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नयी दिल्ली। देश के कॉलेजज़ में अब मेडिकल, लॉ, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग और आर्ट की पढ़ाई एक साथ करने का रास्ता खुल गया है। केंद्र सरकार द्वारा नयी शिक्षा नीति के तहत बहुविषयक और पढ़ाई का बेहतर माहौल मुहैया करवाने के लिए नयी योजना को मंजूरी दी गयी है।
प्रो एम जगदीश कुमार, चेयरमैन, यूजीसी (UGC) ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने नयी शिक्षा नीति के तहत बहुविषयक और पढ़ाई का बेहतर माहौल मुहैया करवाने के लिए इस योजना को मंजूरी दे दी है।
अब मेडिकल (medical study), लॉ, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, आर्ट कॉलेज मिलकर डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई करवा सकेंगे। कोई भी एमबीबीएस (MBBS), बीडीएस (BDS), बीटेक करने वाला छात्र साथ में कला, मैनेजमेंट की भी पढ़ाई कर सकेगा।
उन्होंने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र 2022-23 से इसे लागू करने की तैयारी चल रही है। इस योजनामें बीए, बीकॉम, बीएससी, बीएड, बीटेक, एमबीबीएस, बीडीएस, बीए-एलएलबी, फिजिकल एजुकेशन (Physical Education) जैसे सिंगल डिग्री कॉलेजों को आपस में क्लस्टर बनाकर ऐसे संस्थानों को पढ़ाने की मंजूरी देना है।
इसके लिए यूजीसी रेग्यूलेशन (UGC Regulation) 2020 में संशोधन होगा। इस योजना में नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE), विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, नेशनल मेडिकल कमीशन (National Medical Commission), बार काउंसिल ऑफ इंडिया, इंडियन नर्सिंग काउंसिल (Indian Nursing Council), डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (Dental Council of India) के अधीनस्थ कॉलेज एक साथ जुड़ेंगे। हालांकि दाखिला नियम व फीस संबंधित काउंसिल या कमीशन तय करेंगे।
प्रो एम जगदीश कुमार ने कहा कि यूजीसी ने इसके लिए बाकायदा हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन इनटू मल्टी डिसप्लरी इंस्टीट्यूशन (Multi Disciplinary Institutions) की गाइडलाइन तैयार कर ली है। यूजीसी जल्दी ही इसे राज्यों और विश्वविद्यालयों को अगले शैक्षणिक सत्र से लागू करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करेगी। खास बात यह है कि नए नियमों के तहत एक कॉलेज में कम से कम तीन हजार छात्र होने जरूरी होंगे।
Edited by Ranjeev Thakur







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