











































प्रतीकात्मक चित्र
जेनेवा। मस्तिष्क स्वास्थ्य एक उभरती हुई अवधारणा है, जो न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र बल्कि व्यापक समाज का भी ध्यान आकर्षित कर रही है। दुनियाभर में इस पर समृद्ध बहस भी शुरू हो गयी है। मस्तिष्क स्वास्थ्य पर पोजिशन पेपर जारी करते हुए डब्ल्यूएचओ ने उक्त बाते कहीं।
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि मस्तिष्क (brain) और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र मानव शरीर के कमांड सेंटर हैं, जो शरीर के चेतन और अचेतन दोनों कार्यों को नियंत्रित करते हैं। इस तरह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (central nervous system) मानव जीवन के हर पहलू को प्रभावित करते हैं। यदि हमारे दिमाग को बीमारी या अन्य कारकों से चुनौती मिलती है, तो यह न केवल किसी व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य और कल्याण के लिए, बल्कि वैश्विक विकास और उत्पादकता के लिए भी महत्वपूर्ण जोखिम पैदा करता है।
यह अनुमान लगाया गया है कि 3 में से 1 व्यक्ति अपने जीवन में किसी न किसी बिंदु पर तंत्रिका संबंधी एक विकार से पीड़ित होता है। यदि ऐसा होता रहा तो तंत्रिका संबंधी विकार विकलांगता (disability) का प्रमुख कारण और मृत्यु (death) का दूसरा प्रमुख कारण बन जाएगा। इसके अतिरिक्त, निम्न और मध्यम आय वाले देशों में पांच साल से कम उम्र के 43% बच्चों को अत्यधिक गरीबी और विकास की स्टंटिंग के कारण उनकी विकास क्षमता प्रभावित होती है। जिसके कारण वित्तीय नुकसान (financial loss) होता है और बड़े होने पर ऐसे लोग सामान्य लोगों की तुलना में 26% कम वार्षिक आय (annual income) प्राप्त करतें हैं।

डब्ल्यूएचओ ( WHO) द्वारा 9 अगस्त 2022 को लॉन्च किया गया पोजिशन पेपर मस्तिष्क स्वास्थ्य और मस्तिष्क स्वास्थ्य (brain health) अनुकूलन के महत्व को समझने के लिए एक रूपरेखा प्रस्तुत करता है। इसके अनुसार मस्तिष्क स्वास्थ्य, मस्तिष्क के कार्य करने की वह स्थिति है जो विकारों की उपस्थिति या अनुपस्थिति के बावजूद संज्ञानात्मक, संवेदी, सामाजिक-भावनात्मक, व्यवहारिक और मोटर डोमेन में व्यक्ति को अपने जीवन के दौरान अपनी पूरी क्षमता का एहसास हो सकता है। पोजिशन पेपर में मस्तिष्क स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कई निर्धारकों (determinants) को चिन्हित किया गया है। ये निर्धारक मस्तिष्क के स्वास्थ्य को प्रभावित करने के लिए जाने जाते हैं। इसमें निर्धारकों के निम्नलिखित समूहों का जिक्र किया गया है:
इन निर्धारकों को नियंत्रित करके मस्तिष्क स्वास्थ्य को ठीक किया जा सकता है। इसके कई लाभ हैं। जिससे व्यक्ति स्वस्थ्य जीवन जीता है और समाज को आगे बढ़ाने में मदद करें।
डब्ल्यूएचओ द्वारा जारी पोजिशन पेपर (position paper) सार्वजनिक स्वास्थ्य और समाज के व्यापक संदर्भ में मस्तिष्क स्वास्थ्य को अनुकूलित करने की प्रासंगिकता को प्रदर्शित करता है और मस्तिष्क स्वास्थ्य निर्धारकों को संबोधित करने, मस्तिष्क स्वास्थ्य अनुसंधान में चल रही प्राथमिकताओं, और संचालन और मस्तिष्क को मापने के लिए विशिष्ट कार्यों सहित क्षेत्र के लिए व्यावहारिक नीति समाधान और भविष्य की दिशा प्रदान करता है।







हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 406
हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 357
हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4753
एस. के. राणा January 20 2026 0 4641
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4585
एस. के. राणा January 13 2026 0 4403
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4333
एस. के. राणा February 01 2026 0 3962
एस. के. राणा February 04 2026 0 3759
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86826
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34714
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37936
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35413
लेख विभाग March 19 2022 0 35007
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72455
एक दिन में सर्वाधिक 4,205 लोगों की मौत होने के बाद कुल मृतक संख्या बढ़कर 2,54,197 हो गई, जबकि संक्रम
ग्लोबल हेल्थ लिमिटेड का आईपीओ अगले सप्ताह 3 नवंबर, 2022 को खुलेगा तो 7 नवंबर तक दांव लगाने का मौका
चीन में ओमिक्रॉन वैरिएंट बेकाबू होने से कोविड संक्रमण तेजी से फैल रहा है। संक्रमण रोकने के लिए पूरे
आयुष्मान कार्ड योजना का प्रमुख उद्देश्य कमजोर वर्ग को मुफ्त इलाज की सुविधा मुहैया कराना ताकि उनको यह
जयपुर में सूअरों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर रोग तेजी से पैर पसार रहा है। कोटा के सांगोद इलाके (Sangod l
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, अगर अस्पताल में मौत हुई है तो इलाज में लापरवाही की धारा 304 लगाकर औ
रोगों का इलाज कराने से बेहतर है कि उनसे पहले से ही बचा जाए | संचारी रोगों में डेंगू, मलेरिया, चिकनगु
डा. अर्चना शर्मा खुदकुशी प्रकरण में असली गुनाहगार अभी भी पकड़े नहीं गए। डा. अर्चना के पति भी पुलिस क
गिरोह के पास से लगभग 50 लाख रुपये मूल्य की कुल 13,248 अवैध सीबीसीएस बोतलें जब्त की गई हैं। गिरोह के
इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बच्चा पोलियो टीके के सुरक्षाचक्र से वंचित न रह जाये। देश पिछल

COMMENTS