











































विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर सहारा हॉस्पिटल में बृहस्पतिवार को नि:शुल्क हेपेटाइटिस ‘बी’ व ‘सी’ स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया
लखनऊ। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर सहारा हॉस्पिटल में बृहस्पतिवार को नि:शुल्क हेपेटाइटिस ‘बी’ व ‘सी’ स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया, जिसकी शुरुआत सहारा इंडिया परिवार के वरिष्ठ सलाहकार अनिल विक्रम सिंह, डा. अंकुर गुप्ता एवं डॉ. दयाराम ने फीता काटकर किया। इस शिविर में कई लोगों ने अपनी जांच करायी और लाभ प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त वायरल हेपेटाइटिस के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया, वहीं, इस बीमारी की रोकथाम, परीक्षण और उपचार के बारे में भी जानकारी दी गयी।
हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (Gastroenterology) विभाग के डा. अंकुर गुप्ता ने जानकारी दी कि वर्तमान परिवेश में हेपेटाइटिस बी और सी (Hepatitis B and C) की समस्या स्वास्थ्य क्षेत्र में एक चुनौती है। पूरी दुनिया को हेपेटाइटिस की बीमारी से जागरूक करने के लिए इस साल भी 28 जुलाई को 'विश्व हेपेटाइटिस दिवस' (World Hepatitis Day) मनाया गया। साल 2022 में विश्व हेपिटाइटिस दिवस की थीम रखी गयी है "आई कांट वेट"।
डा. दयाराम के अनुसार आंकड़े बताते हैं कि हेपेटाइटिस के कारण पूरी दुनिया में हर 30 सेकंड में एक व्यक्ति की मौत हो जाती है। लगातार गंभीर हो रही इस बीमारी को देखते हुए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (World Health Organization) ने 2030 तक इसे खत्म करने का लक्ष्य रखा है। यही वजह है कि इस बीमारी को लेकर लोगों में ज्यादा से ज्यादा जागरूकता बढ़ाई जा रही है, क्योंकि जानकारी के अभाव के कारण ज्यादातर लोग इस बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं।
बताया गया कि हेपेटाइटिस मुख्यत: ‘ए’, ‘बी’, ‘सी’, ‘डी’ और ‘ई’ श्रेणी में होती है, इसमें हेपेटाइटिस ‘ए’ और ‘ई’ दूषित खाना खाने से और ‘बी’, ‘सी’, ‘डी’ संक्रमित खून से फैलता है। हेपेटाइटिस ‘बी’ और ‘सी’ वायरल से पीलिया (jaundice), सिरोसिस (cirrhosis) और लीवर कैंसर (liver cancer) होने की आशंका रहती है। दुनिया भर में करीब 350 मिलियन लोग हेपेटाइटिस बी से और 71 मिलियन लोग हेपेटाइटिस सी से पीड़ित है। यही नहीं, दवाओं से हेपेटाइटिस ‘बी’ को संभाला जा सकता है और ‘सी’ को पूर्णतया ठीक किया जा सकता है।
डा.अंकुर गुप्ता एवं डॉ. दया राम ने बताया कि हेपेटाइटिस ‘बी’ वायरस की खोज प्रोफेसर बीएस ब्लूबर्ग ने 28 जुलाई को की थी, इसलिए डब्लूएचओ ने इसी दिन को ‘विश्व हेपेटाइटिस दिवस’ के रूप में घोषित किया है।
सहारा इंडिया परिवार के वरिष्ठ सलाहकार अनिल विक्रम सिंह ने कहा कि सहारा हॉस्पिटल में प्रत्येक वर्ष हेपेटाइटिस ‘बी’ और ‘सी’ की समस्या से निपटने के लिए नि:शुल्क जांच शिविर लगाया जाता है। शिविर में सहारा हॉस्पिटल के समस्त वरिष्ठगण एवं कार्यकर्तागण भी उपस्थित थे। इसी क्रम में सहारा हॉस्पिटल (Sahara Hospital) लोगों को निरंतर अपनी सेवाएं देकर सहारा इंडिया परिवार के मुख्य अभिभावक "सहाराश्री" जी के विजन को सार्थक कर अपनी भूमिका निभा रहा हैं।







हुज़ैफ़ा अबरार May 07 2026 0 343
हुज़ैफ़ा अबरार May 03 2026 0 259
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3808
एस. के. राणा January 13 2026 0 3780
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3661
एस. के. राणा January 20 2026 0 3626
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3332
एस. के. राणा February 01 2026 0 3024
एस. के. राणा February 04 2026 0 2863
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86287
सौंदर्या राय April 08 2022 0 33888
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37131
सौंदर्या राय April 05 2022 0 34909
लेख विभाग March 19 2022 0 34314
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71573
यह वैरिएंट अपने देश के लिए भी खतरा है। XBB.3 सब-वैरिएंट की वजह से सिंगापुर में कोविड इंफेक्शन में ते
'हर घर दस्तक' मुहिम के तहत स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को टीका लगाएंगे। इस दौरान दूसरे डोज से वं
ओमीक्रोन के खतरे के बीच स्वास्थ्य विभाग के अफसर सुस्त बने हुए हैं। अभी तक ओमीक्रोन संक्रमितों के लिए
मेडिकल कालेज खोले जा रहे हैं, उनमें लेक्चरार, प्रोफेसर की नियुक्ति करनी चाहिए। सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर
विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर डॉ राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में प्रसूति एवं स्
दोनों संस्थान रैगिंग के प्रति बहुत संवेदनशील हैं। सीसीटीवी कैमरों की मदद से कैंपस के हर गतिविधि पर
यह कार्य योजना संघीय कर्मियों और अनुबंधकर्ताओं तथा कुछ खास स्वास्थ्य कर्मियों के लिए टीके की व्यवस्थ
आर्थराइटिस ना हो इसके लिए सबसे पहले खुद की दिनचर्या में बदलाव लाने की जरूरत है।
डेंगू एवं अन्य संचारी रोगों के बचाव का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। भीड़-भाड़ वाले स्थान यथा बड़े
जम्मू-कश्मीर में एक अनोखा मामला सामने आया है। डॉक्टर ने एक सरकारी अस्पताल में पैरामेडिकल स्टाफ से व्

COMMENTS