











































सांकेतिक चित्र
नयी दिल्ली। रोबोट्स विज्ञान की तरक्की का एक जीता-जागता उदाहरण हैं। वहीं पर नई-नई तकनीके सामने आने लगी है। जहां पर नि:संतान दंपत्तियों (childless couples) के लिए उम्मीद की नई किरण सामने आई है जहां पर अब रोबोट के जरिए भी माता-पिता बनना आसान है, वहीं, इसे बार्सिलोना (Barcelona) के इंजीनियरों ने डिजाइन किया है। इसे IVF यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (vitro fertilization) का नया तकनीकी चमत्कार माना जा रहा है। वहीं इस तकनीक से दुनिया में लोग हैरान हैं।
दरअसल रोबोट (Robot) के पिता बनने की ये कहानी बार्सिलोना (Barcelona) की है। वैज्ञानिकों ने यहां रोबोट की मदद से संतानोत्पति के लिए IVF तकनीक में नया प्रयोग किया है। इसे अंजाम देने के लिए रोबोट ने एक छोटी आईवीएफ इंजेक्शन (IVF injection) ली और शुक्राणु कोशिकाओं (sperm cells) को महिला के गर्भाशय में जमा किया।
मिली जानकारी के अनुसार गर्भधारण (pregnancy) के लिए रोबोट का इस्तेमाल एक दर्जन से अधिक बार किया गया। रोबोट ने आईवीएफ सुई के माध्यम से अंडों को निषेचित करने के लिए प्रयास किया, लेकिन सफलता इसके बाद जाकर मिली और जुड़वा बच्चियों का जन्म हुआ।
हर साल पूरी दुनिया में करीब 5 लाख बच्चे आईवीएफ तकनीक से पैदा होते हैं। हालांकि ऐसा अनुमान है कि प्रचलित IFV तकनीक अपनाने में जरूरतमंदों को काफी खर्चे का सामना करना पड़ता है। ऐसे में रोबोट के जरिए संतानोत्पति की नई IFV प्रकिया सुविधाजनक और कम खर्चीली साबित हो सकती है।







हुज़ैफ़ा अबरार May 07 2026 0 329
हुज़ैफ़ा अबरार May 03 2026 0 252
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3808
एस. के. राणा January 13 2026 0 3773
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3661
एस. के. राणा January 20 2026 0 3619
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3332
एस. के. राणा February 01 2026 0 3024
एस. के. राणा February 04 2026 0 2863
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86287
सौंदर्या राय April 08 2022 0 33888
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37131
सौंदर्या राय April 05 2022 0 34909
लेख विभाग March 19 2022 0 34314
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71573
मच्छरों का जीवनकाल 20 से 25 दिनों का होता है, जिसमें 9-10 दिनों तक रूके हुए पानी के अन्दर रहता है, फ
अखरोट में भरपूर मात्रा में फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो सेहत के लिए बह
गुरुवार को हार्ट अटैक से पीड़ित 41 लोग कार्डियोलॉजी में भर्ती कराए गए। वर्तमान में ह्रदय रोग संस्थान
आजादी के अमृत महोत्सव पर, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में लोहिया अस्पताल में बिना डोनर
अस्पताल की ओर से कोर्ट को बताया गया कि वह 1 मार्च से अपनी ओपीडी में 25 प्रतिशत और आईपीडी में 10 प्रत
भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में स्वास्थ्य के प्रति सम्रग दृष्टिकोण अपनाया गया जो आज अधिक प्रा
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री गहलोत ने अपने निवास पर स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं का फीडबैक लिया। इसके लिए
राजधानी के केजीएमयू ने एक बार फिर स्वास्थ्य जगत में प्रदेश का नाम ऊँचा किया है। ऐसा पहली बार हुआ है
बता दें कि एम्स में आई 28 वर्षीय गर्भवती महिला इससे पहले 3 बार गर्भपात हो चुका था। महिला को अल्ट्रा
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज को सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉकों में सोसाइटी का प्रारूप बनाने की जिम्मेदारी दी गई

COMMENTS