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कानपुर (लखनऊ ब्यूरो)। शहर में लगातार भयावह हो रहा डेंगू का प्रकोप कोरोना जैसी गंभीर से भी घातक रूप अख्तियार करता जा रहा है। डेंगू शहर में थमने का नाम ही नहीं ले रहा है बल्कि आउट ऑफ कन्ट्रोल होता जा रहा है। बीते 24 घंटे में दो बच्चों के साथ 43 नए मरीज सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हडकम्प मचा हुआ है।
शहर में अब डेंगू (dengue) मरीजों की कुल संख्या 700 के पार जा चुकी है। चिंता की बात ये है कि डेंगू मरीजों (patients) की हालत कुछ घंटे में ही बिगड़ रही है, इसलिए मरीजों के भर्ती होने का ग्राफ भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग (health department) की रिपोर्ट के अनुसार, उर्सला में 91 सैम्पल (sample) लिए गए, जिसमें से 28 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई।
हैलट में डॉ. एसके गौतम और डॉ. सौरभ अग्रवाल की ओपीडी से 25 तो उर्सला में 8 मरीजों को भर्ती किया गया। इन सभी को गंभीर होने के कारण भर्ती (admit) किया गया है। डॉ.गौतम ने बताया कि अब मरीजों में चकत्ते और कमजोरी के लक्षण (symptoms) काफी मिल रहे हैं। ज्यादातर मरीज घर में ही इलाज करा रहे थे। दो दिन के बाद तबीयत बिगड़ी तो उन्हें भर्ती किया गया है। एसीएमओ डॉ. आरएन सिंह ने माना कि डेंगू का प्रकोप बढ़ रहा है। डेंगू से शहरवासियों को बचाने के लिए नगर निगम ने एक और बड़ा फैसला लिया है।
नगर आयुक्त शिव शरणप्पा जीएन ने अब जोनल अधिकारियों (उप नगर आयुक्तों) को भी इसकी जिम्मेदारी दी है। निर्देश दिया है कि सुनवाई के लिए नगर निगम का कंट्रोल रूम (control room) 24 घंटे खुला रहेगा। वही रोजाना अपने जोन में फॉगिंग (fogging) के लिए गाड़ियां भेज रहे थे। अब जोनल अधिकारियों को इसलिए लगाया गया है कि इस व्यवस्था की त्रिस्तरीय मॉनीटरिंग (monitoring) की जा सके।







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