिनमें पूरी तरह से वैक्सीनेटेड लोगों को भी कोरोना का संक्रमण हो रहा है। इन मामलों ने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है। जबकि संक्रमण का प्रभाव, गंभीरता या मृत्यु के जोखिम को देखते हुए टीकाकरण करा चुके लोगों में खतरा कम होता है।
कोरोना टीकों को सार्स-सीओवी-2 संक्रमण के मूलरूप के आधार पर विकसित किया गया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना के नए म्यूटेटेड वैरिएंट्स टीकों की प्रभावशीलता को कम कर रहे हैं।
कोरोना के नए वैरिएंट्स को मूल रूप से ज्यादा संक्रामक पाया जा रहा है, इसी वजह से पूरी तरह से वैक्सीनेटेड लोगों के भी संक्रमित होने का खतरा हो सकता है। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र का दावा है कि पूरी तरह से वैक्सीनेटेड लोग संक्रमण के शिकार हो भी जाएं तो इनमें गंभीर बीमारी का खतरा न के बराबर रहता है।
रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के दिशानिर्देश में दोनों डोज ले चुके लोगों को भी घर के अंदर मास्क लगाने की सलाह दी जाती है। सामाजिक दूरी बनाए रखने के अलावा, मास्क पहनना और हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखना सभी लोगों के लिए तब तक अनिवार्य है, जब तक पूरी दुनिया से कोरोना का संक्रमण पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता है।
एक अध्ययन के अनुसार वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके लोगों में, वैक्सीन नहीं लेने वाले लोगों की तुलना में लक्षण भी भिन्न हो सकते हैं। दोनों डोज ले चुके लोग अगर संक्रमित होते हैं तो उनमें सिरदर्द, गंध और स्वाद न आने की दिक्कत, नाक बहना, गले में खराश या छींक आने के लक्षण हो सकते हैं।
जिन लोगों ने टीके की दोनों खुराक प्राप्त की हैं, उनके अस्पताल में भर्ती होने या उनकी मृत्यु का जोखिम उन लोगों की तुलना में काफी कम होता है, जिन्हें टीका नहीं लगाया गया है। इसीलिए वैक्सीनेशन करा चुके लोगों को काफी हद तक सुरक्षित माना जा सकता है।







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